ब्राह्मण समाज में उबाल — IAS संतोष वर्मा की आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में 27 नवंबर को सामूहिक ज्ञापन सौंपा जाएगा
नागदा। ब्राह्मण समाज नागदा तथा कई अन्य स्वर्ण एवं सामाजिक संगठनों में इन दिनों तीव्र आक्रोश व्याप्त है। यह आक्रोश आईएएस संतोष वर्मा द्वारा एक ब्राह्मण बेटी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक, अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी के बाद सामने आया है, जिसे समाज ने लज्जाजनक, निंदनीय और सामाजिक सद्भाव को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य बताया है।
इस विवाद के बाद ब्राह्मण समाज, करणी सेना, परशुराम सेना युवा वाहिनी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा तथा स्वर्ण समाज ने इस बयान को एक अपराधिक कृत्य मानते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई की माँग उठाई है। समाजजन ने स्पष्ट कहा है कि ऐसी टिप्पणी न केवल एक बेटी का अपमान है, बल्कि संपूर्ण ब्राह्मण समाज का मनोबल गिराने और समाजों के बीच वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास भी है।
समाज में व्याप्त आक्रोश: “यह सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, सामाजिक अपराध है”
ब्राह्मण समाज नागदा ने कहा कि एक उच्च प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी से इस प्रकार की भाषा और व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि किसी भी बेटी पर अशोभनीय टिप्पणी करना भारतीय समाज की संस्कृति, संस्कार और महिला सम्मान के मूल्यों के विरुद्ध है।
समाज नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक समुदाय का नहीं है, बल्कि नागदा समाज की प्रतिष्ठा और बेटी के सम्मान से जुड़ा विषय है। इसी कारण विभिन्न स्वर्ण समाजों और क्षत्रिय संगठनों ने भी विरोध में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया है।
27 नवंबर को होगा सामूहिक ज्ञापन— मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम सौंपा जाएगा पत्र
घटना के विरोध में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 27 नवंबर 2025, गुरुवार को दोपहर 2:00 बजे एसडीएम कार्यालय, कोर्ट परिसर नागदा में मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम सामूहिक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सभी समाजजन दोपहर 1:45 बजे तक बिरला मंदिर के समीप एसडीएम कार्यालय पर एकत्रित होंगे। आयोजकों ने नागदा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी समाजजनों से निर्दिष्ट समय पर उपस्थित होने की अपील की है।
प्रमुख संगठन एकजुट — ब्राह्मण समाज, परशुराम सेना, करणी सेना साथ आए
इस ज्ञापन को श्री राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा वाहिनी मध्य प्रदेश, ब्राह्मण समाज नागदा, तथा करणी सेना द्वारा संयुक्त रूप से सौंपा जाएगा।
ये सभी संगठन एक सुर में यह मांग कर रहे हैं कि:
- आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा पर शासन-स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो
- पीड़ित बेटी एवं उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों, इसके लिए प्रशासनिक दिशा-निर्देश कठोर किए जाएं
सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि यदि समय पर और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और भी व्यापक रूप ले सकता है।
बड़ी संख्या में जुटेगा समाज— नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारी तेज
समाजजन, परशुराम सैनिकों, करणी सेना कार्यकर्ताओं, क्षत्रिय महासभा और स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने बैठकों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर लोगों को इस विरोध में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।
नागदा शहर, बोरखेड़ी, मेघदूत नगर, बिरलाग्राम, कानपूरिया सहित आसपास की कई बस्तियों में भी जागरूकता संदेश भेजे गए हैं। समाज के युवाओं ने सोशल मीडिया पर “बेटी सम्मान” अभियान चलाकर बड़ी संख्या में लोगों को 27 नवंबर के कार्यक्रम में शामिल होने की अपील है।
समाज की मांग — “बेटी के सम्मान से बड़ा कुछ नहीं”
ब्राह्मण समाज नागदा तथा अन्य संगठनों का कहना है कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि एक बेटी के सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए लड़ा जा रहा है।
समाज का कहना है कि एक बेटी पर अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
नेताओं ने कहा कि:
- उच्च पदस्थ अधिकारी यदि मर्यादा नहीं समझेंगे, तो जनता का सिस्टम से विश्वास उठ जाएगा
- ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है ताकि पूरे प्रदेश में सही संदेश जाए
- बेटी के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज सदैव खड़ा रहेगा
जानकारी निलेश मेहता ने दी — संवाददाता जीवन लाल जैन की रिपोर्ट
इस पूरे विरोध एवं ज्ञापन कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी निलेश मेहता द्वारा दी गई।
यह रिपोर्ट संवाददाता जीवन लाल जैन नागदा की है।
