इंदौर में Orbosis स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026: 50 उभरते स्टार्टअप्स को मिला सम्मान,
इंदौर में आयोजित ‘Orbosis Startup Awards 2026’ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मध्य भारत तेजी से देश के स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। इस भव्य आयोजन में शहर के 50 उभरते स्टार्टअप्स और उनके विजनरी फाउंडर्स को उनके उत्कृष्ट कार्य और इनोवेशन के लिए सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम केवल एक अवॉर्ड सेरेमनी नहीं रहा, बल्कि यह स्टार्टअप्स को पहचान, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग का एक मजबूत मंच भी साबित हुआ, जहां 100 से अधिक स्टार्टअप्स की प्रतिभा और मेहनत को भी रैंप वॉक रनवे जैसे अनोखे कॉन्सेप्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इवेंट का उद्देश्य: सिर्फ सम्मान नहीं, एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्टार्टअप्स को केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना था जहां वे अपनी पहचान को मजबूत कर सकें और बड़े स्तर पर अवसर प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम का नेतृत्व ऑर्बोसिस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर प्रभात अग्रवाल ने किया। उनके साथ डायरेक्टर्स पूजा मोगल, ऋतु अग्रवाल, प्रकाश अग्रवाल और शुभम पाटीदार ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस आयोजन में AIS सिग्नेचर ने ऑफिशियल पावर पार्टनर के रूप में सहयोग दिया, जिससे इंदौर और मध्य भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिली।
टॉक शो बना कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित हिस्सा पीआर 24×7 के साथ आयोजित टॉक शो रहा, जिसमें ब्रांडिंग, परसेप्शन बिल्डिंग और स्टार्टअप की पहचान पर गहन चर्चा की गई।
इस सत्र में यह समझाया गया कि आज के समय में केवल अच्छा प्रोडक्ट होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही ब्रांड स्टोरी और प्रभावी प्रस्तुति भी उतनी ही जरूरी है।
इस पैनल में कई अनुभवी उद्यमियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल रहे:
- नेहा गौर (सीईओ, पीआर 24×7)
- नरेंद्र सेन (नीवक्लाउड और रैकबैंक फाउंडर)
- पुष्पेंद्र अग्रवाल (वियासॉकेट और वॉकओवर फाउंडर)
- हिमांशु चतुर्वेदी (मोशनजिलिटी फाउंडर)
इन सभी विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स को यह समझाया कि मजबूत ब्रांडिंग ही लंबे समय तक सफलता की कुंजी है।
नेहा गौर का संदेश: कहानी ही सबसे बड़ी ताकत
पीआर 24×7 की सीईओ नेहा गौर ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी स्टार्टअप की शुरुआत उसकी कहानी से होती है, और वही कहानी उसकी सबसे बड़ी ताकत बनती है।
उन्होंने कहा कि पब्लिक रिलेशंस केवल प्रचार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विश्वास बनाने की प्रक्रिया है, जो किसी भी ब्रांड को कठिन समय में भी मजबूत बनाए रखती है।

प्रभात अग्रवाल का विजन
ऑर्बोसिस ग्लोबल के फाउंडर प्रभात अग्रवाल ने इस आयोजन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस मंच का लक्ष्य केवल अवॉर्ड देना नहीं है, बल्कि ऐसे इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है जहां स्थानीय स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान मिल सके।
उन्होंने कहा कि ‘रनवे कॉन्सेप्ट’ यह दर्शाता है कि अब इनोवेशन ही मध्य भारत की नई पहचान बन रहा है।
50 स्टार्टअप्स को मिला सम्मान
इस आयोजन में 50 ऐसे स्टार्टअप फाउंडर्स को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया है और एक मजबूत पहचान बनाई है।
इनमें कई क्षेत्रों जैसे टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, हेल्थकेयर, फूड, डिजिटल मार्केटिंग और इनोवेशन आधारित स्टार्टअप शामिल रहे।
कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार रहे:
- रोशन कुशवाहा (इंश्योर मार्केटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड)
- शुभम पाटीदार (ऑर्बोटॉक्स)
- आशीष गुप्ता (ऑर्बोसिस रियलिटी)
- वैभव मेहरोत्रा (वैभव परफ्यूमरी)
- पूजा विश्वकर्मा (गीता की रसोई)
- दीपक पंचाल (एट्जियन टेक्नोलॉजीस एलएलपी)
- भरत राठौड़ (गेटजी)
- निहित सबलोक (भोजनकार्ट)
- हेमंत पवार (एमपी सेलेब्रिटीज)
- अमित चावला (अल्फाग्रोथविलेज प्राइवेट लिमिटेड)
इसके अलावा कई अन्य युवा फाउंडर्स को भी उनके इनोवेटिव आइडियाज और बिजनेस मॉडल्स के लिए सम्मानित किया गया।
स्टार्टअप्स के लिए नया प्लेटफॉर्म
इस आयोजन ने इंदौर के स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक नया मंच प्रदान किया, जहां नए फाउंडर्स को न केवल पहचान मिली बल्कि उन्हें विशेषज्ञों से सीखने का अवसर भी मिला।
रैंप वॉक रनवे जैसे कॉन्सेप्ट ने इसे पारंपरिक अवॉर्ड शो से अलग बनाते हुए एक आधुनिक और क्रिएटिव स्टार्टअप शोकेस में बदल दिया।
ब्रांडिंग और PR पर विशेष फोकस
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि आज के डिजिटल युग में स्टार्टअप की सफलता केवल प्रोडक्ट पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी ब्रांडिंग और पब्लिक इमेज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों ने बताया कि सही PR रणनीति किसी भी स्टार्टअप को बाजार में तेजी से स्थापित करने में मदद कर सकती है।
निष्कर्ष
ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026 ने यह साबित कर दिया कि इंदौर अब केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि तेजी से उभरता हुआ स्टार्टअप हब बन रहा है।
50 उभरते स्टार्टअप्स को मिला यह सम्मान न केवल उनके लिए एक उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
यह आयोजन आने वाले समय में मध्य भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
