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Indore तैयार करेगा देश का पहला ‘जीरो वेस्ट जोन’ जोन-18 के चार वार्ड होंगे पूरी तरह कचरा मुक्त

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Published On: 17 March 2026
Indore
— "इंदौर बन रहा देश का पहला पूर्ण ‘जीरो वेस्ट जोन’, जोन-18 के चार वार्ड होंगे पूरी तरह कचरा मुक्त, महिलाओं को रोजगार और नगर निगम को बचत का फायदा"

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Indore तैयार करेगा देश का पहला ‘जीरो वेस्ट जोन’ जोन-18 के चार वार्ड होंगे पूरी तरह कचरा मुक्त

Indore नगर निगम स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित करता रहा है। अब शहर एक और बड़ा इतिहास रचने की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम ने देश का पहला ‘जीरो वेस्ट जोन’ बनाने की योजना तैयार की है, जिसमें जोन नंबर 18 के चार वार्ड पूरी तरह से कचरा मुक्त होंगे। इस पहल के सफल होने के बाद शहर में कुल 10 जीरो वेस्ट वार्ड बन जाएंगे और पूरे जोन को समग्र रूप से जीरो वेस्ट में परिवर्तित किया जाएगा। यह कदम न केवल Indore के स्वच्छता मानकों को बढ़ाएगा, बल्कि महिला रोजगार और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावनाओं को भी जन्म देगा।

जीरो वेस्ट जोन की आवश्यकता और महत्व

Indore नगर निगम के अधिकारी बताते हैं कि पिछले नौ वर्षों में शहर में छह जीरो वेस्ट वार्ड बनाए जा चुके हैं। इन वार्डों में कचरे का प्रबंधन वार्ड स्तर पर ही किया जाता है। इसका मतलब यह है कि गीले और सूखे कचरे की अलग-अलग प्रोसेसिंग, होम कम्पोस्टिंग, गार्डन वेस्ट मैनेजमेंट और रिसाइक्लिंग इसी वार्ड के भीतर होती है। प्रतिदिन इन वार्डों से लगभग 20-25 टन कचरा प्रोसेस होता है, जिससे न केवल कचरे का सही निपटान सुनिश्चित होता है, बल्कि कचरा ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाने में होने वाले परिवहन खर्च में भी बचत होती है।

अब नगर निगम ने जोन नंबर 18 के चार वार्डों को भी जीरो वेस्ट में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही यह जोन देश का पहला पूर्ण रूप से कचरा मुक्त जोन बन जाएगा। इस पहल से न केवल स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि नगर निगम को कचरा प्रबंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

कार्यप्रणाली: कचरे को वहीं खत्म करना

जीरो वेस्ट वार्डों की मुख्य अवधारणा यही है कि कचरा उसी जगह पर प्रोसेस हो जहां उत्पन्न होता है। नगर निगम ने पहले से बनाए गए छह वार्डों में सूखे कचरे की प्रोसेसिंग के लिए मटेरियल रिकवरी सेंटर स्थापित किए हैं। इन सेंटरों में प्लास्टिक, कागज, कपड़े, जूते और लोहे जैसी सामग्रियों की छंटाई की जाती है और फिर इन्हें संबंधित रिसाइक्लरों को दिया जाता है।

घर-घर से कचरा संग्रहित करने वाले नगर निगम के वाहन सीधे इन मटेरियल रिकवरी सेंटर पर कचरा पहुंचाते हैं। गीले कचरे को कम्पोस्ट पिटों में प्रोसेस किया जाता है, जिससे खाद तैयार होती है, जो आगे कृषि और बागवानी के लिए इस्तेमाल की जाती है।

जोन नंबर 18: देश का पहला पूर्ण जीरो वेस्ट जोन

जोन नंबर 18 में चार वार्डों—तीन इमली, आजाद नगर, आईटी पार्क और मूसाखेड़ी कॉलोनियों—को शामिल किया गया है। इस जोन में प्रतिदिन लगभग 40 टन गीला और सूखा कचरा उत्पन्न होता है। नगर निगम ने इस क्षेत्र में तीन इमली ब्रिज के नीचे एक मटेरियल रिकवरी सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है।

इसके अलावा, 40 कम्पोस्ट पिट बनाए जाएंगे, जहां गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। सूखे और गीले कचरे की बिक्री से होने वाली आय सीधे इस प्रोजेक्ट पर खर्च की जाएगी। इस योजना में 20 रैगपिकर्स और 10 सुपरवाइजर स्टाफ कार्य करेंगे, जो कचरा प्रबंधन और प्रोसेसिंग में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

सीएसआर सहयोग और आर्थिक लाभ

इस प्रोजेक्ट में निजी क्षेत्र का सहयोग भी शामिल है। गोदरेज प्रॉपर्टीज प्राइवेट कंपनी तीन साल के लिए नगर निगम को सात करोड़ रुपये की राशि दे रही है। इस राशि से मटेरियल रिकवरी सेंटर, कम्पोस्ट पिट और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

यह पहल न केवल स्वच्छता में सुधार करेगी, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक अवसर भी प्रदान करेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को कचरा प्रबंधन और प्रोसेसिंग में शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा।

स्वच्छ सर्वेक्षण में जीरो वेस्ट वार्ड की अनिवार्यता

पिछले वर्षों में स्वच्छ सर्वेक्षण में जीरो वेस्ट वार्ड की अनिवार्यता रखी गई थी। इंदौर ने पहले छह वार्डों को जीरो वेस्ट में बदलकर देश में मिसाल कायम की। अब नगर निगम की योजना पूरे जोन को कचरा मुक्त करने की है, जिससे शहर का स्वच्छता मानक और मजबूत होगा।

अपर आयुक्त नगर निगम प्रखर सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से नगर निगम को संसाधनों पर होने वाला खर्च कम होगा और महिला स्व सहायता समूहों को रोजगार मिलेगा। मार्च माह के अंत तक जोन नंबर 18 में मटेरियल रिकवरी सेंटर स्थापित कर देश का पहला पूर्ण जीरो वेस्ट जोन तैयार किया जाएगा।

पर्यावरण और समाज पर प्रभाव

जोन स्तर पर कचरा प्रबंधन करने से पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कचरा ट्रांसफर में होने वाले परिवहन और उससे जुड़ी लागत कम होगी। साथ ही, शहर के स्वच्छता मानक और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार आएगा।

नगर निगम का लक्ष्य है कि पूरे जोन में गीले और सूखे कचरे की प्रोसेसिंग, कम्पोस्टिंग और रिसाइक्लिंग के जरिए शहर को पूरी तरह कचरा मुक्त बनाया जाए। यह पहल न केवल इंदौर को देश का स्वच्छ और आधुनिक शहर बनाएगी, बल्कि अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

निष्कर्ष

Indore नगर निगम की यह पहल न केवल शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक बचत के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी। देश का पहला पूर्ण जीरो वेस्ट जोन बनने के साथ ही इंदौर स्वच्छता में एक बार फिर ‘नंबर 1’ बनने की दिशा में अग्रसर होगा।

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