इंदौर सहकारी दुग्ध संघ NDERP प्रणाली का रिकॉर्ड एक माह में सफल कार्यान्वयन। NDDB, MPCDF और IDS की डिजिटल उपलब्धि।
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ NDERP का सफल शुभारंभ
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ NDERP के माध्यम से मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र ने डिजिटल युग में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की अत्याधुनिक National Dairy ERP (NDERP) प्रणाली का शुभारंभ इंदौर दुग्ध संघ (IDS) में सफलतापूर्वक किया गया।
यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सहकारिता, पारदर्शिता और उत्पादकता के नए मानक भी स्थापित करती है।
NDERP शुभारंभ: कार्यक्रम की मुख्य जानकारी
इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह के कुशल मार्गदर्शन में यह परियोजना साकार हुई।
प्रमुख अतिथि एवं अधिकारीगण
- डॉ. संजय गोवाणी, प्रबंध निदेशक – एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन (ऑनलाइन)
- NDDB के वरिष्ठ अधिकारीगण (ऑनलाइन)
- MPCDF के वरिष्ठ अधिकारीगण (ऑनलाइन)
- श्री बलबीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – इंदौर दुग्ध संघ
- श्री रितेश चौधरी, प्रमुख – आईटी, MPCDF
- इंदौर दुग्ध संघ के अधिकारी एवं कर्मचारीगण
रिकॉर्ड समय में NDERP कार्यान्वयन: एक मिसाल
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ NDERP प्रणाली का कार्यान्वयन मात्र एक माह की रिकॉर्ड अवधि में पूर्ण किया गया।
यह उपलब्धि NDDB, MPCDF और IDS के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता, समर्पण और तकनीकी विशेषज्ञता का प्रमाण है।
NDERP क्या है? (What is National Dairy ERP?)
National Dairy ERP (NDERP) एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे NDDB द्वारा विकसित किया गया है।
इसका उद्देश्य डेयरी संघों के सभी परिचालन कार्यों को एकीकृत करना है।
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ NDERP के प्रमुख लाभ
1. रीयल-टाइम डेटा विश्लेषण
अब निर्णय अनुमान नहीं, बल्कि सटीक डेटा पर आधारित होंगे।
2. विभागीय एकीकरण
- दूध खरीद
- उत्पादन
- वितरण
- लेखा एवं वित्त
सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर।
3. पारदर्शिता में वृद्धि
हर प्रक्रिया ट्रैक योग्य, जवाबदेही सुनिश्चित।
4. समय और लागत की बचत
डिजिटल प्रक्रियाओं से मैन्युअल कार्य में कमी।
5. उत्पादकता में सुधार
कर्मचारियों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ NDERP प्रणाली का सफल क्रियान्वयन,
प्रधानमंत्री के Digital India Mission को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है।
यह पहल पूरे मध्यप्रदेश डेयरी सेक्टर के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी है।
राज्यभर में डेयरी डिजिटलीकरण का उदाहरण
IDS में NDERP की सफलता के बाद,
अन्य दुग्ध संघों में भी इस मॉडल को अपनाने की संभावनाएँ बढ़ गई हैं।
यह सहकारी क्षेत्र में तकनीकी परिवर्तन (Digital Transformation) का स्पष्ट संकेत है।
आभार एवं शुभकामनाएँ
अंत में,
डॉ. संजय गोवाणी एवं श्री बलबीर शर्मा ने NDDB के वरिष्ठ अधिकारियों (NDERP के सूत्रधार),
MPCDF और इंदौर दुग्ध संघ के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को
मात्र एक माह में NDERP प्रणाली लागू करने के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ दीं।
