तिवाड़िया में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन — 27 ग्रामीणों की हुई जांच, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सराहनीय पहल
खातेगांव (देवास, मध्यप्रदेश)।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (Bharatiya Manav Adhikar Sahkar Trust) की खातेगांव तहसील इकाई द्वारा ग्राम पंचायत तिवाड़िया में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस सेवा कार्य में 27 ग्रामीणों की आंखों की जांच कर विभिन्न नेत्र संबंधी रोगों की पहचान की गई।
स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की सराहनीय पहल
ग्राम पंचायत अध्यक्ष श्री बृजेश शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों की दृष्टि जांच (Vision Test), मोतियाबिंद जांच (Cataract Screening) और चश्मा निर्धारण (Spectacle Power Detection) की निःशुल्क सुविधा प्रदान की गई।
ग्रामीण क्षेत्र में पहली बार आयोजित इस चिकित्सा सेवा शिविर को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखा गया।
ट्रस्ट द्वारा दी गई इस नि:शुल्क नेत्र जांच सेवा से न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी, बल्कि गांव के लोगों में आत्मविश्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ हुई।
ट्रस्ट का लक्ष्य — समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और शिक्षा की पहुंच
शिविर के दौरान भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक न्याय की सुविधाएं पहुंचाना है।
ट्रस्ट लगातार जनहित के लिए विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यों और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर रहा है।
पदाधिकारियों ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में खातेगांव तहसील और आसपास के अन्य गांवों — जैसे कि नागदा, सोनकच्छ, टोंकखुर्द, सतवास आदि — में भी ऐसे निःशुल्क शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिल सके।
स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत तिवाड़िया के अध्यक्ष श्री बृजेश शर्मा का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि,
“ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट जैसे संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम प्रयास करेंगे कि तिवाड़िया में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर लगते रहें।”
कार्यक्रम में उपस्थित ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं एवं ग्राम पंचायत सदस्यों में शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, संतोष सिंह पवार, मोहनलाल गुर्जर, जीवनलाल जैन (चाय वाले), भावेश नाहर, और मनीष गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
इन सभी ने मिलकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सफल बनाया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रेरणादायक संदेश
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस अवसर पर एक प्रेरक संदेश जारी करते हुए कहा —
“सेवा ही संगठन की शक्ति है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को देखते हुए ऐसे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर समाज के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। यह आयोजन मानवता और जनसेवा की सच्ची मिसाल है।”
उन्होंने तिवाड़िया ग्राम पंचायत अध्यक्ष श्री बृजेश शर्मा और उनकी पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए हृदय से बधाई दी और कहा कि,
“आप जैसे जनसेवकों के प्रयासों से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट सदैव जनसेवा, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता निभाता रहेगा।”
ग्रामीणों ने दी सराहना, बढ़ी स्वास्थ्य चेतना
शिविर के दौरान ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई लोगों ने पहली बार अपनी आंखों की जांच करवाई और स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया।
ग्रामीणों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि,
“पहली बार हमारे गांव में ऐसा शिविर हुआ, जहां हमें बिना किसी खर्च के आंखों की पूरी जांच करवाई गई। हम चाहते हैं कि ऐसे आयोजन आगे भी होते रहें।”
संवाददाता की रिपोर्ट
इस सफल आयोजन की रिपोर्ट संवाददाता जीवनलाल जैन (नागदा) ने दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रस्ट की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है और लोग इससे जुड़कर स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा पा रहे हैं।
समापन संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का यह प्रयास न केवल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा का विस्तार है बल्कि यह समाज में सेवा, सहयोग और संवेदना की भावना को भी सशक्त बनाता है।
इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि जब समाज और संगठन एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो परिवर्तन निश्चित होता है।
