इंदौर की सराफा चौपाटी को मिलेगा नया स्वरूप, त्योहारी सीजन के बाद होगी अहम बैठक
इंदौर, 1 अक्टूबर। शहर की पहचान बन चुकी मशहूर रात्रिकालीन सराफा चौपाटी अब नए स्वरूप में दिखाई दे सकती है। श्राद्ध पक्ष के समाप्त होते ही त्योहारी रौनक ने सराफा बाजार की चहल-पहल को और बढ़ा दिया है। इसी बीच, सराफा चौपाटी के पुनर्गठन और बेहतर प्रबंधन को लेकर अब एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में दुकानों की संख्या, उनकी स्थिति और चौपाटी के संचालन व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।
महापौर से मुलाकात करेंगे व्यापारी
इंदौर चांदी-सोना एवं जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के प्रतिनिधि बहुत जल्द महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात करेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि चौपाटी को सुव्यवस्थित करने की ज़रूरत है ताकि आगंतुकों को और बेहतर अनुभव मिल सके।
एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की मुख्य मांग होगी कि चौपाटी में दुकानों की संख्या 60 से 65 के बीच सीमित रखी जाए। इसके अलावा सभी दुकानें सड़क की एक ही ओर स्थापित की जाएँ, ताकि आने-जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
परंपरागत दुकानों को मिलेगी प्राथमिकता
व्यापारियों का स्पष्ट मत है कि चौपाटी में स्थान उन्हीं दुकानों को मिले, जो वर्षों से यहाँ अपनी परंपरा बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि लगातार नई दुकानें जुड़ने से चौपाटी पर भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही है, जो भविष्य में सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय बन सकता है।
चौपाटी शिफ्ट करने की उठी थी मांग
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने रात्रिकालीन सराफा चौपाटी को मौजूदा सराफा बाजार से हटाकर किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग भी की थी। उनका तर्क था कि दुकानों की बढ़ती संख्या और भीड़भाड़ किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है।
इसी मांग को लेकर व्यापारी मूक प्रदर्शन कर चुके हैं और उन्होंने कई बार पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। लगातार प्रयासों के बाद एसोसिएशन और महापौर के बीच हुई बातचीत में चौपाटी को लेकर एक समिति गठित करने पर सहमति बनी थी।
समिति तय करेगी चौपाटी का भविष्य
अब जबकि श्राद्ध पक्ष समाप्त हो चुका है और त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है, समिति की बैठक इसी महीने आयोजित किए जाने की संभावना है। इस बैठक में व्यापारियों के सुझावों पर चर्चा की जाएगी और चौपाटी के लिए नए नियम व दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।
बैठक के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंदौर की ऐतिहासिक सराफा चौपाटी आने वाले समय में किस नए स्वरूप में दिखाई देगी।
