डॉ अनुपम जैन महावीर पुरस्कार से सम्मानित। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय Indore के प्रख्यात गणितज्ञ एवं जैन विद्या विशेषज्ञ डॉ अनुपम जैन को जैन दर्शन, प्राचीन भारतीय गणित और श्रमण संस्कृति में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित महावीर पुरस्कार प्रदान किया गया।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
डॉ अनुपम जैन महावीर पुरस्कार: जैन गणित और श्रमण संस्कृति के शोध को मिला राष्ट्रीय सम्मान
राजेश जैन दद्दू, Indore
डॉ अनुपम जैन महावीर पुरस्कार से सम्मानित होने की खबर ने Indoreसहित देशभर के जैन समाज और शिक्षाविदों में हर्ष का वातावरण निर्मित कर दिया है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के गणित के प्रोफेसर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गणितज्ञ तथा जैन विद्या विशेषज्ञ डॉ. अनुपम जैन को जैन दर्शन, प्राचीन भारतीय गणित एवं श्रमण संस्कृति के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय शोध एवं लेखन कार्य के लिए दि जैन अतिशय क्षेत्र महावीर जी प्रबंधकारिणी समिति द्वारा वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित महावीर पुरस्कार प्रदान किया गया।
डॉ अनुपम जैन को मिला प्रतिष्ठित महावीर पुरस्कार
जैन दर्शन, प्राचीन भारतीय गणित और श्रमण संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय Indore के गणित विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनुपम जैन को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित महावीर पुरस्कार प्रदान किया गया।यह सम्मान जैन धर्म, दर्शन, संस्कृति, साहित्य, कला और भाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्वानों को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण स्रोत जैन अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
जयपुर में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह
जयपुर स्थित जैन विद्या संस्थान के सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में दि जैन अतिशय क्षेत्र महावीर जी प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल, पूर्व अध्यक्ष एन.के. सेठी (आईएएस) तथा जैन विद्या संस्थान समिति के संयोजक प्रोफेसर डॉ. कमलचंद सोगानी ने डॉ. अनुपम जैन को शाल, श्रीफल एवं मोती माला पहनाकर प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान निधि प्रदान की।समारोह में देशभर से शिक्षा, धर्म और समाज जगत के प्रतिष्ठित विद्वानों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
जैन गणित पर शोध को मिली राष्ट्रीय पहचान
सम्मान समारोह के दौरान अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल ने डॉ. अनुपम जैन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पुस्तक “जैन गणित की विशेषताएं” भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच सेतु का कार्य करती है।उन्होंने कहा कि डॉ. जैन ने जैन आगमों में वर्णित गणितीय सिद्धांतों को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर नई पीढ़ी के शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त किया है।जैन गणित के क्षेत्र में किया गया उनका शोध न केवल अकादमिक जगत के लिए उपयोगी है, बल्कि यह भारतीय गणितीय विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
जैन दर्शन में गणित की महत्वपूर्ण भूमिका
अपने सम्मान के उत्तर में डॉ. अनुपम जैन ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उन सभी आचार्यों, गुरुओं, साधु-साध्वियों का है जिन्होंने उन्हें जैन विद्या की अमूल्य धरोहर प्रदान की।उन्होंने कहा कि जैन दर्शन के गहन अध्ययन के लिए गणित का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। जैन आगमों में वर्णित लोक विज्ञान, कर्म सिद्धांत तथा न्यायशास्त्र के अनेक पहलुओं को समझने में गणित की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।डॉ. जैन के अनुसार जैन आगमों और उनकी टीकाओं में विषयों के विश्लेषण हेतु प्रयुक्त गणितीय सिद्धांतों एवं सूत्रों को ही जैन गणित कहा जाता है। यही कारण है कि जैन गणित भारतीय बौद्धिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।
समारोह में विद्वानों की रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर शिक्षा एवं जैन जगत के अनेक मनीषी विद्वान, शोधकर्ता और समाजजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अनिल जैन ने किया जबकि आगंतुकों के प्रति आभार उमरावमल संघी ने व्यक्त किया।
इंदौर में खुशी की लहर, समाजजनों ने दी बधाई
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि डॉ. अनुपम जैन को महावीर पुरस्कार मिलने पर Indore सहित पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।इस उपलब्धि पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई, पूर्व कुलगुरु डॉ. रेणु जैन, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, हंसमुख गांधी, आजाद जैन, डॉ. जैनेंद्र जैन, टी.के. वेद, अशोक खांसगीवाला सहित अनेक समाजश्रेष्ठियों एवं शिक्षाविदों ने डॉ. अनुपम जैन को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
डॉ अनुपम जैन का योगदान
- जैन दर्शन पर शोध
- प्राचीन भारतीय गणित का अध्ययन
- जैन गणित के सिद्धांतों का आधुनिक विश्लेषण
- श्रमण संस्कृति पर लेखन
- भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में योगदान
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक प्रतिष्ठा
डॉ. अनुपम जैन का यह सम्मान न केवल Indore बल्कि पूरे जैन समाज और भारतीय शैक्षणिक जगत के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।


