Indore News: NEET पेपर लीक के विरोध में युवाओं के धरने में शामिल हुए दिग्विजय सिंह, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
Indore नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर में भी छात्रों और युवाओं का आंदोलन लगातार जारी है। बुधवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना दे रहे युवाओं के बीच पहुंचे और उनके साथ बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया।
Indore के भंवरकुआं क्षेत्र में टंट्या मामा प्रतिमा के सामने बड़ी संख्या में युवा और विद्यार्थी पिछले करीब 20 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
युवाओं के बीच पहुंचे कांग्रेस नेता
बुधवार शाम दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी अचानक धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बैठ गए। कांग्रेस नेताओं के पहुंचने के बाद धरना स्थल पर मौजूद युवाओं का उत्साह बढ़ गया।
प्रदर्शनकारी लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने युवाओं की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए।
दिल्ली में संसद मार्च के बाद बढ़ा आंदोलन
नीट मामले को लेकर कुछ दिन पहले दिल्ली में संसद मार्च का आयोजन किया गया था। इसके बाद इंदौर में भी आंदोलन को लेकर युवाओं की सक्रियता बढ़ी है। बड़ी संख्या में छात्र और युवा धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता के लिए है। युवाओं ने केंद्र सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों की मदद करने वालों को भी परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलनकारियों के लिए भोजन और अन्य सहायता लेकर आने वाले लोगों को पुलिस थाने में बैठाया जा रहा है।
इसके अलावा कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थानों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे आंदोलन में शामिल छात्रों को हटाने के लिए कदम उठाएं। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी
धरना स्थल पर मौजूद युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग दोहराई।
युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों से छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गुरुवार को न्याय यात्रा निकालने का ऐलान
Indore में आंदोलन कर रहे युवाओं ने गुरुवार को एक बड़ी न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया है। यह यात्रा भंवरकुआं क्षेत्र से शुरू होकर गांधी प्रतिमा तक जाएगी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यात्रा के माध्यम से वे छात्रों के अधिकारों और परीक्षा में पारदर्शिता की मांग को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इसमें शामिल होने की अपील की है।
प्रशासन की नजर आंदोलन पर
नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे इस आंदोलन पर प्रशासन की भी नजर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
वहीं, प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर उचित कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
नीट विवाद को लेकर देशभर में प्रदर्शन
नीट-यूजी पेपर लीक मामला इस समय देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बना हुआ है। कई राज्यों में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में खामियों के कारण छात्रों के साथ अन्याय हुआ है, जबकि सरकार की ओर से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
Indore में दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के धरने में शामिल होने के बाद यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर गुरुवार को होने वाली न्याय यात्रा और आगे की गतिविधियों पर रहेगी।
