पुलिस कमिश्नर इंदौर ने स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन के लिए स्कूल प्रशासन और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के साथ की अहम बैठक
इंदौर, 06 नवंबर 2025:
इंदौर में स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन और बच्चों तथा नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में शहर के विभिन्न स्कूलों के प्रशासन और स्कूल बस ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें अति. पुलिस आयुक्त (अप./मुख्या.) श्री आर.के. सिंह, पुलिस उपायुक्त (यातायात प्रबंधन) श्री आनंद कलादगी, सहायक पुलिस आयुक्तगण और यातायात प्रबंधन से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्कूल बसों के सुरक्षित परिचालन के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करना, बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार बनाना था।
स्कूल बस सुरक्षा पर जोर
पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने बैठक में उपस्थित स्कूल प्रशासकों और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन को लेकर नियमों का पालन करना हर स्कूल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना को रोका जा सके।
उन्होंने स्कूलों को विशेष रूप से निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए:
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GPS और CCTV सिस्टम का अनिवार्य उपयोग
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सभी स्कूल बसों में जीपीएस ट्रैकिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे बस के वास्तविक समय की निगरानी संभव हो सके।
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स्पीड गवर्नर सिस्टम
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बसों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य होगा और उनकी अधिकतम गति 40 किमी/घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता
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हर बस में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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बसों में एक इमरजेंसी गेट होना भी अनिवार्य है।
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बसों की फिटनेस और मानक निगरानी
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सभी स्कूल बसों की फिटनेस और निर्धारित सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी की जाएगी।
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खराब स्थिति वाली बसों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।
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ड्राइवरों का लाइसेंस और स्वास्थ्य परीक्षण
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सभी बस ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए और उन्हें भारी वाहन चलाने के लिए योग्य होना अनिवार्य है।
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ड्राइवरों की शारीरिक स्थिति जैसे आँखों की जांच और अन्य स्वास्थ्य जांच समय-समय पर की जानी चाहिए।
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पृष्ठभूमि जांच और नशा परीक्षण
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ड्राइवर और परिचालक की पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है।
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उन्हें वाहन चलाने से पहले किसी प्रकार के नशे का सेवन न करने की निगरानी की जाएगी।
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स्कूल बस परिचालन की निगरानी और जवाबदेही
पुलिस उपायुक्त (यातायात प्रबंधन) श्री आनंद कलादगी ने बताया कि बैठक में स्कूल बसों के सुरक्षित परिचालन के लिए एक विस्तृत चेकलिस्ट तैयार की गई है। इस चेकलिस्ट में स्कूल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों, बस चालक और परिचालकों के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूलों से इस चेकलिस्ट के पालन की शपथ पत्र के माध्यम से पुष्टि भी ली गई है।
साथ ही, पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूल बसों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल बसों के नियमित निरीक्षण, GPS निगरानी और वाहन फिटनेस जांच अभियान के तहत यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
स्कूल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों और प्रशासन का सहयोग
बैठक में शामिल स्कूल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों और प्रशासन ने पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने और सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करेंगे।
यातायात प्रबंधन और जागरूकता अभियान
पुलिस उपायुक्त (यातायात प्रबंधन) ने बताया कि आने वाले समय में शहर के सभी स्कूलों में सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूल बसों के संचालन में सुरक्षा नियमों के पालन की निगरानी की जाएगी।
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सड़क पर बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाना
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नियमों का पालन न करने वाले स्कूल बसों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना
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दुर्घटना रोकने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित ड्राइवरों का होना
इस अभियान के तहत पुलिस न केवल निरीक्षण करेगी, बल्कि स्कूलों और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को सुरक्षित परिवहन के सर्वोत्तम उपायों के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
पुलिस कमिश्नर ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि स्कूल बसों की सुरक्षा केवल ड्राइवर और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा में योगदान है। उन्होंने स्कूल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे नियमों का पालन करें और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
निष्कर्ष
पुलिस कमिश्नर इंदौर द्वारा आयोजित यह बैठक शहर में स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन और बच्चों तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस बैठक के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्कूल प्रशासन और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी समझाई और उन्हें सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
आगामी दिनों में यातायात प्रबंधन पुलिस द्वारा सख्त निरीक्षण और अभियान चलाकर स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित किया जाएगा। सभी स्कूलों और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें।


