इंदौर कलेक्ट्रेट में अब दलालों की No एंट्री! कॉलोनी सेल पूरी तरह Online—कॉलोनाइजर के लिए नई व्यवस्था लागू
इंदौर—प्रदेश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों में شمار होने वाले इंदौर कलेक्ट्रेट में अब बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट परिसर, खासकर कॉलोनी सेल, जहां वर्षों से अव्यवस्था, भीड़ और दलालों की सक्रियता की शिकायतें सामने आती रही हैं, अब पूरी तरह ऑनलाइन सिस्टम पर शिफ्ट कर दिया गया है। इस कदम को जिले के कलेक्टर शिवम वर्मा की एक बड़ी प्रशासनिक पहल माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ शहर के कॉलोनाइजर, जमीन मालिकों और आम नागरिकों को मिलेगा।
दलालों का प्रवेश बंद—कलेक्ट्रेट में ‘No Entry’ का सख्त नियम लागू
कलेक्ट्रेट कार्यालय में लंबे समय से दलालों की सक्रियता चर्चा और विवाद का विषय बनी रही है। कई बार आवेदकों और बिचौलियों के बीच हुए विवाद, अभद्रता और फर्जीवाड़े के मामले सामने आए, जिसके कारण कलेक्ट्रेट की छवि भी प्रभावित होती रही। इन परिस्थितियों को समझते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्णय लिया कि कॉलोनी सेल को 100% ऑनलाइन कर दिया जाए, ताकि
- बिचौलियों की भूमिका खत्म हो
- आवेदकों को पारदर्शी सेवा मिले
- फाइलों की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सके
- कलेक्ट्रेट में अनावश्यक भीड़ समाप्त हो
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
“किसी भी कॉलोनाइजर को अब ऑफलाइन आवेदन नहीं देना है और न ही किसी दलाल के माध्यम से फाइल लगानी है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।”
नया Online Colony Cell System—कॉलोनाइजर घर बैठे कर सकेंगे आवेदन
कॉलोनी सेल के प्रभारी अधिकारी प्रदीप सोनी को पूरा सिस्टम डिजिटल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मात्र कुछ दिनों में उन्होंने टीम के साथ मिलकर कॉलोनी सेल के लिए एक समग्र ऑनलाइन पोर्टल सिस्टम तैयार कर दिया है।
अब कॉलोनाइजर को कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने या किसी एजेंट से संपर्क करने की जरूरत नहीं होगी।
वे सीधे https://crops.mp.gov.in/ पोर्टल पर जाकर—
- कॉलोनी विकास अनुमति
- कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate)
- नक्शा अनुमोदन
- दस्तावेज अपडेट
- फाइल स्टेटस ट्रैकिंग
जैसे सभी कार्य कर सकेंगे।
आवेदन कितने दिन में होगा पूरा—सिस्टम खुद बताएगा टाइमलाइन
नए ऑनलाइन पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत है टाइमलाइन का स्पष्ट उल्लेख।
कॉलोनाइजर जब कोई भी अनुमति या प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करेंगे, तो सिस्टम तुरंत बता देगा:
- आवेदन किस अधिकारी के पास है
- फाइल कहां पेंडिंग है
- कितने दिनों में कार्य पूरा होगा
- कौन-से दस्तावेज कम हैं
इससे पहले, आवेदकों को कई-कई दिनों तक कलेक्ट्रेट जाकर पूछना पड़ता था कि उनकी फाइल कहां पहुंची है। अब यह झंझट समाप्त।
दस्तावेजों की कमी होगी तो ऑनलाइन मिलेंगे नोटिफिकेशन
पहले यदि दस्तावेज अधूरे होते थे, तो फाइल रुक जाती थी और कॉलोनाइजर को जानकारी नहीं मिलती थी।
अब नया सिस्टम—
- स्वतः ईमेल / पोर्टल नोटिफिकेशन भेजेगा
- कॉलोनाइजर ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे
- फाइल तुरंत आगे बढ़ेगी
यह पूरी प्रक्रिया कलेक्ट्रेट की पारदर्शिता और कार्यक्षमता दोनों बढ़ाती है।
राज्य सरकारी पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें—इसी कारण लागू हुआ नया सिस्टम
हालांकि नामांतरण और डायवर्सन जैसे काम पहले से राज्य सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध थे, लेकिन कई बार लोगों ने शिकायत की:
- पोर्टल डाउन रहता है
- सर्वर स्लो रहता है
- फाइल अपलोड नहीं होती
- ट्रैकिंग में कठिनाई आती है
यही कारण है कि इंदौर कलेक्ट्रेट ने कॉलोनी सेल के लिए स्थानीय स्तर पर एक अलग और ज्यादा तेज प्रणाली विकसित की, ताकि कॉलोनाइजर को कोई परेशानी न हो।
ऑनलाइन सिस्टम लागू, ऑफलाइन सबमिशन बंद
पिछले 4–5 दिनों से कॉलोनी सेल ने साफ कर दिया है:
- सॉफ्ट कॉपी में आवेदन लेना बंद
- अब केवल 100% ऑनलाइन आवेदन स्वीकार होंगे
- कॉलोनाइजर स्वयं आवेदन करें
- बिचौलियों को कॉलोनी सेल में प्रवेश नहीं
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है:
“कॉलोनाइजर स्वयं पोर्टल पर आवेदन करें और अपनी फाइल की स्थिति ट्रैक करें। किसी बिचौलिए के माध्यम से अधिकारी से बात करने की जरूरत नहीं है।”
कॉलोनी सेल में भीड़ घटेगी, व्यवस्था सुधरेगी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कलेक्ट्रेट में रोज होने वाली भीड़ काफी कम होगी।
पहले आवेदनकर्ताओं, दलालों और कॉलोनाइजरों की भीड़ के कारण दफ्तरों में अव्यवस्था रहती थी। अब चूंकि पूरा काम ऑनलाइन होगा, इसलिए—
- कलेक्ट्रेट परिसर व्यवस्थित होगा
- काम समय पर होगा
- अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव कम होगा
- जनता के लिए भी माहौल बेहतर बनेगा
कॉलोनाइजर को अपने काम की पूरी पारदर्शिता मिलेगी
नया सिस्टम कॉलोनाइजर को वह सुविधा देगा जो पहले कभी उपलब्ध नहीं थी—
पूरी पारदर्शिता।
वे हर समय देख सकेंगे:
- आवेदन कब लगाया
- किस अधिकारी के पास फाइल
- आगे कितना समय लगेगा
- अंतिम स्वीकृति कब मिलेगी
इससे उन लोगों का भी फायदा होगा जिन्हें पहले दलाल गुमराह करते थे।
इंदौर प्रशासन का डिजिटलाइज़ेशन की ओर बड़ा कदम
यह कदम इंदौर प्रशासन द्वारा ई-गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में उठाया गया मजबूत कदम है।
इंदौर पहले ही—
- ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
- डिजिटल बाजार
- ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स
- ई-नगर पालिका सेवाएं
जैसी कई सुविधाएं लागू कर चुका है।
अब कॉलोनी सेल ऑनलाइन होने से प्रशासन की पारदर्शिता और दक्षता और बढ़ेगी।
