इंदौर के जैन तीर्थ गोम्मटगिरी पर भव्य जेनेश्वरी दीक्षा महोत्सव, आचार्य विभव सागर की कृपा से होगा आयोजन
इंदौर: मां अहिल्या की पावन नगरी इंदौर में स्थित गोम्मटगिरी जैन तीर्थक्षेत्र इस वर्ष इतिहास रचने जा रहा है। यहां पहली बार भव्य जेनेश्वरी दीक्षा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अद्वितीय है। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य जैन धर्म की धार्मिक, सांस्कृतिक और आत्मिक शिक्षा को आम जनमानस तक पहुँचाना है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर गणाचार्य विराग सागर जी एवं वर्तमान श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद से यह समारोह संपन्न होगा। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर, शुक्रवार से 2 नवम्बर, रविवार 2025 तक चलेगा।
जेनेश्वरी दीक्षा महोत्सव का विवरण
इस भव्य महोत्सव का मुख्य आकर्षण है दीक्षा संस्कार, जो रविवार, 2 नवम्बर, दोपहर 12:05 बजे से 04:12 बजे तक संपन्न होगा। दीक्षा प्रदान करने वाले हैं परम पूज्य आचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज, जिनके करकमलों द्वारा यह महामहोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह अवसर सभी दीक्षार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश का स्रोत होगा।
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक समारोह नहीं है, बल्कि यह आत्मकल्याण, त्याग, भक्ति और सामाजिक चेतना का अद्वितीय पर्व होगा। महोत्सव में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धार्मिक अनुशासन और आध्यात्मिक विकास के लिए प्रेरणा मिलेगी।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
-
दीक्षार्थियों की भव्य वेराग्य शोभायात्रा:
महोत्सव में दीक्षार्थियों द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा एक विशेष आकर्षण होगी। इसमें श्रद्धालु अपने जीवन में सत्य, अहिंसा और त्याग का संदेश समाज तक पहुंचाएंगे। -
दीक्षा संस्कार एवं दर्शन:
दीक्षा के दौरान श्रद्धालुओं को दीक्षा संस्कार का प्रत्यक्ष दर्शन करने का अवसर मिलेगा। यह अनूठा अनुभव उन्हें जैन धर्म के आध्यात्मिक और सामाजिक मूल्यों के करीब लाएगा। -
हल्दी एवं मेहंदी संस्कार:
महोत्सव में दीक्षार्थियों के लिए हल्दी एवं मेहंदी संस्कार का आयोजन भी किया जाएगा। यह संस्कार उनके जीवन में शुद्धता, संयम और त्याग का प्रतीक माना जाता है। -
भविष्य के दीक्षार्थियों के लिए संदेश:
महोत्सव के माध्यम से आने वाली पीढ़ी के दीक्षार्थियों को धार्मिक और नैतिक शिक्षा दी जाएगी। यह उन्हें अपने जीवन में सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मिक विकास की ओर प्रेरित करेगा। -
आचार्य भगवंतों की मंगलदेशना:
इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है आचार्य भगवंतों द्वारा दी जाने वाली मंगलदेशना, जो श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुशासन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
गोम्मटगिरी तीर्थ और उसका महत्व
गोम्मटगिरी जैन तीर्थ इंदौर की पावन भूमि पर स्थित है और यह धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मां अहिल्या की नगरी में स्थित यह तीर्थक्षेत्र जैन धर्मावलंबियों के लिए हमेशा से ही श्रद्धा का केंद्र रहा है। यहां आयोजित जेनेश्वरी दीक्षा महोत्सव धार्मिक अनुशासन, भक्ति और त्याग के मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बनेगा।
गोम्मटगिरी में आयोजित यह महोत्सव न केवल जैन धर्म की महान परंपराओं को जीवित रखेगा, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ाएगा। यह अवसर श्रद्धालुओं को अपने जीवन को धार्मिक अनुशासन और समाजोपयोगी कार्यों में समर्पित करने का प्रेरक संदेश देगा।
राजेश जैन दद्दू का संदेश
राजेश जैन दद्दू ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और अपने जीवन को धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से समृद्ध करें। उन्होंने कहा, “यह महोत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह आत्मकल्याण और भक्ति का अद्वितीय पर्व है। आइए, हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और अपने जीवन को धन्य करें।”
राजेश जैन दद्दू ने यह भी बताया कि यह आयोजन विशेष रूप से दीक्षार्थियों की सेवा, समाज के लिए संदेश और धार्मिक अनुशासन को बढ़ावा देगा। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी को त्याग, संयम और भक्ति की सीख मिलेगी।
सम्मिलित होकर बनाएं ऐतिहासिक पल
आगामी जेनेश्वरी दीक्षा महोत्सव 2025 न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश के जैन समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित होगा। यह महोत्सव भक्ति, त्याग और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बनकर सभी के जीवन को प्रभावित करेगा।
सभी श्रद्धालु इस अवसर पर पहुंचकर दीक्षा संस्कार, शोभायात्रा और आचार्य भगवंतों की मंगलदेशना का लाभ उठा सकते हैं। यह आयोजन धर्म, समाज और संस्कृति के समन्वय का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
नमोस्तु शासन जयवंत हो।
