Indore में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का शुभारंभ CM मोहन यादव ने विपक्ष पर साधा निशाना
बुधवार को Indore में मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव की उपस्थिति में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के कार्यों की शुरुआत हुई। यह परियोजना लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है और शहर की जल आपूर्ति और सिंचाई क्षमता को और मजबूत बनाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और शहर तथा प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
CM मोहन यादव ने इस कार्यक्रम के दौरान भागीरथपुरा त्रासदी का स्मरण करते हुए दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके लिए आज भी बेहद पीड़ादायक है। “भागीरथपुरा की घटना का दुख आज भी मन में है। यह समय सभी के लिए कठिन और हृदयविदारक था, लेकिन हमारी सरकार ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किए,” मुख्यमंत्री ने कहा।
CM ने Indore के विकास और इसकी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इंदौर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल है और इस शहर की प्रगति पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनका कहना था कि हर जिला इस तरह की प्रगति के लिए प्रेरित होना चाहिए और इंदौर ने यह साबित कर दिया है कि यह अपने संसाधनों और नागरिकों की क्षमता के बल पर आत्मनिर्भर शहर बन सकता है।
विपक्ष पर तीखा हमला
CM मोहन यादव ने कार्यक्रम में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर संकट और त्रासदी को राजनीतिक लाभ में बदलने की कोशिश करती रही है। सीएम ने कहा, “इंदौर की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। इंदौरवासी संवेदनहीन राजनीति और लाशों पर राजनीति को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। लोकतंत्र में रचनात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन इसके भी नियम और सीमा होती है।”
CM ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने जल संसाधनों के विस्तार और मालवा क्षेत्र तक पानी पहुँचाने की क्षमता दिखाई है। उनके कार्यकाल में राज्य के 56 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश नदियों की भूमि है और इंदौर की असली ताकत इसके नागरिकों का आत्मविश्वास और जज्बा है। इंदौर आत्मनिर्भर शहर है और इसका विकास निरंतर और बिना रुके जारी रहेगा।”

नर्मदा जल का महत्व और इतिहास
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी भागीरथपुरा जल संघर्ष की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उनके बचपन के समय इंदौर में नर्मदा जल लाने को लेकर व्यापक आंदोलन चला था। 1966 के अकाल के दौरान शहर की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी और उस समय केवल बिलावली और यशवंत सागर तालाब ही जल के स्रोत थे।
पानी की गंभीर कमी के कारण लोग शहर छोड़ने लगे थे और इसी संकट के दौरान नर्मदा जल की मांग ने जनआंदोलन का रूप लिया। यह आंदोलन भारी संघर्षों के बाद सफल हुआ। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इसी कारण नर्मदा जल का मूल्य और महत्व आज भी इंदौरवासी समझते हैं। यदि नर्मदा नहीं आती, तो आज इंदौर का यह स्वरूप संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में इंदौर का जल एशिया के सबसे महंगे जल संसाधनों में शामिल है।
केवल आरोप-प्रत्यारोप से समाधान नहीं
विजयवर्गीय ने कहा कि जीवन और शासन में मुश्किलें आती रहती हैं, लेकिन उनके समाधान के लिए दृढ़ संकल्प और सामूहिक सोच जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने इंदौर के विकास के लिए जो कदम उठाए हैं, उनका आकलन शहर के नागरिक भली-भांति कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल एक घटना के आधार पर पूरे शहर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों का भी अपमान किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि इंदौर देश में स्वच्छता और प्रगति का प्रतीक रहा है और भविष्य में भी शहर अपनी अग्रणी पहचान बनाए रखेगा।
Indore विकास की राह पर
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि हाल ही में इंदौर में एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसका सामना सभी ने मिलकर किया। उन्होंने कहा कि अब शहर मजबूती के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इस अवसर पर शहर में हुई हालिया त्रासदी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें सीख मिली और प्रभावित बस्ती में हुए नुकसानों का दुख उन्होंने महसूस किया। मेयर ने कहा कि अब इंदौर नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। उन्होंने नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को शहर के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मेयर भार्गव ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने आपदा का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की, जबकि विपक्ष ने शहर की उपलब्धियों और स्वच्छता को गलत ढंग से पेश कर इंदौर की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाया।
Indore की उपलब्धियाँ और भविष्य
Indore आज देश के स्वच्छ और विकसित शहरों में शामिल है। यहां की स्थानीय सरकार और प्रशासन ने जल प्रबंधन, स्वच्छता, बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं के क्षेत्र में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। नर्मदा परियोजना के चौथे चरण से शहर की पानी की उपलब्धता और सिंचाई सुविधाओं में और सुधार होगा।
CM मोहन यादव ने कहा कि इंदौर के नागरिकों का आत्मविश्वास, शहर की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यकुशलता इंदौर को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील शहर बनाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर का विकास बिना रुके और लगातार आगे बढ़ता रहेगा।
CM ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए दोहराया कि संवेदनहीन राजनीति और किसी भी आपदा पर राजनीति करने के प्रयास को इंदौर की जनता स्वीकार नहीं करेगी। लोकतंत्र में आलोचना का स्वागत है, लेकिन उसके लिए जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी जरूरी है।
निष्कर्ष
Indore में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का शुभारंभ शहर के भविष्य और जल संसाधन प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर शहर की प्रगति, नागरिकों की भागीदारी और जल संकट के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि Indore का विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में सफलता निरंतर जारी रहेगी।
साथ ही, उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा और कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से समाधान नहीं निकलता। इंदौर की जनता और प्रशासन मिलकर शहर को विकास की राह पर आगे बढ़ाते रहेंगे और शहर की पहचान को और मजबूत बनाएंगे।
