Gwalior में जलभराव की गंभीर स्थिति पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने की त्वरित कार्रवाई
Gwalior
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट नागरिकों की मूलभूत समस्याओं और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। इसी क्रम में संगठन की ग्वालियर नगर अध्यक्ष श्रीमती प्रवेश गुर्जर ने अटल नगर क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या को उजागर कर तत्काल समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
बारिश और खराब जलनिकासी ने बढ़ाई मुश्किलें
Gwalior पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के कारण अटल नगर की नालियों और चैम्बरों में लगे छोटे पाइप पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नहीं रहे। परिणामस्वरूप कई गलियों और घरों में जलभराव हो गया। इस भयावह स्थिति में लगभग 10 वर्षीय एक बालिका की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य नागरिक दुर्घटना का शिकार हुआ। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी पड़ी।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि नगर निगम केवल औपचारिक रूप से सफाई करता है और कचरा वाहन 15-15 दिनों में ही आता है। इसके कारण जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है।
श्रीमती प्रवेश गुर्जर ने लिया सक्रिय कदम
04 फरवरी 2026 को श्रीमती प्रवेश गुर्जर ने मोहल्ले की महिलाओं के साथ मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा। तत्पश्चात उन्होंने पुनः क्षेत्र में दौरा किया और नगर निगम अधिकारी श्री अजय शर्मा से मुलाकात की।
उनके सक्रिय हस्तक्षेप और संगठन के दबाव के चलते नगर निगम ने तुरंत कचरा गाड़ी भेजी, चैम्बरों की सफाई प्रारंभ की और स्थायी समाधान का आश्वासन भी दिया। स्थानीय नागरिकों ने संगठन के प्रयास की सराहना की और आभार व्यक्त किया।
संगठन की प्रतिबद्धता और उद्देश्य
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का उद्देश्य हमेशा नागरिकों के जीवन, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में सक्रिय रहना है। यह पहल संगठन की सजगता और जिम्मेदारी का उदाहरण है। संगठन कभी भी जनहित और मानवाधिकारों के उल्लंघन को अनदेखा नहीं करता।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा:
“जलभराव जैसी लापरवाही सीधे मानव जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। अटल नगर में हुई बालिका की मृत्यु अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मैं ग्वालियर नगर अध्यक्ष श्रीमती प्रवेश गुर्जर को बधाई देता हूँ, जिन्होंने जमीनी स्तर पर जाकर पीड़ितों की आवाज़ प्रशासन तक पहुँचाई। संगठन ऐसी घटनाओं को कभी अनदेखा नहीं करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहेगा।”
संगठन के अन्य पदाधिकारियों का संदेश
संगठन के अन्य पदाधिकारी, जिनमें शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन, मधु शर्मा, रूचि गुप्ता, सरला गुप्ता, सरिता पाठक और उर्मिला नाहर शामिल हैं, ने कहा:
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का प्रत्येक पदाधिकारी जनहित और नागरिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। Gwalior में की गई यह त्वरित कार्रवाई संगठन की सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाती है। हम प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि जलनिकासी, नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई और निर्दोष जान न जाए।”
विशेषज्ञों की राय और संगठन की भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार Gwalior और अन्य शहरों में जलभराव की समस्या केवल मौसम की वजह से नहीं होती, बल्कि नगर निगम के नियमित निरीक्षण और सफाई में लापरवाही भी इसका प्रमुख कारण है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा और उनके जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए संगठन की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि श्रीमती प्रवेश गुर्जर और भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सक्रियता ने उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाया और उन्हें उम्मीद दी कि भविष्य में ऐसी आपात स्थितियों के लिए प्रशासन सजग रहेगा।
भविष्य के लिए संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट भविष्य में भी ऐसे सक्रिय कदम उठाता रहेगा और नागरिकों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। संगठन यह दिखाता है कि जमीनी स्तर पर निरीक्षण, हस्तक्षेप और प्रशासन पर दबाव डालना ही ठोस समाधान की कुंजी है।
