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Indore में निःशुल्क प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कैंप का सफल समापन, बच्चों को मिला नया जीवन

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Published On: 16 February 2026
Indore Camp Showcases Advanced Techniques in Pediatric Reconstructive Surgery
— Indore Camp Showcases Advanced Techniques in Pediatric Reconstructive Surgery

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Indore में निःशुल्क प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कैंप: बच्चों को मिला नया जीवन

Indore ।स्वर्णिम फाउंडेशन, वर्मा यूनियन हॉस्पिटल और जैन कांफ्रेंस दिल्ली के सहयोग से तथा अमेरिका की संस्था Faces of Tomorrow (USA) के विशेषज्ञ सर्जनों की टीम द्वारा आयोजित निःशुल्क प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कैंप का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह सात दिवसीय विशेष चिकित्सा शिविर सामाजिक रूप से पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए एक वरदान साबित हुआ।

इस कैंप का मुख्य उद्देश्य जन्मजात विकृतियों, दुर्घटनाओं और अन्य शारीरिक असामान्यताओं से पीड़ित बच्चों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना था। कैंप में भाग लेने वाले बच्चों में ऐसे भी शामिल थे जिनके कान जन्म से विकसित नहीं हुए थे, कुछ के होंठ और तालू में जन्मजात दोष था और कुछ की नाक में जन्मजात छिद्र या डॉग बाइट से चोटें लगी हुई थीं।

जन्मजात विकृतियों वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद

इस शिविर में सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि उन बच्चों की सर्जरी रही जिनके कान जन्म से नहीं बने थे। विशेषज्ञ सर्जनों ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर उनके कान का निर्माण किया, जिससे बच्चे न केवल सुनने में सक्षम हुए बल्कि उनके चेहरे पर भी प्राकृतिक सौंदर्य लौट आया।

डॉग बाइट से प्रभावित नाक और जन्मजात छिद्र न होने के कारण सांस लेने में कठिनाई वाले बच्चों की सर्जरी भी सफल रही। सर्जरी के बाद बच्चों की नाक सामान्य आकार और कार्य में आ गई, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ।

इसके अलावा कई बच्चों के कटे हुए होंठ (क्लेफ्ट लिप) और चिपके हुए तालू (क्लेफ्ट पैलेट) की जटिल सर्जरी भी संपन्न की गई। इन ऑपरेशनों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक उपकरण और तकनीक का उपयोग किया गया।

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अमेरिकी और भारतीय सर्जनों का संयुक्त प्रयास

इस कैंप में अमेरिका के विशेषज्ञ सर्जन डॉ ब्रायन रूबिनस्टिन, डॉ नीमा पहलावन, डॉ चार्ल्स शिंह और भारत के डॉ राहुल छजलानी, लक्षा जैन ने मिलकर बच्चों की सर्जरी में भाग लिया। उन्होंने कहा, “बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटाना ही इस सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार है।”

डॉक्टरों का मानना है कि सही समय पर चिकित्सा सहायता और सर्जरी न केवल शारीरिक दोषों को ठीक करती है, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है। इस शिविर के दौरान, हर सर्जरी को अत्यधिक सावधानी और दक्षता के साथ अंजाम दिया गया।

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निःशुल्क चिकित्सा

कैंप में सभी बच्चों और उनके परिवारों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों ने डॉक्टरों और आयोजकों का भावुक होकर आभार व्यक्त किया। माता-पिता ने कहा कि यह सेवा उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि उनके बच्चे को पहली बार बिना किसी आर्थिक बोझ के आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ मिलीं।

स्वर्णिम फाउंडेशन के संस्थापक वीरेन्द्र कुमार जैन ने कहा, “हमारा प्रयास है कि हर जरूरतमंद बच्चे को चिकित्सा सहायता मिले और उनका जीवन सामान्य और खुशहाल बने। अमेरिका और भारत के विशेषज्ञों की मदद से यह लक्ष्य संभव हुआ है।”

India -US चिकित्सा सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण

यह शिविर केवल बच्चों के जीवन में सुधार ही नहीं लाया, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच चिकित्सा सहयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। अमेरिकी विशेषज्ञों ने भारतीय टीम के साथ मिलकर सर्जरी प्रक्रिया, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण में सहयोग किया। इससे स्थानीय चिकित्सकों को भी उच्चस्तरीय तकनीक सीखने का अवसर मिला।

कैंप के संयोजक डॉ राहुल छजलानी ने बताया कि इस शिविर ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से चिकित्सा क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने कहा, “हमने जो तकनीक और अनुभव यहाँ साझा किया, उसका लाभ भविष्य में पूरे देश में मरीजों को मिलेगा।”

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सफल आयोजन और धन्यवाद संदेश

स्वर्णिम फाउंडेशन के संस्थापक वीरेन्द्र कुमार जैन और मुख्य संयोजक रेखा जैन ने सभी सहयोगियों और विशेषज्ञों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वर्मा यूनियन हॉस्पिटल, जैन कांफ्रेंस दिल्ली और अमेरिका से आई Faces of Tomorrow टीम का योगदान उल्लेखनीय रहा।

लक्ष्य केवल बच्चों के शारीरिक दोषों को ठीक करना नहीं था, बल्कि उन्हें समाज में आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीने का अवसर देना भी था। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएँगे, ताकि और अधिक बच्चों को सहायता मिल सके।

भविष्य की योजना और सामाजिक संदेश

इस कैंप की सफलता ने यह साबित कर दिया कि नि:शुल्क चिकित्सा शिविरों से न केवल बच्चों का जीवन सुधारा जा सकता है, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर भी सुनिश्चित किए जा सकते हैं। स्वर्णिम फाउंडेशन ने भविष्य में और भी ऐसे शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है, जिससे भारत के विभिन्न राज्यों में जन्मजात विकृतियों से पीड़ित बच्चों को सहायता मिल सके।

वीरेन्द्र कुमार जैन ने कहा, हमारा मिशन है कि हर बच्चे को स्वास्थ्य और खुशी मिले, और समाज में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो। हमारा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।”

संक्षेप में:
सात दिवसीय इस चिकित्सा शिविर ने कई बच्चों को नया जीवन दिया, उनके शारीरिक दोष दूर किए और समाज में उनके आत्मसम्मान को बढ़ाया। निःशुल्क सर्जरी, आधुनिक तकनीक और USA-India विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास ने इसे एक सफल और यादगार कार्यक्रम बनाया।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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