Indore के गौरव दवे अंगदान कर हुए अमर, अहमदाबाद के युवक के सीने में धड़केगा उनका दिल; 4 लोगों को मिली नई जिंदगी
Indore । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के युवा कलाकार गौरव दवे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगदान के फैसले ने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गौरव दवे के परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनके अंगों को दान करने का निर्णय लिया। उनके दिल को एयरलिफ्ट कर गुजरात के अहमदाबाद भेजा गया, जहां एक 24 वर्षीय युवक के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। वहीं उनके लिवर और दोनों किडनी से तीन अन्य लोगों को नया जीवन मिला।
गौरव के इस महादान से कुल चार लोगों की जिंदगी रोशन हुई है। उनकी आंखों के कॉर्निया भी दान किए गए हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को रोशनी मिलने की उम्मीद है। इंदौर में इस अंगदान के लिए 68वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिसके माध्यम से समय पर अंगों को अस्पतालों तक पहुंचाया गया।
अहमदाबाद पहुंचा गौरव का दिल
डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद सोमवार सुबह 8:04 बजे गौरव दवे का दिल विशेष व्यवस्था के तहत एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद भेजा गया। अहमदाबाद स्थित यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती 24 वर्षीय युवक में गौरव का हृदय प्रत्यारोपित किया गया।
हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंग को कम समय में निर्धारित स्थान तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए इंदौर से अहमदाबाद तक ग्रीन कॉरिडोर और विशेष परिवहन व्यवस्था की गई। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अंग को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।
लिवर और किडनी से तीन लोगों को मिली नई जिंदगी
गौरव दवे के अंगदान से केवल एक नहीं बल्कि कई लोगों को जीवनदान मिला। उनका लिवर और दोनों किडनी इंदौर के चोइथराम अस्पताल में भर्ती मरीजों में प्रत्यारोपित किए गए।
लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण 22 और 52 वर्षीय महिलाओं में किया गया। डॉक्टरों की टीम ने पूरी सावधानी के साथ यह प्रक्रिया पूरी की। वहीं गौरव की आंखों के कॉर्निया शंकरा आई अस्पताल को दान किए गए हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को दृष्टि मिल सकेगी।
मोयामोया बीमारी ने बदली जिंदगी की राह
गौरव दवे के परिवार के अनुसार, उनका सपना एक्टर बनने का था। उन्होंने मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत भी की थी, लेकिन दुर्लभ मस्तिष्क संबंधी बीमारी मोयामोया ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
13 जुलाई को गौरव को ब्रेन हेमरेज हुआ था। इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की। हालांकि इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बाद में चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
इस कठिन समय में परिवार ने दुख के बीच बड़ा फैसला लेते हुए उनके अंगदान की सहमति दी और कई लोगों को जीवन की नई उम्मीद दी।
अंतिम विदाई के दौरान भावुक हुआ माहौल
अंगदान के बाद गौरव दवे का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
इस दौरान गौरव के माता-पिता कविता और सतीश दवे भावुक नजर आए। बेटे को खोने का दुख परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक था, लेकिन उनके अंगों से कई लोगों को जीवन मिलने की संतुष्टि भी परिवार के लिए एक बड़ी बात रही।
गौरव के परिवार के इस निर्णय की लोगों ने जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
फिल्म और डिजिटल दुनिया में बनाई पहचान
गौरव दवे केवल एक कलाकार बनने का सपना देखने वाले युवा नहीं थे, बल्कि उन्होंने मनोरंजन क्षेत्र में अपनी प्रतिभा भी दिखाई थी। उन्होंने बॉलीवुड और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
साल 2021 में उन्होंने विक्की कौशल और सारा अली खान अभिनीत फिल्म ‘जरा हटके जरा बचके’ में कास्टिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया था। इसके अलावा उन्होंने वेब सीरीज ‘बड़ा नाम करेगा’, ‘सुमन इंदौरी’ और ‘रिवोल्यूशनरी’ में कास्टिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी निभाई।
गौरव ने अभिनय के क्षेत्र में भी कदम रखा था। उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘माय हीरो’ में पर्यटक की भूमिका निभाई और ‘वीडियो गेम स्कैम’ वेब सीरीज में अभिनेता के तौर पर काम किया।
अंगदान बना समाज के लिए संदेश
गौरव दवे का जीवन भले ही कम उम्र में समाप्त हो गया, लेकिन उनके अंगदान ने उन्हें हमेशा के लिए यादगार बना दिया। अंगदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए उनका परिवार एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंगदान कई गंभीर मरीजों के लिए जीवन बचाने का माध्यम बन सकता है। एक व्यक्ति के अंग कई जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे सकते हैं।
Indore के गौरव दवे ने अपने अंतिम समय में भी मानवता की सेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनका दिल अब अहमदाबाद के एक युवक के सीने में धड़केगा और उनकी याद हमेशा जीवित रहेगी।
