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Indore में सड़क निर्माण को लेकर विवाद, Chintu Chouksey ने घोटाले के आरोप लगाए, राजेंद्र राठौर ने किया खंडन

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Published On: 4 June 2026
Chintu

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Indore में सड़क निर्माण को लेकर सियासी घमासान, Chintu Chouksey और राजेंद्र राठौर आमने-सामने

Indore में चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा से बापट चौराहा तक बन रही सड़क को लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष Chintu Chouksey और नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के सदस्य एवं जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों को गलत बताते हुए सड़क निर्माण से जुड़े तथ्यों को लेकर अलग-अलग दलीलें पेश की हैं।

निगमायुक्त को पत्र लिखकर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल को पत्र लिखकर सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले इस मार्ग पर सीमेंट-कंक्रीट सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य बेहद घटिया स्तर का था।

चौकसे का आरोप है कि सड़क का समतलीकरण ठीक से नहीं किया गया, जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि जब सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें बढ़ने लगीं तो नगर निगम ने नए सिरे से ठेका जारी कर उसी सड़क पर डामर की परत बिछाने का काम शुरू कर दिया।

‘घोटाले को छिपाने की कोशिश’

चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि पहले घटिया गुणवत्ता की सीमेंट सड़क बनाई गई और बाद में उसकी खामियों को छिपाने के लिए डामरीकरण किया जा रहा है। उनके अनुसार यह एक सुनियोजित वित्तीय और तकनीकी अनियमितता का मामला हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

सड़क निर्माण को लेकर उठाए तकनीकी सवाल

चौकसे ने दावा किया कि लगभग चार महीने पहले सड़क निर्माण के नाम पर मार्ग को करीब एक-एक फीट तक खोदा गया था। इसके बावजूद सड़क की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने कहा कि सड़क इतनी खराब बनी कि उस पर वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया था।

उनका आरोप है कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति को छिपाने के लिए अब डामर की नई परत चढ़ाई जा रही है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

राजेंद्र राठौर ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर एमआईसी सदस्य एवं जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि चिंटू चौकसे को मामले की सही जानकारी नहीं है और वे तथ्यों को समझे बिना आरोप लगा रहे हैं।

राठौर के अनुसार जिस सड़क की बात की जा रही है, उसके सीमेंटीकरण का कोई टेंडर पिछले दस वर्षों में जारी ही नहीं हुआ। ऐसे में सीमेंट सड़क के निर्माण और उसके घटिया होने का सवाल ही नहीं उठता।

मेट्रो परियोजना का दिया हवाला

राजेंद्र राठौर ने बताया कि इस मार्ग पर मेट्रो परियोजना के तहत पिलर निर्माण के लिए खुदाई की गई थी। उसी दौरान मेट्रो कॉर्पोरेशन द्वारा आवश्यक कंक्रीट कार्य कराया गया था। नगर निगम की ओर से केवल सड़क को बेहतर बनाने के लिए डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम किसी सीमेंट सड़क पर डामर नहीं बिछा रहा, बल्कि सामान्य सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसलिए घोटाले के आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं।

इस्तीफे तक की दी चुनौती

राठौर ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनके लगाए गए आरोप सही साबित हो जाते हैं तो वे अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। जनता को भ्रमित करने के बजाय वास्तविक तथ्यों को सामने लाना जरूरी है।

सड़क निर्माण पर राजनीति तेज

इस विवाद ने नगर निगम की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है। विपक्ष जहां सड़क निर्माण में अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहा है, वहीं सत्तापक्ष आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रहा है।

स्थानीय नागरिकों की नजर अब नगर निगम प्रशासन पर टिकी हुई है। यदि मामले की जांच होती है तो सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

जनता को जांच के नतीजों का इंतजार

चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा से बापट चौराहा तक का मार्ग शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे में सड़क निर्माण को लेकर उठे सवालों ने आम नागरिकों का ध्यान भी आकर्षित किया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में कोई जांच कराता है या नहीं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और सड़क निर्माण को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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