Indore एयरपोर्ट से अब 24×7 भर सकेंगे उड़ान 17 महीने बाद पूरा हुआ रनवे का काम,पहली नाइट फ्लाइट पुणे से
अप्रैल से Indore का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पूरी तरह 24 घंटे संचालन के लिए तैयार हो गया है। लगभग 17 महीने चले रनवे रिकैपेंटिंग के काम के बाद अब एयरपोर्ट पर रात में भी उड़ानों का संचालन संभव होगा। इससे यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ेगी और शहर का कनेक्टिविटी स्तर नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगा।
पहली नाइट फ्लाइट की योजना
इस उपलब्धि का उद्घाटन पुणे से आने वाली पहली नाइट फ्लाइट के साथ होगा। यह फ्लाइट मंगलवार देर रात 2:15 बजे लैंड करेगी और 3:15 बजे वापस रवाना होगी। यह इंदौर एयरपोर्ट पर पहली रात की लैंडिंग होगी, जो नए रनवे के संचालन के साथ संभव हो पाई है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि अब रात में भी फ्लाइट संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।
रनवे रिकैपेंटिंग का काम पूरा
रनवे की पूरी सतह पर नई डामर की परत बिछाने का काम नवंबर 2024 में शुरू हुआ था। इस दौरान रात 10:30 बजे से सुबह 6 बजे तक उड़ानों का संचालन बंद रखा गया था। रनवे की सतह को बेहतर बनाने का यह काम अक्टूबर 2025 तक पूरा होने वाला था, लेकिन लगातार बारिश और बिटुमिन (डामर) की कमी के कारण समय सीमा बढ़ाई गई। पहले इसे दिसंबर 2025 तक बढ़ाया गया और फिर मार्च 2026 तक। लगभग 17 महीने की मेहनत के बाद अब मुख्य रनवे पूरी तरह तैयार है।
हालांकि लगभग 400–500 मीटर का एक हिस्सा अभी भी अधूरा है, लेकिन एयरपोर्ट अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इससे फ्लाइट संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लैंडिंग और टेकऑफ वाले हिस्सों का काम पूरी तरह पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के कारण बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।
उड़ानों पर असर
रनवे के काम के दौरान रात में उड़ानें बंद रहने की वजह से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे सहित 16 फ्लाइट्स को रद्द या समय बदलना पड़ा था। अब इन फ्लाइट्स का संचालन फिर से शुरू होगा। इसके अलावा, नई रात की स्लॉट के कारण अतिरिक्त उड़ानों का संचालन भी संभव हो सकेगा।
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे व्यस्त रूट पर अब और अधिक फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही हैदराबाद, कोलकाता, रायपुर और जयपुर के लिए भी नई उड़ानों की संभावना बढ़ गई है।
समर शेड्यूल में वृद्धि
रनवे 24×7 संचालन के बाद एयरपोर्ट समर शेड्यूल में रोजाना 100 से अधिक उड़ानों को संभाल सकेगा। वर्तमान में लगभग 90 उड़ानों का संचालन होता है। रात में रनवे खुलने के बाद, एयरलाइंस अपनी उड़ानें बढ़ा सकेंगी और देरी या रद्द होने की समस्या कम होगी।
टर्मिनल विस्तार और भविष्य की योजना
Indore एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 भी जल्द शुरू होने वाला है। इसके संचालन से यात्रियों की सुविधा और बढ़ेगी और प्रति घंटे लगभग 300 यात्री की क्षमता के साथ नई उड़ानों का संचालन संभव होगा। टर्मिनल और रनवे की वृद्धि से इंदौर एयरपोर्ट मध्य भारत का प्रमुख हब बन जाएगा।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार
24 घंटे संचालन से व्यापारिक यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। देर रात या सुबह जल्दी उड़ानें लेने का विकल्प अब उपलब्ध होगा। कार्गो ऑपरेशन भी इससे लाभान्वित होगा और समय-संवेदनशील माल आसानी से परिवाहित किया जा सकेगा।
पर्यटन क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। नई और अधिक उड़ानों से इंदौर और आसपास के पर्यटन स्थल घरेलू यात्रियों के लिए आसानी से सुलभ होंगे।
सुरक्षा और संचालन की तैयारी
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि रात में संचालन के लिए सभी सुरक्षा और नेविगेशन उपकरण अपग्रेड किए गए हैं। रनवे की रोशनी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और अन्य आवश्यक उपकरण रात में सुरक्षित संचालन के लिए तैयार हैं।
नए रनवे के साथ यात्रियों को सुरक्षित और सुचारू लैंडिंग का अनुभव मिलेगा। इससे एयरक्राफ्ट के टायर और उपकरणों पर दबाव कम होगा, और उड़ानें अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होंगी।
निष्कर्ष
Indore 17 महीने के इंतजार और निर्माण कार्य के बाद, Indore का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट 24×7 संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है। पुणे से पहली नाइट फ्लाइट के साथ यह नया युग शुरू हो गया है।
रात में उड़ानों की सुविधा, नए रूट्स, टर्मिनल विस्तार और सुरक्षित रनवे के साथ अब इंदौर एयरपोर्ट मध्य भारत के प्रमुख हब के रूप में उभरेगा। यात्रियों, व्यापार और पर्यटन के लिए यह सुविधा नए अवसर लेकर आएगी।
Indore एयरपोर्ट की यह तैयारियां शहर को बेहतर कनेक्टिविटी और एयर ट्रैफिक सुविधा प्रदान करेंगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
