देशभर के प्रतिभाशाली पीआर प्रोफेशनल्स को मिला राष्ट्रीय मंच
इंदौर, जनवरी 2026 – बहुप्रतीक्षित इंडियाज़ रीजनल पीआर अवॉर्ड्स (IRPRA) – 40 अंडर 40 का चौथा संस्करण इस साल भी चर्चा में रहा। शनिवार को इसका वर्चुअल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस मंच पर उन चुनिंदा पीआर पेशेवरों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने 40 वर्ष की उम्र से कम होने के बावजूद अपने उत्कृष्ट काम, रचनात्मक सोच और प्रभावशाली रणनीतियों के जरिए पब्लिक रिलेशंस इंडस्ट्री में मजबूत पहचान बनाई है।
IRPRA का उद्देश्य रीजनल भारत की उभरती हुई पीआर प्रतिभाओं को पहचान देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है। चयन प्रक्रिया में वरिष्ठ इंडस्ट्री लीडर्स और कम्युनिकेशन एक्सपर्ट्स की ज्यूरी ने भाग लिया, जिससे पुरस्कारों की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई।
पैनल डिस्कशन: रीजनल मार्केट्स बन रहे ब्रांड ग्रोथ इंजन
कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रभावशाली पैनल डिस्कशन से हुई, जिसका विषय था: “रीजनल मार्केट्स ऐज़ ग्रोथ इंजन: ब्रांड्स मेट्रो शहरों से बाहर पीआर बजट क्यों शिफ्ट कर रहे हैं।” इस सत्र में यह बताया गया कि टियर-2 और टियर-3 शहर तेजी से ब्रांड ग्रोथ के नए केंद्र बन रहे हैं। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रांड अब लोकल स्ट्रेटेजी और रीजनल पीआर नेटवर्क पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।
यह चर्चा इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि आज मजबूत और प्रभावशाली कम्युनिकेशन केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। रीजनल मार्केट्स में कार्यरत प्रोफेशनल्स का योगदान अब पूरे उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बन चुका है।
पुरस्कार श्रेणियाँ और सम्मानित पेशेवर
इस वर्ष IRPRA 40 अंडर 40 में पाँच प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए:
- ब्रांड बिल्डिंग
- रूरल एरिया पीआर कैंपेन
- क्रिएटिव एंटरटेनमेंट कैंपेन
- हेल्थकेयर कम्युनिकेशन
- स्टार्टअप पीआर कैंपेन
कुल 40 पीआर पेशेवरों और 20 एजेंसियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं बल्कि उन एजेंसियों की सराहना भी करते हैं जो रीजनल पीआर को नई दिशा दे रही हैं।
बेस्ट इमर्जिंग पीआर स्ट्रैटजिस्ट
बेस्ट इमर्जिंग पीआर स्ट्रैटजिस्ट श्रेणी में उन पेशेवरों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी रणनीतिक सोच और योजनाओं के माध्यम से ब्रांड्स को सशक्त दिशा दी। इस श्रेणी के विजेता थे:
- निखिल स्वामी (पंजाब)
- प्रशांत बक्सी (गुजरात)
- हनी के. भार्गव (हरियाणा)
- राजेश हिंगू (गुजरात)
- स्वाति चक्रवर्ती (वेस्ट बंगाल)
- श्रद्धा भट्टाचार्य (मुंबई, महाराष्ट्र)
इन पेशेवरों ने दिखाया कि रणनीति और सोच के माध्यम से ब्रांड की पहचान और प्रभावशीलता को मजबूत किया जा सकता है।
बेस्ट रूरल एरिया पीआर कैंपेन
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावशाली और सामाजिक जुड़ाव आधारित अभियानों के लिए बेस्ट रूरल एरिया पीआर कैंपेन श्रेणी में सम्मानित हुए:
- हमद मोहम्मद अतीक रहमान बेरलाश्कर (असम)
- सुरभि चौरसिया (मध्य प्रदेश)
इन अभियानों ने यह साबित किया कि स्थानीय संस्कृति, आवश्यकता और संवेदनाओं को समझकर ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावशाली संचार किया जा सकता है।
बेस्ट क्रिएटिव एंटरटेनमेंट कैंपेन
क्रिएटिव एंटरटेनमेंट कैंपेन श्रेणी में उन पेशेवरों को सम्मानित किया गया जिन्होंने मनोरंजन क्षेत्र में नवाचार और रचनात्मकता के साथ शानदार परिणाम दिए:
- मानसी राठी (दिल्ली)
- धनश्री शर्मा (दिल्ली)
- रिक्ती शाह पंचाल (गुजरात)
- अमेय अंबरकर (महाराष्ट्र)
- बिजयेता त्रिपाठी (ओडिशा)
इनकी रचनात्मक सोच ने दर्शकों को जोड़ा और एंटरटेनमेंट ब्रांड्स के लिए नई ऊंचाईयों को छुआ।
बेस्ट हेल्थकेयर कम्युनिकेशन
हेल्थकेयर कम्युनिकेशन श्रेणी में उन अभियानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूकता, भरोसा और प्रभावी संचार स्थापित किया:
- रविंदर भारती (महाराष्ट्र)
- अनुभूति श्रीवास्तव
- ओजस्वी शर्मा (चंडीगढ़)
- गुरप्रीत नोंगकिनरिह (असम)
इन अभियानों ने लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्टार्टअप्स के लिए बेस्ट पीआर कैंपेन
स्टार्टअप्स के लिए प्रभावी पीआर रणनीतियों को लागू करने के लिए सम्मानित हुए:
- शेवानी ठाकुर गुप्ता (जम्मू और कश्मीर)
- मधुप्रिया सेनगुप्ता (वेस्ट बंगाल)
- पबीता मिश्रा (ओडिशा)
इन अभियानों ने यह दिखाया कि रीजनल पीआर प्लेटफॉर्म नए और उभरते ब्रांड्स के लिए कितनी अहम भूमिका निभा सकता है।
IRPRA 40 अंडर 40 का महत्व
आईआरपीआरए 40 अंडर 40 आज रीजनल पब्लिक रिलेशंस में उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है। यह मंच उन पेशेवरों को आगे लाता है जो नवाचार, स्थानीय समझ और उद्देश्यपूर्ण स्टोरीटेलिंग के माध्यम से भारत की कम्युनिकेशन इंडस्ट्री को नई दिशा दे रहे हैं। यह आयोजन युवा पीआर पेशेवरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है और उन्हें अपने काम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने का अवसर प्रदान करता है।
IRPRA के आयोजक पवन त्रिपाठी ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमेशा से रीजनल भारत में मौजूद प्रतिभाशाली पीआर प्रोफेशनल्स को पहचान देना रहा है। इस वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से मिली भागीदारी यह दर्शाती है कि आज प्रभावशाली कम्युनिकेशन केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ।”
इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि रीजनल पीआर प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और प्रभावशाली काम करने में सक्षम है।
