भारत में ‘हिंदू जिन्ना’ का शासन चाहता है RSS — शिवसेना (UBT) का संघ पर तीखा प्रहार
मुंबई।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के ताजा संपादकीय में RSS के “डीएनए”, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की अवधारणा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संपादकीय में दावा किया गया है कि संघ का असली लक्ष्य भारत को “हिंदू पाकिस्तान” बनाना है, जहां “हिंदू जिन्ना” का शासन स्थापित किया जा सके।
“RSS के डीएनए पर शोध की जरूरत”
संपादकीय में लिखा गया —
“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डीएनए में किस प्रकार का राष्ट्रवाद और हिंदुत्व है, इस पर शोध होना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में RSS की कोई भूमिका नहीं रही। आजादी की लड़ाई की ज़रा-सी भी खरोंच संघ की गतिविधियों पर नहीं पड़ी, फिर भी ये लोग राष्ट्रवाद और देशभक्ति के ठेकेदार बने बैठे हैं।”
शिवसेना (UBT) ने यह भी आरोप लगाया कि आज RSS उसी विचारधारा को मजबूत कर रहा है जो महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की थी।
“मोदी-शाह का शासन संघ के सपने का विस्तार”
‘सामना’ में प्रकाशित लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा गया। संपादकीय के अनुसार —
“मोदी-शाह का शासन संघ के उसी सपने को साकार कर रहा है, जिसमें भारत की एकता को तोड़कर कट्टर, असहिष्णु और संकीर्ण हिंदुत्व की सोच पर आधारित शासन स्थापित किया जाए। यही ‘हिंदू राष्ट्र’ का सपना है — जिसे RSS, भारत में ‘हिंदू जिन्ना’ का राज स्थापित कर पूरा करना चाहता है।”
लेख में यह भी कहा गया कि संघ का राष्ट्रवाद सहिष्णु हिंदुओं का नहीं बल्कि “सड़ी हुई मानसिकता वाले कट्टर हिंदुओं” का प्रतिनिधित्व करता है।
“लोकतंत्र का गला घोंटने से जनाक्रोश होगा”
शिवसेना (UBT) ने सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया विजयादशमी भाषण पर भी सवाल उठाए।
संपादकीय के मुताबिक —
“भागवत ने अपने भाषण में न तो कोई दिशा दी, न कोई मार्गदर्शन। उन्होंने बीजेपी के ही सुर में सुर मिलाया। लगता है उन्हें डर है कि भारत में भी वैसी जनक्रांति हो सकती है जैसी श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश में हुई थी।”
लेख में कहा गया कि जिन देशों में सत्ता ने कट्टरता और अंधराष्ट्रवाद का नशा फैलाया, वहां अंततः जनता ने विद्रोह किया।
“जब लोकतंत्र का गला घोंटा जाता है और बदलाव के रास्ते बंद कर दिए जाते हैं, तो वही जनता क्रांति लाती है,” — ऐसा संपादकीय में लिखा गया।
“जनता से झूठे वादे, अडानी की जेब में देश”
मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए ‘सामना’ ने लिखा कि —
“पिछले दस वर्षों में मोदी-शाह ने जनता से झूठे वादे किए, धार्मिक विभाजन फैलाया और देश की अर्थव्यवस्था को अडानी जैसे उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया। सरसंघचालक को इस पर कठोर बयान देना चाहिए था, लेकिन वे मौन हैं।”
“RSS के 100 साल — नकली सिक्का और भ्रष्ट विरासत”
संपादकीय ने केंद्र सरकार द्वारा RSS की शताब्दी के मौके पर जारी किए गए डाक टिकट और विशेष सिक्के को भी निशाने पर लिया।
“RSS ने देश को मोदी-शाह जैसे तानाशाह दिए। भाजपा का सिक्का नकली और भ्रष्ट है। RSS की विचारधारा ने लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर किया है और अब वही विचारधारा देश की गर्दन पर सवार है,” — ऐसा ‘सामना’ ने लिखा।
“संघ का राष्ट्रवाद उजागर हो रहा है”
लेख के अंत में कहा गया कि —
“संघ और उसकी सहयोगी संस्थाओं के राष्ट्रवाद का असली चेहरा अब रोज़ाना बेनकाब हो रहा है। RSS ने जो ‘हिंदू राष्ट्र’ का सपना देखा है, वह भारत की विविधता, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”
📰 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
-
शिवसेना (UBT) ने RSS के डीएनए और हिंदुत्व पर सवाल उठाए
-
कहा — “RSS का लक्ष्य हिंदू पाकिस्तान बनाना है”
-
मोदी-शाह के शासन को संघ के सपने का विस्तार बताया
-
भागवत के भाषण को “बीजेपी का प्रतिध्वनि” कहा
-
RSS पर लोकतंत्र और स्वतंत्रता को कमजोर करने का आरोप

