काव्य कुँअर 2026 सम्मान समारोह में 23 नवोदित कवियों को काव्य दीप सम्मान एवं वरिष्ठ कवि देवकृष्ण व्यास को स्वर्णाक्षर सम्मान से सम्मानित किया गया। सांसद शंकर लालवानी, देवकृष्ण व्यास, हरिश फतेहचंदानी और अमन अक्षर ने साहित्य, राष्ट्र और युवा रचनाकारों पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। पढ़ें पूरी खबर।
काव्य कुँअर 2026 सम्मान समारोह सम्पन्न, 23 नवोदित कवियों को मिला काव्य दीप सम्मान
काव्य कुँअर 2026 सम्मान समारोह सम्पन्न, 23 नवोदित कवियों को मिला काव्य दीप सम्मान
Indore। सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुँअर बेचैन की जन्म जयंती के अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान एवं डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को प्रीतमलाल दुआ सभागार में काव्य कुँअर 2026 सम्मान समारोह एवं काव्य दीप सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में देशभर से आए युवा और वरिष्ठ साहित्यकारों ने भाग लिया। इस अवसर पर 23 नवोदित कवियों को काव्य दीप सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि वरिष्ठ कवि देवकृष्ण व्यास को कवि देवकृष्ण व्यास स्वर्णाक्षर सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि देवकृष्ण व्यास ने की। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ पत्रकार हरिश फतेहचंदानी तथा लोकप्रिय गीतकार अमन अक्षर शामिल रहे।
सांसद शंकर लालवानी ने युवाओं को दिया प्रेरक संदेश
मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि आज का अमृतकाल युवाओं का युग है। युवाओं को अपनी प्रतिभा और मेहनत से समाज एवं देश में पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि साहित्यकार और रचनाकार समाज की आत्मा होते हैं तथा उनकी लेखनी राष्ट्र के प्राणों के समान है। साहित्य समाज को दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
देवकृष्ण व्यास को मिला स्वर्णाक्षर सम्मान
Indore कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। अतिथियों का स्वागत प्रदीप जोशी, नितेश गुप्ता, संजय त्रिपाठी एवं डॉ. संध्या सिलावट ने किया। इसके बाद मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने शब्द स्वागत किया।
वरिष्ठ साहित्यकार भरत कुमार उपाध्याय ने डॉ. कुँअर बेचैन के साहित्यिक जीवन एवं योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात वरिष्ठ कवि देवकृष्ण व्यास को स्वर्णाक्षर सम्मान से सम्मानित किया गया।
“जब तक लिखने वाला बेचैन नहीं होगा, वह कवि नहीं हो सकता” — देवकृष्ण व्यास
समारोह की अध्यक्षता करते हुए देवकृष्ण व्यास ने कहा,
“आप खूब लिखें, लेकिन लिखते समय हृदय में राष्ट्र होना चाहिए। जब तक लिखने वाला स्वयं बेचैन नहीं होगा, वह सच्चा कवि नहीं बन सकता। तालियां किसी कविता की सफलता तय नहीं करतीं।”
उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित साहित्यकारों और युवा रचनाकारों को गहराई से प्रेरित किया।
हरिश फतेहचंदानी और अमन अक्षर ने रखे विचार
वरिष्ठ पत्रकार हरिश फतेहचंदानी ने कहा कि सरकार चाहे किसी भी दल की हो, कवियों को निर्भय होकर अपने विचार समाज तक पहुँचाने चाहिए।लोकप्रिय गीतकार अमन अक्षर ने कहा कि इन्दौर में डॉ. कुँअर बेचैन का स्मरण करना उनकी पीढ़ी का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा लेखक को डॉ. बेचैन की तरह सहज और संवेदनशील लेखन करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अखिलेश राव ने किया, जबकि अंत में कवि चेतन जोशी ने आभार व्यक्त किया।यह आयोजन हिन्दी आंदोलन, हिन्दीग्राम एवं मातृभाषा डॉट कॉम के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
समारोह में उपस्थित प्रमुख साहित्यकार
समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से
अरविंद तिवारी, शिशिर उपाध्याय, डॉ. नीना जोशी, दिनेश दवे, श्याम कामले, अनिता बिरला, स्वाति सिंह साहिबा, कल्याणी गुप्ता, नैवेद्य पुरोहित, प्रमोद दीक्षित, विनीता तिवारी, लक्ष्मीकांत पंडित, मार्टिन पिंटो, शिवम सिंह, वैदिक पराशर तथा वेदांत चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
काव्य दीप सम्मान से सम्मानित हुए 23 नवोदित कवि
इस अवसर पर देशभर के 23 युवा रचनाकारों को काव्य दीप सम्मान प्रदान किया गया।सम्मानित कवियों में
- उज्जैन से प्रशांत व्यास ‘रुद्र’
- फतेहपुर से सुंदरम फतेहपुरी
- नरसिंहपुर से मेघा मिश्रा
- बालाघाट से माही शुक्ला
- आष्टा से अंकित शर्मा
- मंदसौर से अभिषेक सोलंकी
- मंदसौर से सुभाष बोराना
- सनावद से गौरव पटेल नीलकंठ
- सनावद से श्रीधरा पटेल
- सोनगढ़ से नारायण कुमावत
- सिवनी से राज तेकाम
- कसरावद से गौतम रावल
- टोकसर से अजय वर्मा
- इन्दौर से प्रशांत राव चौरसे
- हिमांशु मंगला वर्मा
- पवन जोशी
- कुलश्रेष्ठ शर्मा
- प्राची शर्मा
- निशिका नागर
- डॉ. आभांश शर्मा
- गोपाल सोलंकी इंदौरी
- विशाल शर्मा ‘जानिब’
- यश शुक्ला
को मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा काव्य दीप सम्मान से सम्मानित किया गया।
निष्कर्ष
काव्य कुँअर 2026 सम्मान समारोह Indore ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि साहित्य समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को प्रेरित करने और राष्ट्र भावना को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकारों के मार्गदर्शन और युवा कवियों के सम्मान ने साहित्यिक जगत को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम में व्यक्त विचारों ने युवा रचनाकारों को राष्ट्र, समाज और मानवीय संवेदनाओं के प्रति समर्पित लेखन के लिए प्रेरित किया।




