ग्वालियर से इटावा तक बनेगा 108 किमी लंबा फोरलेन हाईवे: नई DPR तैयार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। ग्वालियर से इटावा (उत्तर प्रदेश) तक बनने जा रहे 108 किलोमीटर लंबे ग्वालियर-भिण्ड-इटावा फोरलेन हाईवे (NH-92) की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है और अब भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। यह हाईवे न केवल ग्वालियर शहर को इटावा से जोड़ेगा बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगा।
परियोजना में बड़ा बदलाव: अब अटल द्वार से होगी सड़क की शुरुआत
पहले इस हाईवे की शुरुआत बरेठा टोल टैक्स से करने की योजना थी, लेकिन अब इसे पुरानी छावनी स्थित अटल द्वार से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के हस्तक्षेप से हुआ। उन्होंने 13 सितंबर 2025 को आयोजित दिशा समिति की बैठक में MPRDC, NHAI और जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि परियोजना की DPR में संशोधन कर अटल द्वार से बरेठा तक का हिस्सा जोड़ा जाए।
सांसद कुशवाह ने इसके बाद एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र लिखकर कहा कि अटल द्वार से बरेठा तक का खंड NH-92 का मूल हिस्सा है, जिसे शामिल किए बिना सड़क अधूरी मानी जाएगी। उनके निरंतर प्रयासों के बाद यह संशोधन किया गया, जिससे अब ग्वालियर शहर को इस परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा।
दो चरणों में बनेगी फोरलेन सड़क
एनएचएआई (National Highways Authority of India) और एमपीआरडीसी (Madhya Pradesh Road Development Corporation) द्वारा तैयार नई रूपरेखा के अनुसार ग्वालियर-भिण्ड-इटावा फोरलेन हाईवे दो चरणों में बनाया जाएगा:
पहला चरण (Phase-1): ग्वालियर शहर से बरेठा तक
- शुरुआत: पुरानी छावनी अटल द्वार से
- मार्ग: गोला का मंदिर – महाराजपुरा – बरेठा टोल टैक्स
- कुल दूरी: लगभग 19.8 किलोमीटर
यह खंड शहर के अंदरूनी भागों को सीधे फोरलेन से जोड़ देगा, जिससे ग्वालियर के नागरिकों को हाईवे तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
दूसरा चरण (Phase-2): बरेठा से इटावा तक
- मार्ग: बरेठा – गोहद – मेहगांव – भिण्ड – चंबल पुल – इटावा (उत्तर प्रदेश)
- कुल दूरी: लगभग 97.5 किलोमीटर
दोनों चरणों को मिलाकर परियोजना की कुल लंबाई लगभग 108 किलोमीटर होगी। यह हाईवे ग्वालियर, भिण्ड और इटावा को जोड़ते हुए क्षेत्र में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी (High-Speed Connectivity) का एक मजबूत नेटवर्क बनाएगा।
4,000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक हाईवे
एनएचएआई के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस परियोजना की कुल लागत लगभग 4,000 करोड़ रुपये होगी। इस राशि में सड़क निर्माण, भूमि अधिग्रहण, पुल, ओवरपास, अंडरपास और सुरक्षा संरचनाएं शामिल हैं।
इस फोरलेन के निर्माण से ग्वालियर से इटावा के बीच सफर का समय काफी घट जाएगा। पहले जहां यह दूरी तय करने में लगभग 3 से 4 घंटे लगते थे, वहीं अब 1.5 से 2 घंटे में यात्रा पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही यह मार्ग दिल्ली, आगरा, लखनऊ, झांसी, और भोपाल जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच को भी सुगम बनाएगा।
ग्वालियर को मिलेगा सीधा लाभ
ग्वालियर शहरवासियों के लिए यह परियोजना कई मायनों में लाभकारी साबित होगी। पहले यात्रियों को फोरलेन मार्ग तक पहुंचने के लिए बरेठा टोल तक जाना पड़ता था, लेकिन अब अटल द्वार से सीधा कनेक्शन मिलने से शहर के विभिन्न इलाकों — जैसे पुरानी छावनी, गोला का मंदिर, महाराजपुरा, और एयरफोर्स रोड क्षेत्र — को सीधे फोरलेन हाईवे से जोड़ा जाएगा।
इससे शहर के अंदरूनी ट्रैफिक का दबाव कम होगा और औद्योगिक, शैक्षणिक व आवासीय क्षेत्रों के लिए आवागमन सुगम बनेगा। इसके अलावा, ग्वालियर एयरपोर्ट, आईटी पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज़ी से जारी
परियोजना के पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमपीआरडीसी और एनएचएआई की संयुक्त इंजीनियरिंग टीम ने फील्ड सर्वे और सीमांकन कार्य पूरा कर लिया है। अब भूमि स्वामियों से सहमति प्राप्त करने और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार, स्थानीय किसानों और भू-स्वामियों को बाजार दरों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा ताकि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
2026 की शुरुआत में हो सकता है निर्माण कार्य का शुभारंभ
अधिकारियों ने बताया कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) नवंबर 2025 के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। अनुमान है कि 2026 की शुरुआत में फोरलेन सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ (Inauguration) कर दिया जाएगा।
परियोजना का लक्ष्य है कि 2028 तक पूरा मार्ग पूरी तरह चालू हो जाए, जिससे ग्वालियर, भिण्ड और इटावा के बीच यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मार्ग मिल सके।
आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल
ग्वालियर-भिण्ड-इटावा फोरलेन सड़क (NH-92) बनने से न केवल परिवहन सुगम होगा बल्कि यह क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास को भी प्रोत्साहित करेगी। इससे चंबल अंचल के विकास में नई ऊर्जा आएगी।
- औद्योगिक लाभ: ग्वालियर और भिण्ड के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधी सड़क सुविधा मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
- व्यापार में वृद्धि: यूपी और एमपी के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान में वृद्धि होगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: ग्वालियर किला, अटल द्वार, बरेठा वाइल्डलाइफ सेंचुरी और चंबल घाटी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
- रोजगार सृजन: परियोजना के निर्माण से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
निष्कर्ष
ग्वालियर-इटावा फोरलेन हाईवे (NH-92) परियोजना ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलने जा रही है। अटल द्वार से शुरू होने वाली यह सड़क न केवल शहर के अंदरूनी हिस्सों को जोड़ेगी, बल्कि प्रदेश से बाहर के प्रमुख शहरों तक तेज, सुरक्षित और आधुनिक कनेक्टिविटी भी देगी। 4,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ग्वालियर और भिण्ड जिले का सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक ढांचा और मजबूत होगा।
यदि भूमि अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो 2026 की शुरुआत में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और अगले दो वर्षों में इस क्षेत्र की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।


