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India-US ट्रेड डील: कपड़ा निर्यातकों को दीर्घकालिक लाभ का अवसर

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Published On: 13 February 2026
US May Give Zero Tariff on India’s Textiles, Big Relief for Exporters
— US May Give Zero Tariff on India’s Textiles, Big Relief for Exporters

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US से बड़ी राहत: भारत पर टेक्सटाइल टैरिफ हो सकता है ‘जीरो’, 

India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि अमेरिका टेक्सटाइल सेक्टर में भारत को जीरो परसेंट टैरिफ का लाभ दे सकता है। यह कदम भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है और भारत के निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिला सकता है। अगर यह सुविधा लागू होती है, तो भारत को बांग्लादेश जैसी टैरिफ छूट मिल जाएगी, जिससे कपड़ा निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी।

India-US ट्रेड डील और टैरिफ छूट

हाल ही में India-US के बीच हुई ट्रेड डील के बाद यह संभावना सामने आई है। इस डील के पहले अमेरिका ने भारत पर लागू होने वाला कपड़ा टैरिफ 50 प्रतिशत था, जिसे घटाकर 18 प्रतिशत किया गया। अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भारत पर जीरो परसेंट टैरिफ लागू हो सकता है।

भारत के कुल वस्त्र निर्यात का लगभग 30 प्रतिशत अमेरिका को जाता है। ऐसे में अगर टैरिफ पूरी तरह से समाप्त हो जाता है, तो यह भारतीय कपड़ा निर्यातकों के लिए बहुत बड़ा लाभ होगा। अमेरिकी बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी और भारतीय उत्पादों की कीमत अमेरिकी बाजार में कम होगी, जिससे मांग बढ़ेगी।

विपक्ष की आलोचना और मंत्री का जवाब

इस ट्रेड डील को लेकर भारतीय विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। खासकर राहुल गांधी ने इसे भारत के किसानों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने सरेंडर कर गए।

इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कहा:

“राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे पूरी तरह से गलत बातें फैला रहे हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि US-India ट्रेड डील में भारत और भारतीय किसानों के हित सुरक्षित हैं। भारतीय किसानों के अधिकांश उत्पाद—जैसे डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, सोयाबीन, मक्का, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, संतरा, सब्जियां, इथेनॉल, तंबाकू, मीट, दालें, बाजरा, रागी—लगभग 90-95% US ट्रेड डील से बाहर हैं। इससे हमारे किसानों को कोई हानि नहीं होगी।”

इस बयान से स्पष्ट होता है कि भारत ने अपने किसानों और कपड़ा उत्पादकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

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बांग्लादेश जैसी सुविधा मिलने की संभावना

पीयूष गोयल ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिका अब भारत को बांग्लादेश जैसी सुविधा दे सकता है। बांग्लादेश अमेरिका से कच्चा माल खरीदकर तैयार कपड़ा निर्यात करता है और उस पर अमेरिका कोई टैरिफ नहीं लगाता। अगर भारत को भी यही सुविधा मिलती है, तो भारतीय कपड़ा उद्योग अमेरिकी बाजार में और प्रतिस्पर्धी बन जाएगा।

इस पहल से भारत को मिलने वाले संभावित लाभ:

  • अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले कपड़ों पर जीरो परसेंट टैरिफ
  • भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता
  • अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की कीमत कम होने से मांग में वृद्धि
कपड़ा निर्यातकों के लिए लाभ

भारत के कपड़ा उद्योग के लिए अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। वर्तमान में अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले कपड़ों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू है। अगर यह शून्य कर दिया गया तो इसके प्रमुख लाभ होंगे:

  1. भारतीय कपड़ा उत्पादकों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
  2. अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्त्रों की मांग और निर्यात बढ़ेगा।
  3. भारतीय कपड़ा उद्योग की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।
  4. निर्यातकों को दीर्घकालिक लाभ और स्थिरता मिलेगी।

इस तरह यह फैसला भारतीय कपड़ा उद्योग को लंबे समय तक अमेरिकी बाजार में मजबूत बनाए रखने में मदद करेगा।

वैश्विक व्यापार और रणनीतिक महत्व

भारत को बांग्लादेश जैसी टैरिफ छूट मिलने से न केवल कपड़ा निर्यातकों को लाभ होगा, बल्कि भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति भी मजबूत होगी।

  • अमेरिकी बाजार में भारतीय कपड़ों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति बढ़ेगी।
  • भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए स्थिर और लाभकारी अवसर पैदा होंगे।
  • वैश्विक व्यापार में भारत की पकड़ मजबूत होगी।
  • भारतीय उत्पादकों को अपने उत्पादन और निर्यात में नई रणनीति अपनाने का अवसर मिलेगा।

यह कदम विशेष रूप से उस समय महत्वपूर्ण है, जब भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर बाजार में असमंजस और राजनीतिक बहस हो रही थी।

उद्योग और रोजगार पर प्रभाव

टैरिफ छूट से भारत के कपड़ा उद्योग को तकनीकी और उत्पादन क्षमता में सुधार करने का अवसर मिलेगा।

  • अधिक उत्पादन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत होगी।

इस पहल से भारतीय कपड़ा उद्योग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि वैश्विक व्यापार में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगा।

निष्कर्ष

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के संकेतों के अनुसार, अगर अमेरिका भारत पर जीरो परसेंट टैरिफ लागू करता है, तो यह कदम भारतीय कपड़ा निर्यातकों और किसानों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखेगा। भारत अमेरिकी बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनेगा, और कपड़ा उद्योग के लिए एक नई राह खुलेगी।

बांग्लादेश जैसी टैरिफ छूट मिलने से भारतीय उद्योग निर्यात बढ़ाने, अमेरिकी बाजार में प्रभावी स्थिति बनाने और वैश्विक व्यापार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में सक्षम होगा। यह कदम भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को दीर्घकालिक लाभ देगा और अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले वस्त्रों में भारत की पकड़ मजबूत करेगा।

कुल मिलाकर, यह नीति भारत के कपड़ा उद्योग के लिए बड़े आर्थिक और रणनीतिक लाभ का अवसर प्रदान करती है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादकों की स्थिति और मजबूत होगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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