ट्रंप की टैरिफ नीति को भारत ने दिया करारा जवाब—EU के साथ FTA से बढ़ेगा 27 देशों का बाजार
भारत की अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में अपनी मजबूती और तेजी से बढ़ने की क्षमता साबित की है। IMF और World Bank जैसी संस्थाओं ने भी भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था माना है। वहीं, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से दुनिया में व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ रही है, लेकिन भारत ने इस दबाव में भी अपनी आर्थिक रणनीति मजबूत रखी है।
भारत-ईयू FTA: सबसे बड़ी डील की तैयारी
कुछ ही समय पहले भारत ने ओमान और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ महत्वपूर्ण ट्रेड डील्स की हैं। अब भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच FTA (Free Trade Agreement) के बनने की उम्मीद बढ़ गई है। इस समझौते को EU अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने “सबसे बड़ी ट्रेड डील” बताया है। उन्होंने दावोस में संकेत दिया कि यह डील अंतिम चरण में है और जल्द फाइनल हो सकती है।
2 अरब लोगों का बाजार—उर्सुला का बड़ा दावा
दावोस में वॉन डेर लेयेन ने कहा: यह डील 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगी और वैश्विक GDP का लगभग एक चौथाई हिस्सा कवर करेगी। इस डील को EU के लिए चीन पर निर्भरता कम करने और विश्वव्यापी व्यापार में विविधता लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत को मिलेगा 27 देशों का बाजार
EU के 27 सदस्य देशों के बाजार तक पहुंच मिलने से भारत के निर्यात को बड़ा फायदा मिलेगा। यह डील भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिला सकती है और व्यापारिक निवेश को बढ़ावा दे सकती है।
2007 से चल रही बातचीत अब अंतिम चरण में
India-EU FTA की बातचीत 2007 में शुरू हुई थी। लेकिन यह प्रक्रिया कई सालों तक स्थिर रही। 2022 में नई राजनीतिक सक्रियता के बाद यह बातचीत फिर से तेज हुई और अब यह अंतिम चरण में पहुंच रही है।
ट्रंप का टैरिफ गेम: दुनिया में दहशत
डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 की तरह 2026 में भी टैरिफ के जरिए वैश्विक व्यापार को धमकाने की कोशिश जारी रखी है।
उनकी प्रमुख धमकियों में शामिल हैं:
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ईरान के साथ व्यापार रखने वाले देशों पर 25% टैरिफ
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ग्रीनलैंड से जुड़े 8 यूरोपीय देशों पर 10% से 25% तक टैरिफ
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फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ
इन धमकियों के बाद विश्व शेयर बाजारों में गिरावट और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है।
ट्रंप की धमकी का असर—शेयर मार्केट में गिरावट
ट्रंप के टैरिफ संकेतों के बाद जापान, कोरिया और यूरोप के शेयर मार्केट में गिरावट देखने को मिली। यह वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को दर्शाता है कि टैरिफ युद्ध दुनिया के व्यापार को कितना प्रभावित कर रहा है।
भारत ने टैरिफ दबाव को अवसर में बदला
भारत ने इस स्थिति में अपनी रणनीति बदलकर नए व्यापारिक साझेदार बनाना शुरू किया। ओमान और न्यूजीलैंड के साथ डील्स के बाद EU FTA की संभावनाएं यह दिखाती हैं कि भारत वैश्विक बाजार में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
India-EU FTA: क्या यह ‘सबसे बड़ी डील’ साबित होगी?
यदि India-EU FTA बनता है, तो यह भारत की सबसे बड़ी ट्रेड डील में से एक होगी।
यह डील:
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भारत के निर्यात को बढ़ाएगी
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निवेश को आकर्षित करेगी
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भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को और मजबूत करेगी
