गुरुसप्तमी महोत्सव आमंत्रण पत्रिका लेखन मुहूर्त सम्पन्न: 104वीं मासिक पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ भव्य धार्मिक आयोजन
गुरुसप्तमी महोत्सव आमंत्रण पत्रिका लेखन मुहूर्त आज श्री जयन्तसेन म्यूज़ियम परिसर में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। त्रिदिवसीय गुरुसप्तमी महोत्सव के शुभारंभ की तैयारियों को गति देते हुए यह पवित्र मुहूर्त कार्यक्रम नमस्कार महामंत्र जाप के साथ आरंभ हुआ। इस शुद्ध व आध्यात्मिक पल का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में गुरुभक्त उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गच्छाधिपति श्रीमद्विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा.,
आचार्य श्रीमद्विजय जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती साध्वीश्री तत्वलता श्रीजी म.सा. आदि ठाणा एवं साध्वीश्री आर्जवकला श्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा रही।
पूरे कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण, मंगलाचरण और श्री गुरुदेव के प्रति भक्ति का अनुपम स्वरूप देखने को मिला।
गुरुसप्तमी महोत्सव आमंत्रण पत्रिका लेखन मुहूर्त का आध्यात्मिक महत्व
जैन समाज में गुरुसप्तमी महोत्सव का विशेष स्थान है। गुरूभक्ति को समर्पित यह पर्व साधना, संयम, त्याग, सेवा और तप के मूल्यों का संदेश देता है।
गुरुसप्तमी महोत्सव आमंत्रण पत्रिका लेखन मुहूर्त इस उत्सव का आधिकारिक शुभारंभ माना जाता है और इसका आयोजन विशिष्ट आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने वाला माना गया है।
इस मुहूर्त कार्यक्रम में उपस्थित गुरुभक्तों ने नमस्कार महामंत्र का उच्चारण कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
आयोजन समिति एवं गणमान्यजनों की विशेष उपस्थिति
मुहूर्त कार्यक्रम में ट्रस्टमण्डल एवं विभिन्न क्षेत्रों से पधारे समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ट्रस्टमंडल से—
- सचिव श्री मुकेशजी जैन झाबुआ
- सहसचिव श्री संजयजी हरण
- ट्रस्टी श्री लोकेन्द्रजी मोदी
- मोहनखेड़ा तीर्थ ट्रस्टी श्री मांगीलालजी पावेचा
इसके अलावा धारा, राजगढ़, मेघनगर और मुंबई से पहुंचे प्रतिष्ठित समाजजन शामिल थे।
गुरुसप्तमी जयजिनेन्द्र लाभार्थी श्री सुधीरकुमार अमृतलालजी पावेचा परिवार भी इस पवित्र अवसर पर उपस्थित रहा।
पुण्यसम्राट की 104वीं मासिक पुण्यतिथि पर हुआ भावपूर्ण अनुष्ठान
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि इस महीने की मासिक पुण्य सप्तमी का आयोजन पुण्यसम्राट श्री की 104वीं मासिक पुण्यतिथि के अवसर पर अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर—
- पूजन
- आंगी
- पुण्य प्रसादी
- मंत्र जाप
- गुरू भक्ति स्तवन
जैसे पावन अनुष्ठान आयोजित किए गए।
यह पुण्य सप्तमी लाभ बल्लू जासूदबेन नरपतलालजी थरादवाला मुंबई द्वारा लिया गया, जो नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री नवीनभाई बल्लू हस्तेः आयोजित हुआ।
गुरुसप्तमी महोत्सव—तीन दिवसीय भव्य आयोजन की तैयारी तेज
त्रिदिवसीय गुरुसप्तमी महोत्सव के दौरान विविध धार्मिक कार्यक्रम, प्रवचन, आराधना, भक्ति संध्या और गुरूवंदना का आयोजन होगा।
गुरुसप्तमी महोत्सव आमंत्रण पत्रिका लेखन मुहूर्त सम्पन्न होते ही आयोजन समिति ने सभी समाजजनों को संदेश दिया कि आने वाले दिनों में यह महोत्सव अतुलनीय आध्यात्मिक आनंद प्रदान करेगा।
सामाजिक–धार्मिक एकता का प्रतीक बना मुहूर्त कार्यक्रम
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक उत्साह को जन्म दिया बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य भी किया।
विभिन्न शहरों—झाबुआ, राजगढ़, धार, मेघनगर और मुंबई से आए गणमान्यजनों ने इसे एक सामूहिक आध्यात्मिक उत्सव का रूप प्रदान किया।
गुरुसप्तमी महोत्सव आमंत्रण पत्रिका लेखन मुहूर्त — भविष्य के लिए प्रेरणा
जैन समाज के युवा संगठन, विशेषकर अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, लगातार समाजसेवा और धार्मिक आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
महोत्सव के आयोजक मंडल ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज को जागरूक, संगठित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता रहेगा।
