गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह में महिदपुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी जवाहर डोसी पीयूष का भव्य सम्मान किया गया। जानिए समारोह की विशेष बातें, अभिनंदन पत्र और समाज सेवा का प्रेरणादायी संदेश।
गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह में वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोसी पीयूष का सम्मान
महिदपुर। गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार एवं निःस्वार्थ समाजसेवी जवाहर डोसी पीयूष का विराट जनसमूह के मध्य बहुमान सम्मान किया गया। यह सम्मान गुरु सौभाग्य प्रकाश शांति रमणीक धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट सुखदेव नगर इंदौर द्वारा प्रदान किया गया।
यह समारोह धार्मिक, सामाजिक और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, गणमान्य नागरिक, धर्मप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण और सेवा भावना का विशेष प्रभाव दिखाई दिया।
गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह बना आकर्षण का केंद्र
गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह में समाज के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही। समारोह का उद्देश्य केवल भवन का लोकार्पण नहीं बल्कि समाज सेवा, धार्मिक चेतना और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों का सम्मान करना भी था।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाजजनों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। धार्मिक एवं सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाने में इस प्रकार के समारोहों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोसी पीयूष का हुआ बहुमान सम्मान
महिदपुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी जवाहर डोसी पीयूष को उनकी वर्षों की निःस्वार्थ पत्रकारिता, सामाजिक सेवा और मानवता के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में मंच से कहा गया कि पत्रकारिता केवल समाचारों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज को जागरूक करने और सही दिशा देने का भी माध्यम होती है। जवाहर डोसी पीयूष ने सदैव निष्पक्ष पत्रकारिता के साथ समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाई है।
अभिनंदन पत्र में लिखी गई प्रेरणादायी इबारत
सम्मान समारोह के दौरान प्रदान किए गए अभिनंदन पत्र में लिखा गया—
“श्री जवाहर डोसी पीयूष (महिदपुर)
हमारे श्री संघ के परम सौभाग्य एवं प्रबल पुण्योदय से निमाड़ सौरभ गुरुणी मैया पू. श्री रमणिक कुंवर जी (दमु) म.सा. के आशीर्वाद से प्रभु महावीर की शिक्षा के रूप में, पत्रकारिता द्वारा समाज एवं मानवता के हित में दी गई निःस्वार्थ सेवाओं, अथक परिश्रम, समर्पण के लिए हम आपको हृदय से नमन करते हैं। आपकी सेवाएं अनुकरणीय एवं वंदनीय हैं। आपकी सेवाएं केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं बल्कि मानवता की सच्ची सेवा का उदाहरण हैं। इस अवसर पर आज हम सभी आपके अमूल्य योगदान के लिए आपको सम्मानित करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और आपके उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामनाएं करते हैं।”
यह सम्मान पत्र पूरे समारोह का प्रमुख आकर्षण बना रहा।
समाज सेवा और पत्रकारिता का प्रेरणादायी उदाहरण
गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में निष्पक्ष और संवेदनशील पत्रकारिता समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
जवाहर डोसी पीयूष ने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यही कारण है कि उन्हें समाज में विशेष सम्मान प्राप्त है।
धार्मिक एवं सामाजिक एकता का संदेश
समारोह में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि जैन समाज सदैव सेवा, त्याग और मानव कल्याण के कार्यों में अग्रणी रहा है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कार, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देते हैं।
गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह ने धार्मिक चेतना के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दिया।
महिदपुर में बना गौरव का वातावरण
महिदपुर में आयोजित इस भव्य समारोह ने पूरे क्षेत्र में गौरव का वातावरण निर्मित किया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं और समाजसेवियों का सम्मान समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करता है।
समारोह में मौजूद लोगों ने जवाहर डोसी पीयूष के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, समाज सेवा का माध्यम
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता वही है जो समाज की आवाज बने। पत्रकार यदि निष्पक्षता और मानवता के साथ कार्य करे तो वह समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
जवाहर डोसी पीयूष ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाजहित के मुद्दों को सदैव प्रमुखता दी। यही कारण है कि उन्हें समाज में विशेष सम्मान और पहचान मिली।
गुरु सौभाग्य चांद शांति स्मृति जैन भवन लोकार्पण समारोह का सामाजिक महत्व
यह समारोह केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह समाज सेवा, धार्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों का उत्सव बन गया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और युवाओं को प्रेरणा प्रदान करते हैं।


