इन्दौर गुरूतीज आयोजन के अवसर पर अ.भा. श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् इन्दौर द्वारा मजदूरों और राहगीरों को भोजन वितरण कर मानवसेवा का संदेश दिया गया।
इन्दौर गुरूतीज आयोजन: सेवा, संस्कार और समाजोत्थान की मिसाल
इन्दौर गुरूतीज आयोजन के अंतर्गत सामाजिक समरसता और मानवसेवा का भाव एक बार फिर सशक्त रूप में सामने आया।
इन्दौर नगर में अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद्, शाखा – इन्दौर द्वारा प्रातः स्मरणीय पूज्य गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. के शिष्यरत्न, परिषद् संस्थापक आचार्य देवेश श्रीमद्विजय यतीन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. की पुण्य तिथि के अवसर पर गुरूतीज श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाई गई।
गुरूतीज के अवसर पर मानवसेवा
इन्दौर गुरूतीज आयोजन के अंतर्गत कालानी नगर स्थित मजदूर चौक पर
मजदूरों
राहगीरों
जरूरतमंद नागरिकों
को भोजन वितरण किया गया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने का सशक्त प्रयास रहा।
संस्था के उद्देश्यों की जीवंत प्रस्तुति
परिषद् की स्थापना जिन चार प्रमुख उद्देश्यों को लेकर की गई थी, उनमें
समाजोत्थान
मानवसेवा
को विशेष महत्व दिया गया है। इन्दौर गुरूतीज आयोजन उसी विचारधारा की जीवंत अभिव्यक्ति बना, जिसमें सेवा को ही सच्ची श्रद्धांजलि माना गया।
स्मृति में समर्पित सेवा
आज के इस इन्दौर गुरूतीज आयोजन का सम्पूर्ण लाभ
स्वर्गीय तेजकरण सोरम बाई सगरावत की पुण्य स्मृति में
दीपक कुमार, मुकुल, निखिल, तन्मय, विश्व, वर्णिक एवं तरांश सगरावत परिवार द्वारा लिया गया।
सामूहिक सहभागिता
इस अवसर पर
परिषद् परिवार
सगरावत परिवार
समाज के गणमान्य सदस्य
उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी परिषद् सचिव शैलेन्द्र सुराणा द्वारा दी गई।
