—Advertisement—

Indore में निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के वर्षायोग हेतु किया गया विशेष निवेदन, समाजजनों ने मांगा चातुर्मास का सौभाग्य

Author Picture
Published On: 1 June 2026
indore
— इंदौर में चातुर्मास हेतु परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज से विनम्र निवेदन। महाराज श्री ने कहा— “मैं तो भक्तों के बस में हूं, जहां की भक्ति मुझे ले जाएगी, वहीं जाऊंगा।

—Advertisement—

Indore में निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के वर्षायोग हेतु किया गया विशेष निवेदन, समाजजनों ने मांगा चातुर्मास का सौभाग्य

दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्राप्त किया गुरु आशीर्वाद

Indore की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में दिगंबर जैन समाज द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। परम पूज्य निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के समक्ष इंदौर नगर में वर्षायोग एवं चातुर्मास करने का विनम्र निवेदन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों को मुनिश्री के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य भी मिला।

दिगंबर जैन समाज के सामाजिक सांसद के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने गुरु चरणों में श्रद्धा व्यक्त करते हुए इंदौर में चातुर्मास संपन्न कराने की भावनाएं व्यक्त कीं। समाजजनों का मानना है कि यदि मुनिश्री का वर्षायोग इंदौर में होता है तो यह पूरे शहर और जैन समाज के लिए अत्यंत गौरव और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर होगा।

मां अहिल्या की नगरी Indore में चातुर्मास के लिए किया निवेदन

मीडिया प्रभारी राजेश जैन ‘दद्दू’ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने परम पूज्य मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के समक्ष इंदौर में चातुर्मास करने का औपचारिक निवेदन किया। इस अवसर पर श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक के रूप में श्रीफल भेंट कर महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

उन्होंने बताया कि इंदौर, जिसे मां अहिल्याबाई होलकर की धर्मनगरी के रूप में जाना जाता है, सदैव धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में समाज की ओर से यह कामना की गई कि आगामी वर्षायोग और चातुर्मास का पावन अवसर इंदौर को प्राप्त हो।

indore
इंदौर के जैन समाज ने परम पूज्य निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज से वर्षायोग एवं चातुर्मास हेतु भावपूर्ण निवेदन किया।

समाज के प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित

इस विशेष अवसर पर सामाजिक सांसद के सर्वप्रिय अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा, महामंत्री हर्ष जैन, विजय पाटोदी और अर्पित पाटोदी सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने गुरु चरणों में श्रद्धा व्यक्त करते हुए चातुर्मास को लेकर अपनी भावनाएं प्रकट कीं।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुनिश्री का इंदौर आगमन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि इससे समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और धार्मिक संस्कारों को भी बढ़ावा मिलेगा।

धर्म, समाज और चातुर्मास को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

भेंट के दौरान अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा और मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के बीच धर्म, समाज और आगामी चातुर्मास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बातचीत के दौरान समाज की वर्तमान परिस्थितियों, धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक जागरण के विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

आनंद नवीन गोधा ने बताया कि चर्चा के दौरान ऐसा अनुभव हुआ कि महाराज श्री ने अत्यंत सहज और स्नेहपूर्ण भाव से अपनी बात रखी। उनके शब्दों ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

भक्त के वश में हैं भगवान” – मुनिश्री का भावपूर्ण संदेश

चर्चा के दौरान मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने अत्यंत प्रेरणादायक शब्दों में कहा कि “भक्त के वश में भगवान होते हैं।” उन्होंने बताया कि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि इस वर्ष उनका वर्षायोग कहां होगा।

महाराज श्री ने कहा कि वे स्वयं को भक्तों के प्रेम, श्रद्धा और भक्ति से जुड़ा हुआ मानते हैं। उन्होंने हर्षित मन से कहा कि “मैं तो भक्तों के बस में हूं, जहां की भक्ति मुझे ले जाएगी, वहीं जाऊंगा। आप सभी श्रद्धा और भक्ति का भाव बनाए रखें।”

मुनिश्री के इन शब्दों ने उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह और आशा का संचार कर दिया। समाजजनों ने इसे इंदौर के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा।

Indore को मिले चातुर्मास का सौभाग्य – समाज की प्रार्थना

अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा ने कहा कि इंदौर नगर के समस्त समाजजन यही प्रार्थना कर रहे हैं कि यह मंगल अवसर मां अहिल्या की नगरी को प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि यदि मुनिश्री का चातुर्मास इंदौर में होता है तो हजारों श्रद्धालुओं को धर्म लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने आगे कहा कि चातुर्मास केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होता, बल्कि यह समाज को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने, नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को धर्म से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

चातुर्मास का धार्मिक महत्व

जैन परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। वर्षा ऋतु के दौरान साधु-संत एक स्थान पर रुककर धर्म प्रवचन, स्वाध्याय, तप और आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

इस अवधि में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और आत्मकल्याण के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। इसलिए किसी भी शहर में चातुर्मास का आयोजन होना उस नगर के लिए विशेष गौरव और सौभाग्य का विषय माना जाता है।

श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के संभावित इंदौर आगमन की चर्चा के बाद शहर के जैन समाज में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। समाज के विभिन्न संगठन और श्रद्धालु इस आशा में हैं कि आगामी चातुर्मास इंदौर में आयोजित हो और उन्हें गुरु सान्निध्य में धर्म साधना का अवसर प्राप्त हो।

श्रद्धालुओं का मानना है कि मुनिश्री के प्रवचन और मार्गदर्शन से समाज को नई दिशा मिलेगी और धार्मिक चेतना को और अधिक बल मिलेगा।

निष्कर्ष

परम पूज्य निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के समक्ष Indore में वर्षायोग और चातुर्मास के लिए किया गया निवेदन जैन समाज की गहरी श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। समाजजनों को उम्मीद है कि मां अहिल्या की नगरी को यह आध्यात्मिक सौभाग्य प्राप्त होगा और हजारों श्रद्धालुओं को गुरु सान्निध्य में धर्म लाभ लेने का अवसर मिलेगा।

अब सभी की निगाहें मुनिश्री के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं, जिसका इंतजार इंदौर का पूरा जैन समाज श्रद्धा और उत्साह के साथ कर रहा है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp