CWC बैठक में खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को बताया ‘कठपुतली’, चुनाव प्रक्रिया पर रखीं पाँच मांगें
दैनिक स्वराज वाणी | नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार, 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। खड़गे ने उन पर केंद्र सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें मोदी सरकार की ‘कठपुतली’ बताया और पद से हटाने की मांग की। बैठक का प्रमुख विषय मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता रहा। खड़गे के बयान कांग्रेस के आरोप हैं, जिन पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। j
मतदाता सूची को लेकर विवाद
कांग्रेस मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटने पर उसे इसकी जानकारी और अपील का उचित अवसर मिलना चाहिए। खड़गे ने बैठक में कहा कि मतदाता सूची से संबंधित जानकारी सार्वजनिक होने से ही उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की सुरक्षा पर जोर दिया।
SIR के तहत मतदाता सूची की जांच और उसे अद्यतन किया जाता है। कांग्रेस की आपत्ति इस प्रक्रिया के संचालन और उससे मतदाताओं पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों को नियमों के अनुरूप बताया है। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े आदेशों पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति थी। इसलिए कांग्रेस के आरोपों और आयोग के जवाब को अलग-अलग पक्षों के रूप में देखना जरूरी है।
चुनाव प्रक्रिया पर कांग्रेस की पाँच मांगें
बैठक में कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी पाँच प्रमुख मांगें रखीं:
- बदलावों का विवरण सार्वजनिक हो: मतदाता सूची में जोड़े और हटाए गए नामों से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
- अपील का अवसर मिले: जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें निर्णय के खिलाफ अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।
- दलों को समय पर सूची मिले: राजनीतिक दलों को मतदाता सूची ऐसे प्रारूप में दी जाए, जिससे वे बदलावों की जांच कर सकें।
- गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच हो: जहां गंभीर अनियमितता की शिकायत हो, वहां स्वतंत्र और तय समय सीमा में जांच कराई जाए।
- पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो: मतदाता सूची और चुनाव से जुड़े निर्णयों की जानकारी स्पष्ट रूप से सामने रखी जाए।
इन मांगों का संबंध मतदाता सूची की जांच से लेकर शिकायतों के निपटारे तक है। कांग्रेस का तर्क है कि यदि बदलावों का रिकॉर्ड और अपील की प्रक्रिया स्पष्ट होगी, तो मतदाता अपने नाम की स्थिति जान सकेंगे और राजनीतिक दल भी सूची की समीक्षा कर पाएंगे।
CWC के प्रस्ताव में इस्तीफे की मांग
कांग्रेस कार्यसमिति ने बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। प्रस्ताव में कई राज्यों में SIR रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए 13 लाख से अधिक नाम बहाल करने की मांग भी की गई। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी इस्तीफा मांगा। ये पार्टी की राजनीतिक मांगें हैं; मतदाता सूची से नाम हटने के मामलों की वास्तविक स्थिति संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच से स्पष्ट होगी।
बैठक के बाद इस मुद्दे पर विपक्ष की साझा रणनीति तय होने की संभावना है। बुधवार को INDIA गठबंधन के दलों की बैठक प्रस्तावित है। उसमें चुनाव आयोग से जुड़ी शिकायतों, SIR और संभावित आंदोलन पर चर्चा हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस ने साफ किया है कि वह मतदाता सूची का मुद्दा आगे भी उठाएगी। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और विपक्षी बैठक के फैसलों से इस विवाद की अगली दिशा स्पष्ट होगी।
