इंदौर: Tulsi Nagar पुलिया से Scheme134 तक सिक्स लेन सड़क, 70 लाख की मंजूरी के साथ बड़ा विकास प्रोजेक्ट शुरू
प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी के बाद तेजी से आगे बढ़ा काम
इंदौर में तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। Tulsi Nagar पुलिया से लेकर Scheme 134 वसुंधरा कॉम्प्लेक्स तक बनने वाली सड़क को अब फोरलेन से बढ़ाकर सिक्स लेन किया जाएगा। इस बदलाव के लिए लगभग 70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
यह निर्णय प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में लिया गया, जिसमें क्षेत्रीय रहवासी संघों की मांग और भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखा गया। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद औपचारिक संकल्प जारी कर दिया गया और ठेकेदार फर्म को तुरंत कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए गए।
पहले फोरलेन सड़क की योजना थी
इस मार्ग पर शुरुआत में फोरलेन सीमेंट-कंक्रीट सड़क बनाने की योजना बनाई गई थी। लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना का निर्माण पहले ही शुरू किया गया था। सड़क के कुछ हिस्सों में दो लेन का निर्माण पूरा भी हो चुका है और उस पर यातायात भी चालू है।
हालांकि जैसे-जैसे इस क्षेत्र में आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे फोरलेन सड़क की क्षमता अपर्याप्त महसूस होने लगी। इसी कारण प्राधिकरण ने भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इस सड़क को सिक्स लेन में विकसित करने का निर्णय लिया।
रहवासी संघों की मांग बनी बड़ा कारण
इस परियोजना को सिक्स लेन में बदलने में स्थानीय रहवासी संघों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपोलो डीबी सिटी, तुलसी नगर और महालक्ष्मी नगर रहवासी कल्याण संघों ने प्राधिकरण को लिखित आवेदन देकर सड़क चौड़ी करने की मांग की थी।
इनका कहना था कि क्षेत्र में तेजी से बढ़ते रिहायशी प्रोजेक्ट्स, कॉमर्शियल गतिविधियों और सरकारी कार्यालयों के कारण यह मार्ग पहले से ही अत्यधिक व्यस्त हो चुका है। यदि समय रहते सड़क चौड़ी नहीं की गई, तो आने वाले वर्षों में यहां गंभीर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।
प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे बोर्ड बैठक में रखा, जहां इसे मंजूरी मिल गई।
निर्माण कार्य में कई बाधाएं भी सामने आईं
इस सड़क परियोजना का कार्य जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही चुनौतियां भी इसके साथ जुड़ी हुई हैं। निर्माण के दौरान कई जगह कानूनी और भौतिक बाधाएं सामने आईं।
तुलसी नगर क्षेत्र में कुछ भूखंडों को लेकर कोर्ट से स्टे ऑर्डर जारी है, जिसके कारण सड़क का एक हिस्सा अभी भी अधूरा है। वहीं कुछ जगहों पर कॉलोनाइजर द्वारा सड़क चौड़ाई में ही भूखंड बेच दिए जाने के विवाद भी सामने आए हैं।
इसके अलावा बीसीएम और कोकिलाबेन हॉस्पिटल के आसपास दो कब्रिस्तानों की भूमि से जुड़ी बाधाएं भी निर्माण कार्य में रुकावट डाल रही हैं। इन कारणों से पूरी सड़क का निर्माण एक साथ नहीं हो पा रहा है।
पहले से बनी सड़क और मौजूदा स्थिति
वर्तमान स्थिति में इस मार्ग का कुछ हिस्सा पहले ही फोरलेन के रूप में तैयार किया जा चुका है। दो लेन का उपयोग वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू भी हो चुका है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली है।
लेकिन सड़क के बाकी हिस्सों पर काम अभी भी जारी है। जहां जगह उपलब्ध है, वहां निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अब अतिरिक्त दो लेन जोड़कर इसे सिक्स लेन में परिवर्तित किया जाएगा।
प्राधिकरण का कहना है कि यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि यातायात पर अधिक असर न पड़े।
इंदौर के पूर्वी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड
यह सड़क इंदौर के निपानिया, तुलसी नगर, महालक्ष्मी नगर और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को जोड़ती है। यहां अपोलो डीबी सिटी जैसे बड़े रिहायशी प्रोजेक्ट मौजूद हैं, जहां हजारों परिवार रहते हैं।
इसके अलावा इस मार्ग पर पासपोर्ट ऑफिस और अन्य सरकारी व निजी कार्यालय भी स्थित हैं, जिससे यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है।
ऐसे में यह सड़क न केवल एक स्थानीय मार्ग है, बल्कि पूरे क्षेत्र की लाइफलाइन बन चुकी है।
ट्रैफिक दबाव और भविष्य की जरूरतें
वर्तमान में इस मार्ग पर सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिलती है। स्कूल, ऑफिस टाइम और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में इस क्षेत्र में वाहन संख्या और जनसंख्या में और वृद्धि होगी। यदि सड़क का विस्तार नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने फोरलेन के बजाय सिक्स लेन सड़क का निर्णय लिया है।
राधिका पैलेस क्षेत्र में पुलिया विवाद
इस परियोजना से जुड़े क्षेत्र में हाल ही में एक और तकनीकी समस्या सामने आई थी। राधिका पैलेस कॉलोनी के पास बनी एक कल्वर्ट पुलिया के निर्माण को लेकर ठेकेदार और निगम के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था।
ठेकेदार का आरोप था कि भुगतान समय पर नहीं किया गया, जिसके कारण काम रोकना पड़ा। इस स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण ने हस्तक्षेप किया और निगम प्रशासन को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
इसके बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और तकनीकी समायोजन के बाद कार्य दोबारा शुरू करवाया गया।
प्रशासन और इंजीनियरिंग टीम की सक्रिय भूमिका
इस पूरे प्रोजेक्ट में प्राधिकरण की इंजीनियरिंग टीम लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। कार्यपालन यंत्री पंकज वैशम्पायन और दिनेश गोयल ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य की समीक्षा की और बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
सहायक यंत्री और ब्रिज सेल की टीम ने भी स्थल निरीक्षण कर तकनीकी समस्याओं का समाधान किया, जिससे काम को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
किसानों और भूमि उपयोग को लेकर रणनीति
हालांकि इस विशेष सड़क परियोजना में सीधे बड़े भूमि अधिग्रहण का मुद्दा प्रमुख नहीं है, लेकिन आसपास के क्षेत्रों में प्राधिकरण की अन्य योजनाओं में किसानों के हितों को ध्यान में रखा जा रहा है।
प्राधिकरण का मॉडल यह है कि अधिग्रहित भूमि का एक बड़ा हिस्सा विकसित कर किसानों को वापस दिया जाए, ताकि उन्हें भूमि के बढ़े हुए मूल्य का लाभ मिल सके और क्षेत्रीय विकास भी संतुलित तरीके से हो।
शहरी विकास और रियल एस्टेट पर प्रभाव
इस सड़क के सिक्स लेन बनने से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि होगी और निवेशकों की रुचि भी बढ़ेगी।
इसके अलावा कॉमर्शियल गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
निष्कर्ष: इंदौर के विकास में एक और अहम कदम
तुलसी नगर पुलिया से योजना 134 तक बनने वाली यह सिक्स लेन सड़क इंदौर के शहरी विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना न केवल वर्तमान ट्रैफिक समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
हालांकि कानूनी विवाद, तकनीकी बाधाएं और निर्माण संबंधी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन प्राधिकरण का दावा है कि सभी समस्याओं को हल करते हुए परियोजना को तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
यह सड़क इंदौर के पूर्वी हिस्से में विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
