Indore डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव: नामांकन प्रक्रिया पूरी, 11 उम्मीदवार मैदान में, 21 मई को होगा फैसला
Indore के प्रतिष्ठित The Daly College में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के गठन को लेकर चुनावी प्रक्रिया तेज हो गई है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस चुनाव में अब मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 11 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। अब सभी की नजरें 21 मई को होने वाले मतदान और परिणाम पर टिकी हुई हैं।
नामांकन प्रक्रिया पूरी, 11 उम्मीदवार मैदान में
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार दो अलग-अलग श्रेणियों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें ‘फाउंडर डोनर’ (पुराने दानदाता/राजघराना श्रेणी) और ‘न्यू डोनर’ श्रेणी शामिल हैं।
फाउंडर डोनर श्रेणी में 4 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि न्यू डोनर श्रेणी में 7 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इस तरह कुल 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
फाउंडर डोनर श्रेणी में कड़ा मुकाबला
फाउंडर डोनर श्रेणी में दो पदों के लिए चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। इस श्रेणी में प्रमुख नामों में वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष विक्रमसिंह पंवार, प्रियव्रत सिंह खिलचीपुर, ठाकुर नरेन्द्रसिंह बिडवाल और ठाकुर अनिरुद्ध सिंह दोत्ररिया शामिल हैं।
इन सभी उम्मीदवारों का कॉलेज के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में लंबा अनुभव माना जाता है, जिससे इस श्रेणी में मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।
न्यू डोनर श्रेणी में सात उम्मीदवार आमने-सामने
न्यू डोनर श्रेणी में एक पद के लिए सात उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें राजेश अग्रवाल, संदीप पारिख, जयेश पटेल, नीरज देसाई, हरपालसिंह भाटिया, गुरमीतसिंह भाटिया और मानवीरसिंह बायस जैसे नाम शामिल हैं।
यह श्रेणी अपेक्षाकृत नई मानी जाती है और इसमें युवा एवं नए दानदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। इस श्रेणी में मुकाबला काफी कड़ा रहने की संभावना है।
चुनावी कार्यक्रम तय, 21 मई को मतदान
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 2 मई को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 3 मई को अंतिम सूची जारी की जाएगी, जिसमें यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-कौन से उम्मीदवार चुनावी दौड़ में बने रहेंगे।
4 मई से डाक मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि मुख्य मतदान 21 मई को संपन्न होगा। मतदान समाप्त होते ही उसी दिन मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
विवादों में भी रहा चुनावी माहौल
इस बार का बोर्ड गठन चुनाव केवल उम्मीदवारों की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विवादों के कारण भी चर्चा में है। कॉलेज के संविधान में किए गए संशोधनों और चुनाव प्रक्रिया में देरी को लेकर कई सदस्यों ने असंतोष जताया है।
विशेष रूप से ‘ओल्ड डेलियन्स’ श्रेणी को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू किए जाने का विरोध किया जा रहा है। कई पूर्व छात्रों और सदस्यों का कहना है कि यह बदलाव परंपरा के खिलाफ है और इससे कॉलेज की पुरानी संरचना प्रभावित हो रही है।
मामला प्रशासन और न्यायालय तक पहुंचा
विवाद बढ़ने के बाद यह मामला अब प्रशासनिक स्तर पर भी पहुंच गया है। नाराज सदस्यों ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा यह मुद्दा अब न्यायालय में भी विचाराधीन बताया जा रहा है।
इससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक संवेदनशील हो गई है और सभी पक्षों की निगाहें अब आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।
चुनाव का महत्व
डेली कॉलेज देश के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है और इसका बोर्ड ऑफ गवर्नर्स संस्थान की नीतियों और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में यह चुनाव न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम है, बल्कि संस्थान की परंपरा और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
निष्कर्ष
कुल 11 उम्मीदवारों के साथ डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। एक ओर जहां प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर विवाद और असंतोष ने इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। अब सभी की निगाहें 21 मई को होने वाले मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि कॉलेज की कमान किन हाथों में जाएगी।
