IPS कैडर अलॉटमेंट 2024: यूपी को 12, एमपी को 11 पद, छत्तीसगढ़ को नहीं मिला कोई नया IPS पद
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 के तहत चयनित IPS अधिकारियों के लिए कैडर अलॉटमेंट सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार देशभर के विभिन्न राज्यों और कैडर में कुल 147 IPS पदों का आवंटन किया गया है। इस बार उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 12 पद मिले हैं, जबकि मध्य प्रदेश को 11 पद आवंटित किए गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ को इस बार एक भी नया IPS पद नहीं मिला है।
यह अलॉटमेंट देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर किया गया है, जिसमें राज्यों में रिक्तियों, सेवानिवृत्ति और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखा गया है।
किन राज्यों को कितने IPS पद मिले?
गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार इस बार IPS कैडर अलॉटमेंट में विभिन्न राज्यों को इस प्रकार पद मिले हैं—
- पश्चिम बंगाल: 15 पद (सबसे अधिक)
- आंध्र प्रदेश: 14 पद
- उत्तर प्रदेश: 12 पद
- असम-मेघालय कैडर: 11 पद
- मध्य प्रदेश: 11 पद
- महाराष्ट्र: 10 पद
- राजस्थान: 9 पद
- बिहार: 8 पद
- ओडिशा: 8 पद
इसके अलावा कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को भी उनकी प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार पद आवंटित किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ को क्यों नहीं मिला कोई IPS पद?
इस बार IPS कैडर अलॉटमेंट में छत्तीसगढ़ को कोई भी नया पद नहीं दिया गया है। इसके पीछे मुख्य कारण राज्य में मौजूदा IPS पदों की स्थिति को बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में IPS के कुल 153 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 31 पद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के लिए निर्धारित हैं। वर्तमान में भी लगभग 11 से 12 IPS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, जबकि बाकी अधिकारी राज्य में तैनात हैं।
राज्य में लगभग सभी पद भरे होने के कारण कोई भी नया रिक्त पद केंद्र को नहीं भेजा गया। इसी वजह से गृह मंत्रालय की सूची में छत्तीसगढ़ के लिए कोई नया IPS पद शामिल नहीं किया गया।
देशभर में 147 IPS पदों का बंटवारा
गृह मंत्रालय के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा 2024 के तहत कुल 147 IPS पदों का आवंटन किया गया है। इनमें से—
- 74 पद अनारक्षित (General Category) हैं
- 41 पद OBC वर्ग के लिए आरक्षित हैं
- 22 पद अनुसूचित जाति (SC) के लिए
- 10 पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं
यह वितरण सामाजिक संतुलन और संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था के अनुसार किया गया है।
मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की स्थिति
मध्य प्रदेश को इस बार 11 IPS पद मिले हैं, जो कि राज्य की पुलिस प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप माने जा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश को 12 पद देकर सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ-साथ पुलिस बल और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पश्चिम बंगाल को 15 पद देकर इस सूची में शीर्ष पर रखा गया है, जबकि आंध्र प्रदेश को 14 पद मिले हैं।
छत्तीसगढ़ में भविष्य की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले एक वर्ष तक कोई बड़ा रिटायरमेंट नहीं है, जिसके कारण वहां नई रिक्तियां बनने की संभावना कम है। वर्ष 2027 में केवल एक IPS अधिकारी के सेवानिवृत्त होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि राज्य सरकार द्वारा केंद्र से नए पद सृजन के लिए विशेष प्रयास नहीं किए जाते हैं, तो आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को नए IPS अधिकारी मिलने में देरी हो सकती है। इससे राज्य के पुलिस कैडर प्रबंधन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कैडर प्रबंधन पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि IPS कैडर का संतुलित वितरण राज्यों की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत बनाता है। जिन राज्यों में रिक्तियां कम होती हैं, वहां नए अधिकारियों की तैनाती सीमित हो जाती है, जबकि बड़े राज्यों में अधिक पद दिए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यदि लंबे समय तक नए पद नहीं बनते, तो यह प्रशासनिक ढांचे पर दबाव पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष
IPS कैडर अलॉटमेंट 2024 में इस बार उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को अधिक प्राथमिकता मिली है, जबकि मध्य प्रदेश को भी 11 पदों का संतुलित आवंटन किया गया है। हालांकि छत्तीसगढ़ को कोई नया पद नहीं मिलने से वहां प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जरूर तेज हो गई है।
