Indore नगर निगम का कड़ा एक्शन: पानी की बर्बादी पर सख्ती, मोटर लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
जल संकट से निपटने के लिए विशेष अभियान, मोटर जब्त और लगेगा भारी जुर्माना
Indore में बढ़ती गर्मी और जल संकट की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने अब पानी की अनावश्यक बर्बादी और अवैध उपयोग पर सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जो भी लोग पाइपलाइन में मोटर लगाकर पानी खींचते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें मोटर जब्ती के साथ-साथ आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
Indore नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में जल वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना बेहद जरूरी है। कुछ क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लोग मोटर लगाकर अधिक पानी खींच लेते हैं, जिससे अन्य इलाकों में जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
शहर में चलेगा विशेष निगरानी अभियान
Indore नगर निगम अब जलप्रदाय वाले दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात करेगा। ये टीमें घर-घर जाकर जांच करेंगी कि कहीं कोई व्यक्ति अवैध रूप से मोटर लगाकर पानी तो नहीं खींच रहा है। यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो मौके पर ही मोटर जब्त कर ली जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
Indore नगर निगम का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सभी क्षेत्रों में समान रूप से जल वितरण सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी इलाके में पानी की कमी न हो।
311 एप की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई
हाल ही में इंदौर 311 एप पर दर्ज जल संबंधी शिकायतों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जोन-10 के वार्ड 39 (खजराना क्षेत्र) में 50 दिनों से अधिक पुरानी शिकायतें लंबित थीं। इस पर निगम आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रभारी उपयंत्री का 15 दिन का वेतन काटने और एलएंडटी कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए। निगम आयुक्त ने कहा कि जल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के निर्देश
बैठक में जलप्रदाय, सीवरेज और स्वच्छता से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल वितरण व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जल संकट के समय नागरिकों को पर्याप्त और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्कूलों और शहर की व्यवस्थाओं पर भी फोकस
स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों के तहत नगर निगम ने शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें स्वच्छ शौचालय, पेयजल, डस्टबिन, हैंडवॉश और सेनेटरी वेस्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं।
दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष शौचालय बनाने और शहर की सड़कों के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निगम का सख्त संदेश
Indore नगर निगम ने साफ किया है कि जल संसाधन सीमित हैं और इनका दुरुपयोग किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से पानी का उपयोग करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
