मध्य प्रदेश सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार, भोपाल गैस राहत एवं फूड सेफ्टी की भी मिली जिम्मेदारी
PWD के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह को मिली नई जिम्मेदारी, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के आदेश से हुआ प्रशासनिक बदलाव
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी सुखवीर सिंह (बैच 1997) को नई अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख सचिव के रूप में कार्यरत सुखवीर सिंह को अब लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग (Public Health & Medical Education Department) के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
इसके साथ ही उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा कमिश्नर फूड सेफ्टी (Commissioner Food Safety) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यह आदेश शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के हस्ताक्षर से जारी किया गया।
यह निर्णय राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे को सुचारु बनाए रखने तथा विभिन्न विभागों में कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य सचिव के आदेश से जारी हुआ प्रशासनिक आदेश
राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह अपनी वर्तमान जिम्मेदारी यानी लोक निर्माण विभाग (PWD) का कार्यभार संभालते हुए अतिरिक्त रूप से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का भी संचालन करेंगे।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी व्यवस्था के रूप में दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा फूड सेफ्टी आयुक्त का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है।
सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न आने देना तथा विभागीय निर्णय प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखना है।
अशोक बर्णवाल के मुख्य सचिव बनने के बाद हुआ बदलाव
यह प्रशासनिक परिवर्तन मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के पदभार ग्रहण करने के बाद किया गया है।
इससे पहले अशोक बर्णवाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के रूप में कार्यरत थे। उनके मुख्य सचिव बनने के बाद यह विभाग रिक्त हो गया था, जिसके चलते सरकार ने अनुभवी अधिकारी सुखवीर सिंह को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपना शासन व्यवस्था में सामान्य प्रक्रिया है, जिससे विभागों का कार्य बिना किसी रुकावट के चलता रहता है।
कौन हैं सुखवीर सिंह?
सुखवीर सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1997 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वे लंबे समय से मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में कार्य कर चुके हैं और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते हैं।
वर्तमान में वे लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख सचिव के रूप में राज्य की सड़क, पुल, भवन निर्माण और अधोसंरचना परियोजनाओं की निगरानी कर रहे हैं।
अब उनके पास स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, फूड सेफ्टी और भोपाल गैस त्रासदी राहत जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी होगी।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग क्यों है महत्वपूर्ण?
मध्य प्रदेश का लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक माना जाता है।
यह विभाग सरकारी अस्पतालों, जिला चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य योजनाओं, डॉक्टरों की नियुक्ति, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन करता है।
इसके अलावा विभाग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), चिकित्सा अधोसंरचना, मेडिकल शिक्षा सुधार तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्य करता है।
ऐसे में इस विभाग का नेतृत्व अनुभवी अधिकारी को सौंपना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की भी जिम्मेदारी
सरकार ने सुखवीर सिंह को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया है।
यह विभाग वर्ष 1984 की भोपाल गैस त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास, चिकित्सा सहायता, मुआवजा, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य देखता है।
राज्य सरकार समय-समय पर इस विभाग के माध्यम से गैस पीड़ितों के लिए विशेष स्वास्थ्य एवं पुनर्वास कार्यक्रम संचालित करती है।
फूड सेफ्टी आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी
सुखवीर सिंह को कमिश्नर फूड सेफ्टी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
फूड सेफ्टी विभाग राज्यभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट पर नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन और खाद्य कारोबारियों की निगरानी का कार्य करता है।
त्योहारों, विशेष अभियानों तथा नियमित निरीक्षणों के दौरान यह विभाग खाद्य पदार्थों की जांच कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की पहल
विशेषज्ञों के अनुसार राज्य सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
जब किसी वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण, पदोन्नति या नई नियुक्ति होती है, तब संबंधित विभाग का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार किसी अनुभवी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपती है।
इस व्यवस्था से नीतिगत निर्णयों, वित्तीय स्वीकृतियों और विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होती।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से चल रही हैं कई योजनाएं
मध्य प्रदेश में वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी अनेक योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, चिकित्सकों की नियुक्ति तथा चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
ऐसे समय में इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार अनुभवी अधिकारी को मिलना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधोसंरचना और स्वास्थ्य—दोनों महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी
सुखवीर सिंह पहले से ही लोक निर्माण विभाग जैसे बड़े विभाग का संचालन कर रहे हैं।
अब उनके पास स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी होगी। इससे प्रशासनिक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया में अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि दोनों विभागों का कार्यक्षेत्र अत्यंत व्यापक है, इसलिए प्रभावी समन्वय और समयबद्ध निर्णय लेना बड़ी चुनौती भी होगा।
शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
राज्य सरकार समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार में परिवर्तन करती रहती है।
इसका उद्देश्य विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना, योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना तथा शासन व्यवस्था को मजबूत करना होता है।
सुखवीर सिंह को एक साथ कई महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, फूड सेफ्टी और भोपाल गैस राहत विभाग में लंबित परियोजनाओं और योजनाओं को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और गैस पीड़ितों के पुनर्वास संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर उनका विशेष फोकस रहने की संभावना है।
राज्य सरकार के इस प्रशासनिक निर्णय को शासन में बेहतर समन्वय और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
