Indore-मुंबई हाईवे पर जाम से मिलेगी राहत, पिगडंबर में बनेगा 2.1 किमी लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर
Indore-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर ट्रैफिक और दुर्घटनाओं की समस्या को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नए फ्लाइओवर और एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण की मंजूरी दे दी है। राऊ फ्लाइओवर के निर्माण के बाद अब पिगडंबर क्षेत्र में 2.1 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
पिगडंबर एलिवेटेड कॉरिडोर राऊ ब्रिज से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित होगा। अधिकारियों के अनुसार, धामनोद बायपास और सिरसोदिया जंक्शन पर भी 6-लेन फ्लाइओवर और अंडरपास का निर्माण होगा। इन परियोजनाओं का आवंटन मार्च के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
बढ़ता ट्रैफिक और दुर्घटनाओं का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि पिगडंबर क्षेत्र में पहले से ही ट्रैफिक की समस्या गंभीर है। राऊ फ्लाइओवर के निर्माण के दौरान अगर इसकी लंबाई बढ़ा दी जाती तो लागत कम होती और वाहन चालकों को कम परेशानी होती। पिगडंबर, धामनोद बायपास और सिरसोदिया जंक्शन पर स्थानीय और हाईवे का ट्रैफिक एक ही लेवल पर चलता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
पिगडंबर क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थान, कॉलोनियां, होटल और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एलिवेटेड कारिडोर बनने के बाद मुख्य हाईवे का ट्रैफिक ऊपर से गुजर सकेगा, जबकि स्थानीय और छोटे वाहन नीचे से सुरक्षित तरीके से निकल पाएंगे।
पिगडंबर में एलिवेटेड कारिडोर का निर्माण
पिगडंबर एलिवेटेड कारिडोर लगभग 2.1 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 6 लेन होंगे। इस कॉरिडोर के बनने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग का ट्रैफिक बिना रुकावट के ऊपर से गुजर सकेगा। इससे जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी घटेगा।
इस क्षेत्र में अभी दो प्रमुख चौराहे और मीडियन ओपनिंग हैं, जहां स्थानीय और राष्ट्रीय राजमार्ग का ट्रैफिक एक ही लेवल पर चलता है। इससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद वाहनों का दबाव मुख्य मार्ग से हटकर ऊपर की लेयर पर चला जाएगा।
धामनोद बायपास और सिरसोदिया जंक्शन के प्रोजेक्ट
धामनोद बायपास के एंट्री और एग्जिट पाइंट पर भी लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा 6-लेन फ्लाइओवर बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में बायपास से आने-जाने वाले वाहन और राष्ट्रीय राजमार्ग का ट्रैफिक एक ही स्तर पर मिलता है, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है।
सिरसोदिया जंक्शन पर 6-लेन अंडरपास (VUP) का निर्माण किया जाएगा। यह जंक्शन आसपास के कई ग्रामीण मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है और मंडू जैसे पर्यटन स्थलों के लिए भी मुख्य मार्ग है। अंडरपास बनने के बाद हाईवे का ट्रैफिक ऊपर से चलेगा और स्थानीय वाहनों को नीचे से गुजरने की सुविधा मिलेगी।
एनएचएआइ के क्षेत्रीय अधिकारी एसके सिंह के अनुसार, एनएच-52 पर एलिवेटेड और फ्लाइओवर प्रोजेक्ट पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं। जल्द ही इनका निर्माण कार्य शुरू होगा।
निर्माण कार्य के दौरान यातायात पर असर
विशेषज्ञ अलोक मिश्रा का कहना है कि बायपास पर कई फ्लाइओवर पहले ही बन रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान मुख्य मार्ग बंद होने की संभावना है, जिससे वाहनों को फिर से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में ट्रैफिक डायवर्जन और मार्ग व्यवस्था का ध्यान रखना आवश्यक होगा।
लाभ व्यापार और स्थानीय आबादी के लिए
एलिवेटेड कॉरिडोर और फ्लाइओवर बनने के बाद ना सिर्फ ट्रैफिक की समस्या कम होगी, बल्कि धामनोद और पिगडंबर क्षेत्रों में व्यापार और माल परिवहन की गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। भारी वाहनों का प्रवाह नियंत्रित होगा और यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और तेज़ होगी।
इसके अलावा, सिरसोदिया जंक्शन पर अंडरपास बनने से पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहन भी बिना जाम के उच्च गति से चल सकेंगे। इससे मंडू और आसपास के पर्यटक स्थल अधिक सुलभ होंगे।
परियोजना की लागत और निर्माण प्रक्रिया
अभी पिगडंबर और धामनोद क्षेत्रों के लिए निर्माण कार्य की योजना को अंतिम मंजूरी दी जा चुकी है। मार्च के अंतिम सप्ताह में परियोजनाओं का आवंटन किया जाएगा और निर्माण कार्य शुरू होगा। अधिकारी कहते हैं कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पिगडंबर और धामनोद के फ्लाइओवर परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा। वाहन चालक तेज़ गति से यात्रा कर सकेंगे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाएगी।
निष्कर्ष
Indore-मुंबई हाईवे पर पिगडंबर में 2.1 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर और धामनोद व सिरसोदिया में फ्लाइओवर/अंडरपास बनने से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की समस्या कम होगी। इस परियोजना से व्यापार, माल परिवहन और पर्यटकों की यात्रा आसान होगी। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान कुछ समय के लिए मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन सकती है, लेकिन पूर्ण होने के बाद यह हाईवे की सबसे बड़ी राहत साबित होगी।
