—Advertisement—

“Indore SIR Update: कलेक्टर शिवम वर्मा का सख्त एक्शन — धीमी रफ्तार देख खुद मैदान में उतरे, टीम को दिए तेज़ी के आदेश”

Author Picture
Published On: 20 November 2025
kalkatara na khatha sabhal kamana de5936c74f2a03cefaa484e689d7fcb3

—Advertisement—

Indore News: SIR की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर का सख्त एक्शन, खुद संभाली कमान — मतदाता सूची पुनरीक्षण में तेज़ी लाने के निर्देश

इंदौर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की धीमी कार्यप्रगति को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा अब एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शहर के कई क्षेत्रों से बीएलओ द्वारा की जा रही धीमी अपलोडिंग, डेटा-डिजिटाइजेशन में देरी और पुराने रिकॉर्ड न मिलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद कलेक्टर ने मंगलवार को खुद फील्ड में उतरकर निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को तेज गति से सुधारने के कड़े निर्देश दिए।

यह पहला मौका है जब SIR की मॉनिटरिंग के लिए कलेक्टर ने कक्षा-कक्ष, कॉलेज परिसर, कंट्रोल रूम और बीएलओ व सुपरवाइजर स्तर तक की समीक्षा की। प्रशासन का साफ संदेश है कि इंदौर जिला किसी भी स्थिति में मतदाता सूची में त्रुटियां बर्दाश्त नहीं करेगा।

पुरानी मतदाता सूची में जानकारी खोजने में आ रही दिक्कतें — जनता और अधिकारी दोनों परेशान

SIR (Special Intensive Revision) के वर्तमान प्रारूप में वर्ष 2003 की मतदाता सूची का संदर्भ अनिवार्य किया गया है। कई नागरिकों ने शिकायत की है कि:

  • वह 2003 में किसी दूसरे क्षेत्र में रहते थे

  • अब पते बदल चुके हैं

  • पुरानी वोटर आईडी नहीं है

  • पुराने पते का रिकॉर्ड ढूंढ पाना मुश्किल हो रहा है

इसके चलते आम नागरिक भी परेशान हैं और बीएलओ भी। कई जगहों पर लोग जानकारी देने में सहयोग नहीं कर रहे, जबकि कुछ पते ऐसे हैं जहां फार्म में लिखा व्यक्ति वर्षों पहले ही कहीं और शिफ्ट हो चुका है।

इस वजह से SIR कार्य में रफ्तार धीमी हो रही है, जिसका असर समूचे जिले की मतदाता सूची अपडेटिंग पर पड़ सकता है।

कलेक्टर शिवम वर्मा का औचक निरीक्षण — धीमी प्रगति पर सवाल, समाधान के निर्देश

स्थिति गंभीर होती देख इंदौर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया।

उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 204 इंदौर-1 के कार्यों की समीक्षा के लिए एम.बी. खालसा कॉलेज का अचानक दौरा किया। कॉलेज में बनाये गए कंट्रोल रूम और पुनरीक्षण केंद्र में:

  • बीएलओ द्वारा भरे जा रहे फॉर्म
  • डिजिटाइजेशन की गति
  • सुपरवाइजर से मिली फील्ड रिपोर्ट
  • पुराने रिकॉर्ड की उपलब्धता
  • पते सत्यापन की स्थिति

का विस्तृत निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने मौके पर ही कई निर्देश जारी किए:

कलेक्टर शिवम वर्मा के प्रमुख आदेश

  • SIR की गति तुरंत तेज की जाए।

  • हर बीएलओ की प्रगति प्रतिदिन मॉनिटर की जाए।

  • सभी दिक्कतों पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तत्काल समाधान करें।

  • निर्धारित समय सीमा में 100% डिजिटाइजेशन पूरा किया जाए।

  • फार्म भरने में नागरिकों का सहयोग सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए।

  • अप्राप्त पते और अनुपलब्ध लोगों का डेटा त्वरित सत्यापन के साथ अपडेट किया जाए।

कलेक्टर का स्पष्ट संदेश था—
“अंतिम मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध और त्रुटिरहित होनी चाहिए। समयबद्धता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

कंट्रोल रूम में व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

निरीक्षण के बाद कलेक्टर वर्मा ने कलेक्टर कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम का दौरा किया, जहां जिलेभर से SIR डेटा मॉनिटर किया जाता है। उन्होंने:

  • रियल टाइम अपलोडिंग

  • डिजिटाइजेशन रिपोर्ट

  • BLA–BLO कम्युनिकेशन

  • शिकायत निवारण

  • फील्ड टीम की डे-टू-डे परफॉर्मेंस

की समीक्षा की और टीम को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंवार नवजीवन विजय, अपर आयुक्त नरेन्द्रनाथ पांडे, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. निधि वर्मा, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नारायण नांदेडा, जोनल अधिकारी शितोले सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

BLO पर दबाव बढ़ा — जनता का कम सहयोग, पते बदल चुके लोग नहीं मिल रहे

शहर के कई BLO का कहना है कि:

  • कई घरों में लोग फार्म भरने में सहयोग नहीं कर रहे

  • कुछ जगहों पर दिया गया पता गलत निकल रहा

  • रहवासियों के दस्तावेज अधूरे हैं

  • पुराने रिकॉर्ड का मिलान मुश्किल हो रहा है

  • ऑनलाइन एंट्री का कार्य समय लेने वाला है

फील्ड से लगातार यह भी रिपोर्ट आ रही है कि कई लोग फार्म भरने को लेकर गंभीर नहीं हैं, जिससे BLO को फॉलो-अप करने में समय लग रहा है।

इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए कलेक्टर वर्मा ने निर्देशित किया है कि BLO को हर संभव सहायता और समाधान उपलब्ध कराया जाए।

इंदौर में SIR को लेकर बढ़ी प्रशासनिक सख्ती — क्यों आवश्यक है यह पूरी प्रक्रिया?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) वर्ष 2025–26 के चुनावों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है:

  • फर्जी प्रविष्टियों को हटाना
  • पते बदल चुके लोगों का डेटा अपडेट करना
  • नए मतदाताओं का नाम जोड़ना
  • मृतकों और स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियाँ हटाना
  • मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना

इंदौर जैसे बड़े शहरी जिले में यह प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है, इसलिए कलेक्टर का फील्ड में उतरना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा क्यों आए फोकस में?

इस निरीक्षण ने कलेक्टर शिवम वर्मा को पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना दिया है क्योंकि:

  • उन्होंने खुद स्थल निरीक्षण किया
  • SIR की धीमी रफ्तार पर नाराज़गी दिखाई
  • काम बेहतर करने के लिए सीधे टीम से संवाद किया
  • स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई लापरवाही स्वीकार नहीं

प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी सक्रियता से न केवल कार्य की गति बढ़ेगी, बल्कि मतदाता सूची को लेकर आम जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।S

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp