इंदौर में BRICS युवा उद्यमिता बैठक शुरू, 10 देशों के प्रतिनिधि शामिल
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में ब्रिक्स (BRICS) देशों के युवाओं और उद्यमियों की एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक मैरियट होटल में आयोजित की जा रही है, जिसमें ब्राजील, चीन, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और अन्य सहयोगी देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। भारत की ओर से भी कई युवा उद्यमी, नीति विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
यह दो दिवसीय बैठक 20 और 21 मई को आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार, सामाजिक उद्यमिता और हरित व्यवसाय मॉडल को बढ़ावा देना है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई बैठक की शुरुआत
बैठक की शुरुआत 20 मई को एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय नवाचार और तकनीक आधारित उद्यमिता का है, और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसके बाद युवा मामलों के विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने स्वागत भाषण दिया और सभी देशों के प्रतिनिधियों का इंदौर में स्वागत किया।
बैठक का मुख्य फोकस: स्टार्टअप और इनोवेशन
इस BRICS युवा उद्यमिता कार्य समूह बैठक का मुख्य फोकस युवाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इसमें विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, एग्रीटेक, डीप टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन तकनीकों की मदद से युवा उद्यमी वैश्विक स्तर पर बड़े व्यवसाय खड़े कर सकते हैं।
स्थानीय से वैश्विक प्रभाव पर चर्चा
पहले दिन की सबसे अहम चर्चा “स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव” विषय पर हुई। इसमें ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार की सफल कहानियां साझा कीं।
इस सत्र में यह समझने की कोशिश की गई कि कैसे स्थानीय स्तर पर शुरू हुए छोटे स्टार्टअप वैश्विक बाजारों में बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
डिजिटल इनोवेशन पर विशेषज्ञों का मंथन
दूसरे सत्र में डिजिटल नवाचार और तकनीक आधारित उद्यमिता पर गहन चर्चा हुई। इसमें AI, फिनटेक और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रिक्स देशों के युवा यदि तकनीक का सही उपयोग करें, तो वे न केवल अपने देशों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
सामाजिक और समावेशी उद्यमिता पर जोर
तीसरे सत्र में सामाजिक समावेशी उद्यमिता पर चर्चा की गई। इसमें ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन, असमानता को कम करने और पिछड़े समुदायों के लिए रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर विचार किया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि उद्यमिता केवल मुनाफे तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होना चाहिए।
ग्रीन बिजनेस और जलवायु परिवर्तन पर फोकस
बैठक में हरित उद्यमिता (Green Entrepreneurship) और जलवायु अनुकूल व्यावसायिक मॉडल पर भी विशेष चर्चा की गई। इसमें स्वच्छ ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में वही व्यवसाय टिकाऊ होंगे जो पर्यावरण के अनुकूल होंगे।
21 मई का कार्यक्रम और औद्योगिक भ्रमण
बैठक का दूसरा दिन 21 मई को सुबह 9:30 बजे शुरू होगा और दोपहर 1 बजे तक चलेगा। इसके बाद सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को इंदौर के क्रिस्टल IT पार्क और पिथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा।
इस दौरान प्रतिनिधियों को भारत की औद्योगिक क्षमता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
भारत की BRICS अध्यक्षता को नई मजबूती
यह बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान युवा सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारत इस पूरे आयोजन के माध्यम से यह संदेश दे रहा है कि वैश्विक मंचों पर युवाओं की भूमिका अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आज के समय में स्टार्टअप, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवा सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं। ऐसे में BRICS जैसे मंच पर उन्हें एक साथ लाना सहयोग और विकास के नए रास्ते खोलता है।
भारत लगातार यह प्रयास कर रहा है कि युवा उद्यमियों को न केवल अपने देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर मिलें, ताकि वे अपने विचारों और नवाचारों को वैश्विक पहचान दिला सकें। इस तरह की बैठकें देशों के बीच साझेदारी, निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा देती हैं और भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करती हैं।
निष्कर्ष
इंदौर में आयोजित यह BRICS युवा उद्यमिता बैठक न केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, बल्कि यह युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार भी खोल रही है। स्टार्टअप, तकनीक और ग्रीन बिजनेस जैसे विषयों पर हो रही चर्चाएं आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं।
यह आयोजन इंदौर को एक उभरते हुए वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में भी स्थापित कर रहा है।
