Indore में 28 साल पुराना बजरबट्टू सम्मेलन इस साल निरस्त
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी Indore में इस साल 28 साल से आयोजित होने वाला बजरबट्टू सम्मेलन आयोजित नहीं होगा। यह कार्यक्रम हर साल रंगपंचमी से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है और शहर में इसका अपना विशेष महत्व रहा है। इस बार आयोजकों ने इसे निरस्त करने का फैसला लिया है, जिसका मुख्य कारण प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का शामिल न होना बताया जा रहा है।
बजरबट्टू सम्मेलन की पहचान
बजरबट्टू सम्मेलन हास्य और व्यंग्य से जुड़े कार्यक्रम के रूप में जाना जाता है। यह समारोह मल्हारगंज क्षेत्र में आयोजित किया जाता था और इसमें शामिल होने के लिए लोग शहर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी आते थे।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही है कि कैलाश विजयवर्गीय हर साल मंच पर अलग और अनोखे गेटअप में आते थे। उनका यह अंदाज ही सम्मेलन का मुख्य आकर्षण माना जाता था। दर्शक केवल मंत्री का नया रूप देखने के लिए भारी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते थे।
मंत्री Kailash Vijayvargiya ने क्यों बनाई दूरी
हाल ही में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी कांड सामने आने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने अपनी विधानसभा में आयोजित फाग उत्सव में भी भाग नहीं लिया था।
इसी क्रम में उन्होंने बजरबट्टू सम्मेलन में भाग लेने से भी इंकार किया। उनका यह निर्णय कार्यक्रम और आयोजकों के लिए महत्वपूर्ण था क्योंकि उनके बिना सम्मेलन का आकर्षण कम हो जाता।
आयोजन निरस्त करने का निर्णय
आयोजक अशोक चौहान ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियाँ पिछले एक महीने से चल रही थीं। मंच, शोभायात्रा और अन्य व्यवस्थाएँ लगभग पूरी कर ली गई थीं। टीम के सदस्य दिन-रात मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे थे।
लेकिन मंत्री के कार्यक्रम में शामिल न होने की जानकारी मिलने के बाद आयोजक इसे आगे बढ़ाने में असमर्थ रहे। उन्होंने समझा कि बिना मंत्री के यह सम्मेलन अपनी पहचान और आकर्षण खो देगा, इसलिए उन्होंने सम्मेलन को रद्द करने का फैसला किया।
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आयोजकों और जनता की प्रतिक्रिया
अशोक चौहान के अनुसार, बजरबट्टू सम्मेलन में दूर-दूर से लोग शामिल होने आते थे। बड़ी संख्या में लोग कैलाश विजयवर्गीय के गेटअप को देखने के लिए उत्सुक रहते थे।
आयोजन टीम ने मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने और कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया, लेकिन मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस बार किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके बाद आयोजकों ने सम्मेलन रद्द करने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम का ऐतिहासिक महत्व
बजरबट्टू सम्मेलन पिछले 28 वर्षों से आयोजित हो रहा था और इसका इंदौर की सांस्कृतिक विरासत में विशेष स्थान रहा है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं था, बल्कि शहरवासियों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल का भी अवसर था।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनोखे गेटअप और मंच पर उनके हास्य-व्यंग्यपूर्ण अंदाज ने इसे विशेष बनाया। उनका यह अंदाज हर साल लोगों के लिए उत्साह और मनोरंजन का कारण बनता था।
Indore भागीरथपुरा घटना का प्रभाव
हालिया दूषित पानी कांड के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना बढ़ गई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से सार्वजनिक आयोजनों से दूरी बनाई। इस निर्णय का प्रभाव सीधे बजरबट्टू सम्मेलन पर पड़ा, जिससे इसे रद्द करना पड़ा।
यह कदम यह भी दर्शाता है कि सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना बड़े आयोजनों में प्राथमिकता रखती है।
निष्कर्ष
28 सालों से चल रहे इंदौर के बजरबट्टू सम्मेलन का रद्द होना शहर और दर्शकों के लिए एक बड़ा नुकसान है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के गेटअप और उनकी मंचीय उपस्थिति ही इस कार्यक्रम की पहचान रही है।
भागीरथपुरा की घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों से दूरी बनाना उनके व्यक्तिगत और सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था। आयोजकों ने भी यह समझा कि बिना मंत्री के यह कार्यक्रम अपने आकर्षण और पहचान को खो देगा, इसलिए इसे निरस्त करने का निर्णय लिया।
इस वर्ष बजरबट्टू सम्मेलन की अनुपस्थिति दर्शकों और आयोजकों दोनों के लिए अप्रत्याशित और निराशाजनक रही। भविष्य में जब स्थिति सामान्य होगी, तब यह कार्यक्रम फिर से आयोजित किया जा सकता है और इंदौर के सांस्कृतिक जीवन में अपनी विशेष जगह बनाए रखेगा।

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