हनुमान जन्मोत्सव 2026 पर इंदौर में 71 फीट की अष्टधातु मूर्ति, 108 राम नाम वाला निरालाधाम और उल्टे हनुमान के दर्शन। जानें पवन पुत्र के महाबली स्वरूप की पूरी कहानी।
हनुमान जन्मोत्सव 2026 : इंदौर की अनोखी धरोहर
इंदौर। हनुमान जन्मोत्सव 2026 का पावन अवसर पूरे मध्य प्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। खासतौर पर इंदौर शहर, जो अपनी आस्था और भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है, इस बार भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव लेकर आया है। यहां बाल स्वरूप में विराजमान बजरंगबली से लेकर पवन पुत्र का महाबली स्वरूप 71 फीट ऊंची विशाल मूर्ति के रूप में भक्तों का आशीर्वाद ले रहा है।
शहर में हर ओर रामभक्त हनुमान अलग-अलग मुद्राओं और अनोखे रूपों में विराजित हैं। कहीं वे बालक के रूप में तो कहीं 108 टन वजनी अष्टधातु की सुनहरी मूर्ति के रूप में दर्शन दे रहे हैं। आइए जानते हैं इंदौर के उन खास हनुमान मंदिरों के बारे में, जो इस जन्मोत्सव पर आपकी यात्रा के लिए अवश्य हैं।
पितृ पर्वत पर 71 फीट का पवन पुत्र का महाबली स्वरूप
अक्सर हनुमान जी की खड़ी मूर्तियां ही देखने को मिलती हैं, लेकिन इंदौर के पितृ पर्वत पर स्थिति बिल्कुल अलग है। यहां विराजित पवन पुत्र का महाबली स्वरूप ध्यान मुद्रा में विश्व की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक मानी जाती है।
- ऊंचाई: 71 फीट
- वजन: 108 टन
- सामग्री: अष्टधातु (सुनहरे रंग की)
- विशेषता: मूर्ति के हाथ में नौ टन वजनी गदा और छतरी भी लगी है।
इस मूर्ति के निर्माण में सात वर्ष का समय लगा था। पूरी मूर्ति पर 108 बार राम नाम अंकित है। पितरेश्वरधाम के महेश दलोद्रा ने बताया कि यह मूर्ति न केवल अपने आकार के लिए बल्कि अपनी दुर्लभ ध्यान मुद्रा के लिए भी प्रसिद्ध है। यह पवन पुत्र का महाबली स्वरूप भक्तों को शांति और साहस का संदेश देता है।
निरालाधाम: जहां राम नाम लिखकर मिलता है प्रवेश
इंदौर के पूर्वी क्षेत्र वैभव नगर में स्थित निरालाधाम अपने आप में अद्वितीय है। यहां 200 फीट की ऊंचाई पर 51 फीट के बजरंगबली विराजमान हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां प्रवेश के लिए कोई प्रसाद या चढ़ावा नहीं, बल्कि 108 बार राम नाम लिखना होता है।
- स्थापना: 1990 में शुरू (निर्माण आज भी जारी)
- क्षेत्रफल: 11,000 वर्ग फीट
- खासियत: 24 घंटे रामधुन, हर कोने पर राम नाम लिखा हुआ।
मंदिर संचालक प्रकाशचंद बागरेचा बताते हैं, “ईश्वरीय सत्ता से चलने वाला यह मंदिर सिद्ध करता है कि सच्ची भक्ति बिना किसी लालच के होती है।” हनुमान जन्मोत्सव 2026 के मौके पर यहां विशेष रामायण पाठ का आयोजन किया जाएगा।
हाथों में शिवलिंग और उल्टे हनुमान की ख्याति
ज्यादातर हनुमान मूर्तियों में उनके हाथ में द्रोणागिरी पर्वत होता है, लेकिन इंदौर से 45 किलोमीटर दूर ओखलेश्वर धाम में यह दृश्य अलग है। यहां बजरंगबली की साढ़े नौ फीट की मूर्ति के हाथों में शिवलिंग है। यह मूर्ति एक ही पत्थर पर बनी हुई है, जो अपने आप में अद्भुत है।वहीं, सांवेर स्थित उल्टे हनुमान की ख्याति देश-दुनिया में है। इस मंदिर का निर्माण देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा से मल्हारराव होलकर ने कराया था।
कथा: मान्यता है कि हनुमान जी सांवेर के रावेर से उल्टे होकर पाताल लोक गए थे, इसलिए यहां उनकी मूर्ति उल्टी दिशा में स्थापित है। यह अनोखा पवन पुत्र का महाबली स्वरूप भक्तों के बीच चमत्कारी माना जाता है।
हनुमान जन्मोत्सव 2026 : आरती और महाप्रसादी का कार्यक्रम
हनुमान जन्मोत्सव 2026 के अवसर पर इंदौर के सभी प्रमुख हनुमान मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। पितरेश्वरधाम में सुबह 11:30 बजे महाआरती होगी, जबकि दिनभर महाप्रसादी का वितरण चलेगा। शाम 7 बजे फिर से भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा।इंदौर के इन मंदिरों में पवन पुत्र का महाबली स्वरूप देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं। अगर आप भी इस अवसर पर इंदौर आ रहे हैं, तो इन मूर्तियों के दर्शन करना न भूलें।
