जनता चौपाल का आयोजन और उद्देश्य
Indore में स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 27 फरवरी 2026 को वार्ड 1 में जनता चौपाल आयोजित की गई। यह चौपाल वीर श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास लगी, जहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से सीधे संवाद किया। नागरिकों ने आवेदन देकर अपनी शिकायतें और सुझाव प्रस्तुत किए, जबकि नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर ही प्राथमिकता तय करने और समयसीमा में निपटारे के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और स्थानीय निवासी
जनता चौपाल में महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू, निरंजन सिंह चौहान गुड्डू, अश्विनी शुक्ल, क्षेत्रीय पार्षद महेश चौधरी, महापौर प्रतिनिधि भारत पारख, जोनल अधिकारी निर्माता हिंडोलिया, स्वास्थ्य अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे। प्रशासनिक टीम के साथ महापौर ने वार्ड का मैदानी निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान सड़क, नाली, सीवरेज, जल वितरण और कॉलोनी स्तर के रखरखाव की स्थिति को चिह्नित किया गया।
वार्ड का दौरा: पैदल और स्कूटर निरीक्षण
महापौर और क्षेत्रीय पार्षद ने जयश्री नगर, नगीन नगर, गोवर्धन पैलेस कॉलोनी, गांधी पैलेस कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों का पैदल और स्कूटर से दौरा किया। यह दौरा औपचारिक नहीं बल्कि समस्या-आधारित था, जिसमें हर प्रमुख बिंदु पर जिम्मेदार अधिकारियों से प्रगति पूछी गई। कई जगह लंबित कार्यों की स्थिति देखी गई और संबंधित अमले को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण और समयसीमा
वीर श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास निर्माणाधीन पुल/पुलिया का निरीक्षण किया गया। महापौर ने कार्य की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर गति बढ़ाने को कहा और 1 अप्रैल तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर यातायात दबाव और आवागमन की आवश्यकताओं को देखते हुए इस निर्माण को प्राथमिकता वाला कार्य माना गया। अधिकारियों से कहा गया कि कार्य की दैनिक मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट तय अंतराल पर प्रस्तुत करें, ताकि किसी प्रकार की देरी न हो।
जनता चौपाल में उठे प्रमुख मुद्दे
वार्ड 1 की चौपाल में नागरिकों ने सीवरेज, जलापूर्ति, सड़क, उद्यान और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।
- फेस कॉलोनी: सड़क निर्माण
- जगदीशपुरी: बैकलेन सफाई
- डायमंड पैलेस कॉलोनी: गंदे पानी की आपूर्ति
- सिरपुर ग्राम: संपत्ति नामांतरण
- बजरंग कांकड़ क्षेत्र: सीवरेज लाइन
महापौर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले में विभागवार कार्रवाई करने और समयबद्ध रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
नागरिकों की विशिष्ट शिकायतें और समाधान
गणेश नगर निवासी अभिषेक लोधी ने बताया कि पहले से डली सीवरेज लाइन की गहराई कम होने के कारण क्षेत्र में बार-बार पानी भर जाता है। उन्होंने नई सीवरेज लाइन और चैंबर निर्माण की मांग दोहराई।
महापौर ने उपयंत्री राघवेन्द्र सिंह बैस को समस्या समाधान के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए और जोनल अधिकारी निर्माता हिंडोलिया को काम की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी।
महापौर का संदेश: समाधान के लिए चौपाल
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आवाहन के अनुरूप चल रहे संकल्प से समाधान अभियान का हिस्सा है। चौपाल का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
“हम आपके बीच केवल स्वागत या किए गए काम की तारीफ सुनने नहीं आए हैं। जो समस्याएं अभी बाकी हैं, उन्हें सुनकर तुरंत हल करने आए हैं।”
महापौर ने विकास कार्यों की प्रकृति पर भी प्रकाश डाला। शहर स्तर की परियोजनाएं चरणबद्ध तरीके से चलती हैं, इसलिए फील्ड पर लगातार निगरानी और नागरिक फीडबैक आवश्यक है। 2040-45 की संभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए नर्मदा चौथे चरण पर काम शुरू किया गया है, जिससे शहर में जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
स्थानीय पार्षद और नागरिकों की प्रतिक्रिया
क्षेत्रीय पार्षद महेश चौधरी ने कहा कि जनता चौपाल की पहल उपयोगी है क्योंकि इससे जनता और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क बनता है। उन्होंने संजीवनी क्लीनिक में निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ लेने वाले लोगों की संख्या का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सुझाव देने की अपील की।
नागरिक गुलनाज बानो ने कहा कि चौपाल में केवल शिकायतें दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि किए गए काम को भी सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय सुविधाओं में कुछ सुधार दिख रहा है, जिसे आगे जारी रखना जरूरी है।
नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई और फॉलो-अप
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, चौपाल में प्राप्त आवेदनों का विभागवार वर्गीकरण कर फॉलो-अप किया जाएगा। जहां तुरंत हस्तक्षेप संभव है, वहां फील्ड टीम कार्रवाई करेगी। जिन मामलों में तकनीकी स्वीकृति या बजट की आवश्यकता होगी, उन्हें प्रक्रिया अनुसार लिया जाएगा। वार्ड स्तर पर निरीक्षण, जनसंवाद और मॉनिटरिंग की यह पद्धति अन्य क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी।
