भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा बसंत पंचमी पर सेवा, संस्कार एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Gwalior |
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर Gwalior और नागदा इकाई के संयुक्त तत्वावधान में सेवा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अनेक प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया। यह आयोजन समाज में सेवा, संस्कार और स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने का एक अनूठा प्रयास था। ट्रस्ट की ओर से यह पहल इस बात का प्रमाण है कि संगठन केवल अधिकारों की बात नहीं करता, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयासरत है।
Gwalior कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
Gwalior में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं को शिक्षित करने के लिए बहनों ने दो महत्वपूर्ण गतिविधियों को प्राथमिकता दी। सबसे पहले छोटे बच्चों का पट्टी पूजन कराया गया, जिसके माध्यम से उन्हें भारतीय संस्कृति, संस्कार और परिवार के मूल्यों से परिचित कराया गया। इसके साथ ही माँ सरस्वती वंदन का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों को विद्या और शिक्षा के महत्व के बारे में बताया गया। इस अवसर पर बच्चों ने माता सरस्वती के प्रति श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की और उन्हें ज्ञान के महत्व को समझने का सजीव अनुभव प्राप्त हुआ।
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
स्वास्थ्य जागरूकता इस कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा था। मुख्य अतिथि, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. प्रमिला पचौरी ने बच्चों और उपस्थित सभी सदस्यों को स्वास्थ्य, पोषण और सही दिनचर्या के बारे में मार्गदर्शन दिया। डॉ. पचौरी ने बताया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर नींद लेना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने माता-पिता और बच्चों को दिनचर्या, खानपान और योग के महत्व पर विशेष रूप से ध्यान देने की सलाह दी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट की बहनों और पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इसमें शामिल थीं:
- श्रीमती सरला गुप्ता (संभाग अध्यक्ष)
- श्रीमती मधु शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष)
- श्रीमती सरिता पाठक (प्रदेश उपाध्यक्ष)
- श्रीमती ऊर्मिला नाहर (जिला अध्यक्ष)
- श्रीमती पूनम सेमर (जिला संगठन मंत्री)
- श्रीमती प्रवेश गुर्जर (नगर अध्यक्ष)
- श्रीमती रूचि गुप्ता (तहसील अध्यक्ष)
साथ ही अन्य बहनों और कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्यक्रम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण
बसंत पंचमी के इस अवसर पर समाज सेवा का एक और महत्वपूर्ण पहलू भी देखने को मिला। प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सरिता पाठक ने एक विवाह समारोह में 7 जरूरतमंद बेटियों को उपहार स्वरूप साड़ियाँ, स्वेटर और सुहाग सामग्री (चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, काजल, तेल, कंघा, आईना, नेल पॉलिश आदि) प्रदान की। यह कार्य प्रदेश स्तर का पहला सेवा कार्य था और इसे प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस पहल से यह संदेश गया कि बेटियाँ समाज की शक्ति हैं और उनका सम्मान, संरक्षण और सहयोग करना हमारी जिम्मेदारी है।
सामूहिक पूजा और गौ-पूजन
Gwalior शाखा द्वारा मंदिर परिसर के बाहर जिला अध्यक्ष श्रीमती ऊर्मिला नहार के पर्यवेक्षण में श्रद्धा भाव से सामूहिक पूजा-अर्चना और गौ-पूजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती वंदना से हुई और अंत में सभी उपस्थित लोगों को बूँदी का प्रसाद वितरित किया गया। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध था, बल्कि लोगों में सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को भी जागरूक करने वाला रहा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा:
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का उद्देश्य केवल अधिकारों की बात करना नहीं है, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा और संवेदना को जीवित रखना है। बसंत पंचमी पर किए गए ये कार्य संगठन की सकारात्मक सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। सभी पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।”
संगठन के सदस्यों शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन, युवराज सिंह राठौर, सोना जैन, अंकित जैन और भावेश नाहर ने कहा:
“नारी शक्ति जब सेवा का संकल्प लेती है, तो समाज में परिवर्तन निश्चित होता है। हमारी बहनों द्वारा किया गया यह कार्य गर्व का विषय है। बेटियाँ समाज की शक्ति हैं, उनके सम्मान और सहयोग हेतु हमारा संगठन सदैव तत्पर रहेगा।”
निष्कर्ष
इस कार्यक्रम के माध्यम से ट्रस्ट ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज में सेवा, संस्कार और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। बहनों और पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी सफल बनाया। बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर किए गए कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों के मन में शिक्षा, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
