Indore में सिंहस्थ-2028 के बाद बड़े बदलाव: शास्त्री ब्रिज और रेलवे स्टेशन की मुख्य इमारत होगी ध्वस्त
Indore में सिंहस्थ-2028 के बाद रेलवे बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू करने जा रहा है। इस योजना के तहत शहर के प्रमुख शास्त्री ब्रिज को तोड़कर उसकी जगह नया आधुनिक फ्लायओवर बनाया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर रेलवे स्टेशन की मुख्य इमारत को भी हटाकर पूरी तरह नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि शास्त्री ब्रिज का निर्माण अभी शुरू किया जाता तो यह सिंहस्थ से पहले पूरा नहीं हो पाता। ऐसे में मेले के दौरान यातायात पर भारी दबाव पड़ सकता था। इसी वजह से इस प्रोजेक्ट को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और सिंहस्थ के बाद इसे शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
18 मीटर चौड़ा बनेगा नया शास्त्री ब्रिज
Indore रेलवे की योजना के अनुसार नया शास्त्री ब्रिज 18 मीटर चौड़ा आधुनिक फ्लायओवर होगा। इससे इंदौर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।
इसके साथ ही रेलवे यार्ड रीमॉडलिंग का काम भी सिंहस्थ के बाद किया जाएगा। इसमें अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और नई रेल लाइनों का निर्माण शामिल होगा, जिससे स्टेशन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
सिंहस्थ-2028 के लिए रेलवे की विशेष तैयारी
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ-2028 के दौरान यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी बड़े निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। स्टेशन क्षेत्र में मौजूदा ढांचे को ही उपयोग में लाकर भीड़ प्रबंधन किया जाएगा।
पटेल ब्रिज के पास बन रहे नए भवन का उपयोग भी सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए किया जाएगा। बाद में इसे पार्सल कार्यालय के रूप में पुनः उपयोग किया जाएगा।
2030 तक पूरा होगा स्टेशन का नया स्वरूप
Indore रेलवे स्टेशन के व्यापक नवीनीकरण की योजना भी तैयार है, जिसे सिंहस्थ के बाद शुरू कर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर प्लेटफॉर्म और विस्तारित संरचना से लैस किया जाएगा।
रेलवे महाप्रबंधक का दौरा और निरीक्षण
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे ने इंदौर स्टेशन पर प्रेस वार्ता के दौरान इन योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उसी के अनुसार निर्माण कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
टीही टनल और अन्य परियोजनाओं में तेजी
इसी दौरे में इंदौर-धार रेल लाइन पर बन रही टीही टनल का भी निरीक्षण किया गया। यह प्रदेश की सबसे बड़ी रेल टनल है, जिसकी लंबाई लगभग 2957 मीटर है। इसका अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम अगले कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, टनल में आधुनिक बैलास्ट-लेस ट्रैक सिस्टम लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह सीमेंट-कंक्रीट आधारित होगा। इससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित और तेज होगा।
महू-ओंकारेश्वर रेल परियोजना की समीक्षा
महाप्रबंधक ने महू-ओंकारेश्वर रेलखंड के गेज परिवर्तन कार्य का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी कार्य समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। नर्मदा नदी पर बन रहे रेल पुल की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
निष्कर्ष
Indore में रेलवे का यह पूरा मास्टर प्लान आने वाले वर्षों में शहर की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल देगा। सिंहस्थ-2028 के बाद शुरू होने वाले इन बड़े प्रोजेक्ट्स से इंदौर रेलवे स्टेशन एक आधुनिक और हाई-कैपेसिटी ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा।
