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Indore News:भागीरथपुरा पानी संकट ने छीनी एक और जान, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे तीखे सवाल

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Published On: 6 January 2026
बेटे से मिलने आए थे इंदौर, लौटे शव बनकर: भागीरथपुरा जल त्रासदी
— बेटे से मिलने आए थे इंदौर, लौटे शव बनकर: भागीरथपुरा जल त्रासदी

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भागीरथपुरा दूषित पानी मौतें बढ़कर 17 हो गईं। धार से बेटे से मिलने आए रिटायर्ड सैनिक की मौत ने इंदौर प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी।

भागीरथपुरा दूषित पानी मौतें: एक और जान गई, आंकड़ा 17 पहुंचा

भागीरथपुरा दूषित पानी मौतें क्यों बन रहीं राष्ट्रीय चिंता

भागीरथपुरा दूषित पानी मौतें अब केवल एक स्थानीय खबर नहीं रहीं, बल्कि यह पूरे सिस्टम की विफलता का प्रतीक बन चुकी हैं। देश के सबसे स्वच्छ शहर के तमगे पर गर्व करने वाला इंदौर आज जहरीले पानी से हो रही मौतों को लेकर कटघरे में खड़ा है।

धार से इंदौर आए बुजुर्ग की दर्दनाक मौत

भागीरथपुरा में जहरीले पानी के कारण एक और मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। धार जिले के निवासी, मिलिट्री से रिटायर्ड ओमप्रकाश शर्मा, अपने बेटे से मिलने 10 दिन पहले इंदौर आए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पारिवारिक मुलाकात उनकी आख़िरी यात्रा बन जाएगी।

कैसे बिगड़ी तबीयत?

भागीरथपुरा के सरकारी स्कूल रोड क्षेत्र में रहने के दौरान उन्होंने वही पानी पिया, जो स्थानीय लोगों को सप्लाई किया जा रहा था। कुछ ही दिनों में उल्टी-दस्त, तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत शुरू हो गई।

अस्पताल से ICU तक का संघर्ष

पहले उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल रेफर किया गया। ICU में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने किडनी फेल्योर को मौत का कारण बताया।

किडनी फेल या सिस्टम फेल?

परिजनों का साफ कहना है—

“उन्हें पहले से कोई किडनी की बीमारी नहीं थी। दूषित पानी से हुए इंफेक्शन ने किडनी को नुकसान पहुंचाया।”

यहीं से सवाल उठता है—
क्या यह किडनी फेल होना था या प्रशासनिक सिस्टम का फेल होना?

कैसे जहरीला बना नर्मदा जल?

जांच में सामने आया है कि मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया। यही वजह है कि पानी में हैजा, डायरिया और ई-कोलाई जैसे घातक बैक्टीरिया पाए गए।

अस्पतालों पर दबाव

भागीरथपुरा दूषित पानी मौतें बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या विस्फोटक रूप से बढ़ी है।

  • 100+ मरीज भर्ती

  • विशेष वार्ड बनाए गए

  • IV फ्लूइड और एंटीबायोटिक्स की भारी खपत

प्रशासन की चुप्पी

अब तक 17 मौतों की चर्चा है, लेकिन प्रशासन केवल कुछ मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि कर रहा है।
 सवाल यह है कि बाकी मौतें किस खाते में जाएंगी?

स्थानीय लोगों का आक्रोश

भागीरथपुरा में डर और गुस्सा दोनों है।

  • लोग पानी पीने से डर रहे हैं

  • टैंकरों पर निर्भरता

  • बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा खतरा

क्या कहती हैं लैब रिपोर्ट्स?

सरकारी और निजी लैब्स की रिपोर्ट्स में साफ लिखा है—

“पानी पीने योग्य नहीं है।”

फिर भी यह पानी कई दिनों तक लोगों को सप्लाई होता रहा।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि

  • दूषित पानी से सेप्सिस

  • किडनी और लीवर फेल्योर

  • बुजुर्गों में मौत का खतरा कई गुना

राजनीति और जिम्मेदारी

अब यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। विपक्ष प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी बयान देने से बच रहे हैं।

अब आगे क्या?

  • पाइपलाइन का ऑडिट
  • दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
  • मृतकों के परिजनों को मुआवजा
  • सुरक्षित जल आपूर्ति की गारंटी

निष्कर्ष

भागीरथपुरा दूषित पानी मौतें केवल आंकड़े नहीं हैं, ये 17 परिवारों का उजड़ा हुआ संसार हैं। अगर अब भी जिम्मेदारी तय नहीं हुई, तो यह संख्या और बढ़ सकती है।

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