हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर प्रतिष्ठा मुहूर्त साध्वीश्री जी द्वारा प्रदान किया गया। 29 अप्रैल को प्रतिष्ठा, 27 से 29 अप्रैल तक भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन।
हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर प्रतिष्ठा मुहूर्त: ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण
हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर प्रतिष्ठा मुहूर्त जैन समाज के लिए आस्था, श्रद्धा और धर्म का एक अत्यंत पावन क्षण बन गया है। राजस्थान के हिन्डोन सिटी में प्रस्तावित श्री राजराजेन्द्र जैन गुरू मंदिर की प्रतिष्ठा हेतु शुभ मुहूर्त साध्वीश्री जी द्वारा प्रदान किया जाना पूरे समाज के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।
साध्वीश्री जी के दर्शन हेतु महुआ पहुँचा श्रीसंघ हिन्डोन सिटी
राजस्थान के हिन्डोन सिटी से श्रीसंघ एवं श्री राज राजेन्द्र जैन गुरू मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टीगण महुआ पहुँचे।
नगर में विराजमान पूज्य साध्वीश्री जी के दर्शन-वंदन कर गुरूमंदिर प्रतिष्ठा हेतु शुभ मुहूर्त प्रदान करने की भावभीनी विनती की गई।
हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर प्रतिष्ठा मुहूर्त की घोषणा
गुरूदेव पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वर जी महाराजा के पट्टधर एवं गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा. की आज्ञानुवर्ती—
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पूज्य साध्वी श्री प्रियदर्शनाश्री जी म.सा.
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पूज्य साध्वी श्री सुदर्शनाश्री जी म.सा. (ठाणा-2)
ने हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर प्रतिष्ठा मुहूर्त घोषित करते हुए—
दिनांक: 29 अप्रैल
तिथि: वैशाख सुदी तेरस
वार: बुधवार
को शुभ बताया।
त्रिदिवसीय भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव (27–29 अप्रैल)
श्रीसंघ एवं परिषद् के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री एवं मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने जानकारी दी कि—
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27 अप्रैल से 29 अप्रैल तक
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हिन्डोन सिटी, राजस्थान में
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साध्वीश्री जी की निश्रा में
त्रिदिवसीय भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
30 अप्रैल को जिनालय द्वार उद्घाटन का भव्य आयोजन संपन्न होगा।
नवीन जिनालय में प्रतिष्ठित होंगी ये दिव्य प्रतिमाएँ
हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर में विधिवत प्रतिष्ठा होगी—
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दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीश्वर जी महाराजा
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पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वर जी म.सा.
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पूज्य साध्वी दादी म.सा.
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श्री पद्मावती देवी
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श्री नाकोड़ा भैरवजी
यह प्रतिष्ठा जैन परंपरा और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बनेगी।
महुआ में साध्वीश्री जी की स्थिरता
उल्लेखनीय है कि द्वय साध्वीश्री जी की महुआ श्रीसंघ राजस्थान में 15 मार्च तक स्थिरता रहेगी, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन-लाभ और धर्मश्रवण का सौभाग्य प्राप्त होगा।
जैन संस्कृति में गुरूमंदिर प्रतिष्ठा का महत्व
गुरूमंदिर प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि—
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गुरु भक्ति
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आत्मशुद्धि
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समाज एकता
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संस्कार संरक्षण
का जीवंत उदाहरण होती है। हिन्डोन सिटी गुरूमंदिर प्रतिष्ठा मुहूर्त इसी आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाएगा।
