Indore नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर नया मोड़, पार्षद रुबीना खान के पुराने वीडियो सामने आए
पुराने वीडियो से बढ़ा राजनीतिक विवाद
Indore नगर निगम की कांग्रेस पार्षद रुबीना खान से जुड़ा ‘वंदे मातरम्’ विवाद अब और गहरा गया है। जिस मुद्दे को लेकर पहले यह चर्चा थी कि उन्होंने नगर निगम के बजट सत्र में राष्ट्रगीत गाने से इनकार किया था, अब उसी पर नया मोड़ तब आया जब उनके दो पुराने वीडियो सामने आए। इन वीडियो में वे अलग-अलग बजट सत्रों के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाते हुए नजर आ रही हैं।
यह मामला अब केवल नगर निगम की बैठक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन गया है।
2023-24 और 2026-27 सत्र के वीडियो वायरल
सामने आए वीडियो में से एक 2023-24 बजट सत्र का बताया जा रहा है, जबकि दूसरा वीडियो 2026-27 बजट सत्र का है। दोनों ही वीडियो में रुबीना खान अन्य पार्षदों के साथ ‘वंदे मातरम्’ गाते और राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होकर सम्मान जताते दिखाई देती हैं।
इन वीडियो के सामने आने के बाद उनके उस कथित बयान पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने धार्मिक कारणों से ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार किया था।
रुबीना खान का बयान: ‘हमने कभी अनादर नहीं किया’
विवाद बढ़ने के बाद पार्षद रुबीना खान ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी ‘वंदे मातरम्’ का अनादर नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़ी रहती हैं और उसका आदर करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पार्षद हैं और अब तक लगभग 50 से अधिक बैठकों में शामिल हो चुकी हैं। उनके अनुसार, उन्होंने कई बार राष्ट्रगीत नहीं गाया, लेकिन हमेशा उसके दौरान सम्मानपूर्वक खड़ी रहीं।
धार्मिक बयान पर दी सफाई
रुबीना खान ने अपने पुराने बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर एक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि वह अपनी गलती स्वीकार करती हैं और उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में इस तरह की बातों से बचेंगी।
अपने धार्मिक संदर्भ वाले बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि बड़े होने के बाद जब उन्होंने धर्म को अधिक गहराई से समझा, तो कुछ मान्यताएं उनके जीवन का हिस्सा बन गईं। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि राष्ट्रगीत के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी जारी है। कई नेताओं ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर देखा, जबकि कुछ नेताओं का कहना है कि यह व्यक्तिगत अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है।
कांग्रेस नेता और अन्य प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राय व्यक्त की है। वहीं, कुछ नेताओं ने पार्टी के भीतर ही सवाल उठाए हैं कि इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
पटवारी का बयान: कार्रवाई पर विचार जारी
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता और वरिष्ठ पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। एक नेता ने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान करना या न करना व्यक्तिगत अधिकार हो सकता है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयान का प्रभाव व्यापक होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी इस मामले पर उचित समय पर निर्णय लेगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि इस तरह के मामलों में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री का तीखा बयान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर निगम परिषद जैसे मंच पर राष्ट्रगीत का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और राष्ट्रगीत का सम्मान सभी के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस मामले में सरकार अपनी नजर बनाए हुए है।
भाजपा पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे विवाद में एक और मोड़ तब आया जब एक भाजपा पार्षद ने अपनी ही पार्टी और विपक्षी पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने के लिए कुछ लोगों के बीच कथित समझौता हुआ है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि नगर निगम के भीतर जानबूझकर विवाद को बढ़ाया गया, जिससे राजनीतिक लाभ लिया जा सके। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
विवाद अब ‘राष्ट्रवाद बनाम राजनीति’ का रूप ले चुका है
Indore नगर निगम में शुरू हुआ यह मामला अब केवल एक पार्षद के बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रगीत, आस्था और राजनीति के बीच बहस का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।
कुछ लोग इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक विश्वासों से जुड़ा मामला बता रहे हैं।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, Indore नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। रुबीना खान के पुराने वीडियो सामने आने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी इस मामले में क्या रुख अपनाती है और आगे क्या कार्रवाई होती है।
