🚨 सांवेर हादसा: देर रात ट्रॉली पलटने से तीन महिलाओं की मौत, कई घायल – मंत्री सिलावट पहुंचे अस्पताल
इंदौर (मध्य प्रदेश), 14 अक्टूबर 2025:
सांवेर क्षेत्र में सोमवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रॉली अचानक पलट गई। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा। प्रशासन ने तुरंत सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा और घायलों को इंदौर रेफर किया गया।
🕯️ कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। सांवेर के पास ट्रॉली जैसे ही एक मोड़ पर पहुंची, चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। संतुलन खोने से ट्रॉली पलट गई और कई लोग उसके नीचे दब गए। आस-पास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत शोर मचाया और बचाव कार्य शुरू किया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से ट्रॉली सीधी की गई और घायलों को बाहर निकाला गया।
⚰️ तीन महिलाओं की मौत, कई की हालत गंभीर
इस हादसे में जानी बाई (40 वर्ष), कमला बाई (50 वर्ष) और एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जानी बाई और कमला बाई ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि नाबालिग लड़की ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में आखिरी सांस ली।
करीब दर्जनभर लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत नाजुक है।
सांवेर सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को इंदौर के अरविंदो अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा।
🚑 प्रशासनिक तत्परता: अस्पताल अलर्ट मोड पर
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर शिवम वर्मा ने तुरंत एमवाय और अरबिंदो अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा।
सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने बताया कि मेडिकल टीमें मौके पर भेज दी गई थीं और घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं, एएसपी रूपेश द्विवेदी ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि सड़क पर अचानक आए मोड़ और ओवरलोड ट्रॉली पलटने की मुख्य वजह मानी जा रही है।
🏛️ मंत्री सिलावट घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन मंत्री और सांवेर विधायक तुलसीराम सिलावट ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे इंदौर रवाना हो गए।
उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टर्स से उपचार की जानकारी ली।
मंत्री सिलावट ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी घायलों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क किया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी घटना की जानकारी दी और राहत कार्यों की निगरानी की।
💬 ग्रामीणों में आक्रोश, सड़क की स्थिति पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने हादसे के लिए सड़क की खराब हालत और मोड़ पर लगी चेतावनी संकेतों की कमी को जिम्मेदार ठहराया है।
लोगों का कहना है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां कई बार पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने सड़क सुधार पर ध्यान नहीं दिया।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि ट्रॉली में महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में थे, जो पास के धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे।
रात में रोशनी की कमी और अचानक मोड़ के कारण चालक वाहन नियंत्रित नहीं कर पाया।
🔍 पुलिस जांच जारी
सांवेर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चालक से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
ट्रॉली चालक का कहना है कि सड़क पर एक अचानक गड्ढा आने से वाहन झटका खा गया और पलट गया।
हालांकि, पुलिस का मानना है कि वाहन ओवरलोड था और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया।
फिलहाल पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
🕊️ शोक में डूबा सांवेर
हादसे के बाद सांवेर और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है।
मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सड़क की मरम्मत तत्काल कराई जाए और मोड़ पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
🌙 एक रात जिसने तीन जिंदगियां छीन लीं
रात का सन्नाटा, चंद मिनटों में मचा कोहराम और लोगों की चीख-पुकार — सांवेर की यह रात हमेशा याद रहेगी।
तीन परिवारों की खुशियाँ पलभर में उजड़ गईं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा इंतज़ाम कब दुरुस्त होंगे?

