इंदौर टीआई हाकम सिंह पंवार सुसाइड केस: अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करने वाली एएसआई रंजना खांडे बर्खास्त — पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
इंदौर। बहुचर्चित टीआई हाकम सिंह पंवार आत्महत्या मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से जांच के घेरे में रही महिला एएसआई रंजना खांडे को आखिरकार पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। एएसआई पर गंभीर आरोप है कि उसने टीआई का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया था। जांच में दोषी पाए जाने के बाद विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की है।
🔹 घटना की पृष्ठभूमि
भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ टीआई हाकम सिंह पंवार ने जुलाई 2022 में सरकारी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आत्महत्या से पहले टीआई मानसिक रूप से बेहद तनाव में थे। सूत्रों के अनुसार, उन पर व्यक्तिगत संबंधों को लेकर दबाव और ब्लैकमेलिंग की स्थिति बनी हुई थी, जिसने अंततः उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
🔹 आरोप और जांच
जांच में यह खुलासा हुआ कि एएसआई रंजना खांडे ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए टीआई हाकम सिंह का अश्लील वीडियो बनाया था। आरोप है कि वह इस वीडियो के जरिए उन्हें धमका कर पैसे और निजी लाभ हासिल करने की कोशिश कर रही थी।
पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें एएसआई के खिलाफ कई अनुशासनहीन और आपराधिक गतिविधियों के प्रमाण मिले। इसके बाद उनके विरुद्ध छोटी ग्वालटोली थाना में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया।
🔹 प्रशासनिक कार्रवाई
मामले की समीक्षा रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को सौंपी गई, जिसमें यह साफ कहा गया कि एएसआई रंजना खांडे ने न केवल पुलिस विभाग की छवि धूमिल की, बल्कि एक वरिष्ठ अधिकारी को मानसिक प्रताड़ना भी दी।
रिपोर्ट में पाया गया कि वह पुलिस आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन की दोषी हैं।
रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को रंजना खांडे को सेवा से पृथक (Dismiss) करने का आदेश जारी किया।
🔹 अन्य आरोपित और जांच की स्थिति
मामले में रंजना खांडे के अलावा उसका भाई कमलेश खांडे, कपड़ा व्यापारी गोविंद जायसवाल, और एक महिला रेशमा उर्फ जग्गू के नाम भी सामने आए हैं। सभी पर टीआई को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है।
पुलिस ने रंजना को उज्जैन से गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जांच टीम ने इस प्रकरण से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और मोबाइल डाटा भी जब्त किए हैं।
🔹 प्रभाव और निष्कर्ष
यह मामला न केवल एक पुलिस अधिकारी की आत्महत्या का है, बल्कि विभागीय अनुशासन, नैतिकता और जवाबदेही की गंभीर परीक्षा भी है।
पुलिस सेवा से एएसआई की बर्खास्तगी यह दर्शाती है कि अब विभाग भ्रष्टाचार, ब्लैकमेलिंग और दुराचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
हाकम सिंह पंवार केस यह संदेश देता है कि कानून के रखवाले भी कानून से ऊपर नहीं, और अगर कोई अधिकारी अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करता है, तो उसे सख्त सजा दी जाएगी।

