तीर्थ क्षेत्र सेनानी उपाधि से सम्मानित हुए हुकुम काका: चांदखेड़ी जैन समाज में उल्लास, मुनि श्री सुधा सागर जी ने की घोषणा
इंदौर/अशोक नगर।
जैन समाज और तीर्थ संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान देने वाले श्री हुकुम जी जैन “काका” को आज एक ऐतिहासिक सम्मान प्राप्त हुआ। श्री दर्शनोदय अतिशय क्षेत्र थोवोन जी में विराजित निर्यापक श्रमण मुनि राष्ट्र संत तीर्थ चक्रवर्ती श्री सुधा सागर जी महाराज ने अपनी मंगल देशना में उन्हें “तीर्थ क्षेत्र सेनानी” की प्रतिष्ठित उपाधि से अलंकृत किया। यह सम्मान उनकी वर्षों से चली आ रही तपस्या, सेवा, संघर्ष और चांदखेड़ी तीर्थ क्षेत्र की रक्षा हेतु उनके समर्पण के प्रतीक के रूप में दिया गया है।
इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि हुकुम काका ने चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी की सेवा के लिए जो त्याग और निष्ठा दिखाई है, वह अनुकरणीय है। धर्म क्षेत्र की रक्षा के लिए वे झूठी शिकायतों के कारण जेल तक गए, लेकिन अपने मार्ग से कभी नहीं डिगे। उनके सत्य, सेवा और समर्पण को देखते हुए मुनि श्री ने उन्हें “स्वतंत्रता संग्राम सेनानी” के रूप में भी सम्मानित घोषित किया।
चांदखेड़ी क्षेत्र के लिए काका का संघर्ष बना मिसाल
चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी में वर्षों से चल रहे विवाद और चुनौतियों के बीच हुकुम काका हमेशा अग्रणी भूमिका में रहे।
उन्होंने न सिर्फ तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा की, बल्कि धर्म संस्कृति के संरक्षण के लिए लगातार समाज को जागरूक करते रहे।
समाज के वरिष्ठ जनों ने बताया कि झूठी शिकायतों के चलते उन्हें जेल तक जाना पड़ा, परंतु सत्य की राह पर अडिग रहते हुए उन्होंने तीर्थ की प्रतिष्ठा को बनाए रखा। यही संघर्ष और समर्पण आज उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान तक लेकर आया।
मुनि श्री सुधा सागर जी ने कहा — “यह सम्मान चांदखेड़ी क्षेत्र के साहस और सेवा का प्रतीक”
मंगल देशना के दौरान मुनि श्री ने स्पष्ट कहा कि
“हुकुम काका ने जिस समर्पण से तीर्थ क्षेत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वह उनकी दृढ़ निष्ठा और आस्था का प्रतीक है। समाज को ऐसे सेवकों पर गर्व होना चाहिए।”
मुनि श्री ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे चांदखेड़ी क्षेत्र, जैन समाज और धर्म संस्कृति का गौरव है।
जैन संगठनों का समर्थन— ‘काका आपका संघर्ष वंदनीय’
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने इस अवसर पर कहा—
“काका, आपका धर्म संस्कृति, क्षेत्र और गुरु के प्रति समर्पण वंदनीय है। आपने जिस साहसिक भाव से तीर्थ की रक्षा की, उसके लिए हम सभी आपकी कोटि-कोटि अनुमोदना करते हैं।”
उन्होंने कहा कि काका के संघर्ष में पूरा समाज उनका साथ देगा।
उन्होंने आगे कहा कि
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, विश्व जैन संगठन, जैन राजनीतिक चेतना मंच और भारत वर्षीय जैन समाज हमेशा काका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
यह वक्तव्य न केवल समर्थन का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि हुकुम काका को समाज में कितनी व्यापक स्वीकृति और सम्मान प्राप्त है।
समाज में हर्ष और गौरव की भावना
हुकुम काका को तीर्थ क्षेत्र सेनानी उपाधि मिलने की खबर फैलते ही चांदखेड़ी, इंदौर, अशोकनगर और आसपास के जैन समाज में खुशी की लहर दौड़ गई।
समाज के अनेक लोगों ने इसे धर्म क्षेत्र की विजय और सत्य की प्रतिष्ठा का पल बताया।
