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Indore में दर्दनाक तस्वीर: भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर बेटे को धकेलते रहे माता-पिता, दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा 11 वर्षीय आदर्श मलक

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Published On: 8 June 2026
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वायरल वीडियो ने खोली अस्पताल व्यवस्था की जमीनी हकीकत

Indore । शहर के एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के बीच एक बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। भीषण गर्मी में एक बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर धकेलते हुए उसके माता-पिता का यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया।

इस वीडियो के पीछे की कहानी और भी अधिक दर्दनाक और संवेदनशील है, जिसमें एक मासूम बच्चा गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है और उसके माता-पिता इलाज के लिए संघर्ष करते नजर आए।

11 वर्षीय आदर्श मलक गंभीर बीमारी से पीड़ित

यह बच्चा 11 वर्षीय आदर्श मलक है, जो इंदौर के जबरन कॉलोनी क्षेत्र का निवासी है। आदर्श पिछले कई दिनों से एमवाय अस्पताल में भर्ती है और उसे एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या के साथ-साथ दुर्लभ जेनेटिक बीमारी का भी सामना करना पड़ रहा है।

परिजनों के अनुसार, कुछ समय पहले तक आदर्श सामान्य रूप से चल-फिर सकता था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी स्थिति बिगड़ती गई और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। शुरुआत में उसे अस्पताल के चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद 20 मई से उसका उपचार लगातार एमवाय अस्पताल में चल रहा है।

इलाज के लिए एक किलोमीटर तक स्ट्रेचर धकेलने की मजबूरी

परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चे को रीढ़ संबंधी समस्या के लिए सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल रेफर किया था। लेकिन अस्पताल में एम्बुलेंस और स्टाफ समय पर उपलब्ध नहीं हो पाया, जिसके चलते परिजनों को मजबूरी में खुद ही स्ट्रेचर धकेलकर बच्चे को ले जाना पड़ा।

भीषण गर्मी में माता-पिता करीब एक किलोमीटर तक बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल पहुंचे। वहां आवश्यक जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद उन्हें दोबारा एमवाय अस्पताल लौटने के लिए कहा गया। इसके बाद भी परिवार ने बच्चे को फिर से उसी तपती धूप में स्ट्रेचर पर वापस अस्पताल तक पहुंचाया।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई संवेदनाएं

शनिवार को सामने आए इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि माता-पिता अपने बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर धकेलते हुए अस्पताल परिसर में जा रहे हैं। यह दृश्य न केवल भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाला है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़ा करता है।

वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी और चिंता जाहिर की है। कई लोगों ने इसे सिस्टम की लापरवाही बताया, जबकि कुछ ने इसे परिवार की मजबूरी और दर्दनाक स्थिति के रूप में देखा।

बच्चे की हालत और दुर्लभ बीमारी

आदर्श मलक एक दुर्लभ बीमारी हाइपोहाइड्रोटिक एक्टोडर्मल डिस्प्लेसिया (Hypohidrotic Ectodermal Dysplasia) से पीड़ित है। यह एक आनुवांशिक विकार है जिसमें शरीर की पसीना बनाने वाली ग्रंथियां ठीक से विकसित नहीं हो पातीं।

इस बीमारी के कारण मरीज को सामान्य रूप से पसीना नहीं आता, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा बालों का विकास, दांतों की संरचना और त्वचा की बनावट पर भी इसका गहरा असर पड़ता है।

गर्मी से जूझता मासूम, हर पल देखभाल जरूरी

परिजनों ने बताया कि आदर्श को सामान्य बच्चों की तुलना में बहुत अधिक गर्मी लगती है। उसके शरीर में पसीना बहुत कम आता है, जिसके कारण वह गर्मी सहन नहीं कर पाता। यही वजह है कि उसकी मां हर समय उसके शरीर को ठंडक देने के लिए गीले कपड़े का सहारा लेती हैं।

वीडियो में भी देखा गया कि उसकी मां बार-बार अपने दुपट्टे को पानी में भिगोकर बच्चे के शरीर पर रख रही थी, ताकि उसे थोड़ी राहत मिल सके।

शारीरिक विकास भी प्रभावित

चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, आदर्श का शारीरिक विकास उसकी उम्र के हिसाब से काफी कम है। 11 वर्ष की उम्र होने के बावजूद उसका वजन सामान्य से कम है और उसके दूध के दांत भी पूरी तरह से नहीं गिरे हैं।

यह स्थिति इस दुर्लभ बीमारी के प्रभाव को और अधिक स्पष्ट रूप से दर्शाती है, जिसमें शरीर का सामान्य विकास प्रभावित होता है।

अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मरीज के परिजनों को इतनी गंभीर स्थिति में स्ट्रेचर खुद धकेलना पड़ा, यह बात कई लोगों को व्यवस्था की कमी की ओर इशारा करती है।

हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

समाज में संवेदनशीलता की जरूरत

यह घटना केवल एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता और तत्परता पर भी सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर एम्बुलेंस और सहायक व्यवस्था मिलना बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

निष्कर्ष

इंदौर के एमवाय अस्पताल से सामने आया यह मामला केवल एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि एक मासूम बच्चे और उसके परिवार की दर्दनाक वास्तविकता है। 11 वर्षीय आदर्श मलक की बीमारी, उसकी जटिल स्थिति और इलाज के लिए संघर्ष, सभी मिलकर एक ऐसी तस्वीर पेश करते हैं जो व्यवस्था और संवेदनशीलता दोनों पर विचार करने को मजबूर करती है।

यह घटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर करती है कि गंभीर परिस्थितियों में मानवता और त्वरित सहायता कितनी महत्वपूर्ण है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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