भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक अलिराजपुर व झाबुआ में सम्पन्न। संगठन विस्तार, नई नियुक्तियाँ और मानवाधिकार संरक्षण को लेकर बड़ा निर्णय।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक से अलिराजपुर-झाबुआ में मानवाधिकारों को नई दिशा
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक के माध्यम से मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल अलिराजपुर एवं झाबुआ जिलों में मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। संगठन विस्तार की इस महत्वपूर्ण पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रस्ट अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक न्याय, सम्मान और अधिकार की आवाज पहुंचेगी।
अलिराजपुर-झाबुआ में संगठन विस्तार का ऐतिहासिक कदम
स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ में आयोजित भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक संगठन की पहली औपचारिक बैठक रही, जिसने जमीनी स्तर पर मानवाधिकारों को मजबूती देने की ठोस नींव रखी।
यह बैठक राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रेम कुमार वैद्य जी के मार्गदर्शन एवं इंदौर संभाग सचिव श्री महेश कुमार वर्मा जी के नेतृत्व में सम्पन्न हुई।
नेतृत्व, मार्गदर्शन और संगठनात्मक मजबूती
धार जिला अध्यक्ष श्री योगेन्द्र जी तिवारी ने संगठन के उद्देश्य, विचारधारा और मानवाधिकारों के संवैधानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं, धार जिला विधि प्रभारी श्री प्रवीण कुमार शर्मा ने पीड़ितों को न्याय दिलाने की कानूनी प्रक्रिया, अधिकारों और व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
कानूनी जागरूकता: न्याय की पहली सीढ़ी
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बिना कानूनी जानकारी के मानवाधिकारों की रक्षा संभव नहीं।
इसलिए संगठन द्वारा प्रत्येक कार्यकर्ता को कानूनी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई, जिससे पीड़ितों को त्वरित और न्यायसंगत सहायता मिल सके।
अलिराजपुर में मानवाधिकारों को लेकर संकल्प
अलिराजपुर जिला अध्यक्ष श्री संजय जी पवार ने कहा कि जिले में संगठन को ग्राम, तहसील और जिला स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
कट्ठीवाड़ा से श्री दिलीप गाडर एवं अलिराजपुर से श्रीमती अंजीना सिसोदिया की गरिमामयी उपस्थिति ने बैठक को और सशक्त बनाया।
झाबुआ जिले में नई नियुक्तियाँ
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक के दौरान संगठन विस्तार के तहत:
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श्री प्रदीप कुमार शर्मा को झाबुआ जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया
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श्री सौरभ उपाध्याय एवं उनकी टीम को झाबुआ जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई
यह निर्णय संगठन के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
आदिवासी अंचलों में मानवाधिकार संरक्षण की आवश्यकता
अलिराजपुर और झाबुआ जैसे क्षेत्रों में:
- महिला उत्पीड़न
- दहेज प्रथा
- प्रशासनिक अनदेखी
- भ्रष्टाचार
- सामाजिक शोषण
जैसी समस्याएँ आज भी गंभीर हैं। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट बैठक ने इन मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने का संकल्प लिया।
संगठन का उद्देश्य और भविष्य की दिशा
ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य:
- मानवाधिकार हनन के खिलाफ आवाज उठाना
- पीड़ितों को न्याय दिलाना
- शासन-प्रशासन से समन्वय
- समाज में जागरूकता फैलाना
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि संगठन अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यकर्ताओं का संदेश: पद नहीं, सेवा
शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, युवराज सिंह राठौर, जीवनलाल जैन, अंकित जैन, भावेश नाहर एवं सोना जैन सहित सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा—
“संगठन का उद्देश्य केवल पद नहीं, बल्कि सेवा है।”
