Indore Airport Expansion को लेकर 89 एकड़ जमीन और ढाई करोड़ यात्रियों के दावों की सच्चाई सामने आई। जमीन अधिग्रहण, रनवे सुधार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर गंभीर सवाल।
Indore Airport Expansion: ज़मीनी हकीकत बनाम सरकारी दावे
भूमिका: Indore Airport Expansion और दावों का शोर
Indore Airport Expansion को लेकर वर्षों से बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। हाल ही में सांसद की अध्यक्षता में हुई बैठक में यात्रियों की सालाना क्षमता 40 लाख से बढ़ाकर पहले 1 करोड़ और फिर ढाई करोड़ तक ले जाने का दावा किया गया। इसके लिए 89 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई। लेकिन मैदानी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है।
89 एकड़ जमीन: कहां है ज़मीनी हकीकत?
Indore Airport Expansion के लिए बताई गई 89 एकड़ जमीन न तो सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध है और न ही मौके पर खाली। एयरपोर्ट के आसपास अब कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं, मकान बन चुके हैं और व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे में एक साथ 89 एकड़ जमीन मिलना लगभग असंभव दिखता है।
7 साल पुरानी 20.48 एकड़ जमीन अब भी बेकार
7 साल पहले उषा राजे ट्रस्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़कर शासन ने जो 20.48 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंपी थी, उसका आज तक उपयोग नहीं हो सका। इस जमीन पर मल्टीलेवल पार्किंग, बाउंड्रीवॉल और अन्य आधारभूत ढांचे विकसित होने थे, लेकिन फाइलों से आगे कुछ नहीं बढ़ा।
निजी जमीन अधिग्रहण की बाधाएं
कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कहा कि अब सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है। Indore Airport Expansion के लिए निजी जमीनें मुआवजा देकर खरीदनी होंगी। लेकिन बढ़ी हुई बाजार कीमतें, स्थानीय विरोध और कानूनी पेचिदगियां इस प्रक्रिया को लंबा और महंगा बना देंगी।
रनवे सुधार और नाइट फ्लाइट संकट
रनवे रिपेयरिंग का काम समयसीमा में पूरा नहीं हो सका। गलत एजेंसी को ठेका मिलने के कारण रात 10:30 बजे के बाद फ्लाइट लैंडिंग संभव नहीं हो पा रही। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है—फ्लाइट कैंसिलेशन, डायवर्जन और अव्यवस्था आम हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के खोखले वादे
Indore Airport Expansion के नाम पर सिंगापुर, बैंकॉक और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की उड़ानों के दावे किए गए। हकीकत यह है कि दुबई फ्लाइट भी बंद हो चुकी और फिलहाल केवल इंदौर–शारजाह ही चल रही है। वर्षों से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के वादे अब तक कागजों तक सीमित हैं।
पार्किंग, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की सच्चाई
इंदौर एयरपोर्ट पर पार्किंग की भारी समस्या, सुरक्षा जांच में अव्यवस्था, आवारा कुत्ते, चूहे और गंदगी—ये सब Indore Airport Expansion के दावों की पोल खोलते हैं। घरेलू यात्रियों को भी बुनियादी सुविधाएं ढंग से नहीं मिल पा रहीं।
सिंहस्थ-2028 और अधूरी तैयारी
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए नए टर्मिनल और विस्तार की बातें हो रही हैं, लेकिन जमीन, रनवे और पार्किंग जैसे बुनियादी मुद्दे सुलझे बिना ये योजनाएं कैसे साकार होंगी—यह बड़ा सवाल है।
निष्कर्ष: योजनाएं बनाम ज़मीनी सच्चाई
Indore Airport Expansion फिलहाल घोषणाओं और बैठकों तक सीमित नजर आता है। जब तक जमीन अधिग्रहण, रनवे सुधार और मूलभूत ढांचे पर ठोस काम नहीं होता, तब तक ढाई करोड़ यात्रियों के दावे केवल कागजी अनुमान ही रहेंगे।
